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क्या है Iran Konkur Exam जिसमें पास नहीं फेल होने पर मिलती है आर्मी में नौकरी, जानें

 ईरान में इन दिनों एक ऐसी परीक्षा को लेकर छात्रों में भारी दहशत है, जहां असफलता का अर्थ सिर्फ साल बर्बाद होना नहीं, बल्कि जान जोखिम में डालना है, हम बात कर रहे हैं ईरान की नेशनल यूनिवर्सिटी एंट्रेंस परीक्षा यानी कोंकूर (Konkur) की हालिया युद्ध के हालातों के बीच, इस परीक्षा में फेल होने का सीधा मतलब है अनिवार्य सैन्य सेवा (Compulsory Military Service) के लिए बुलावा आना

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क्या है Iran Konkur Exam जिसमें पास नहीं फेल होने पर मिलती है आर्मी में नौकरी, जानें
क्या है Iran Konkur Exam जिसमें पास नहीं फेल होने पर मिलती है आर्मी में नौकरी, जानें

 ईरान में इन दिनों एक ऐसी परीक्षा को लेकर छात्रों में भारी दहशत है, जहां असफलता का अर्थ सिर्फ साल बर्बाद होना नहीं, बल्कि जान जोखिम में डालना है, हम बात कर रहे हैं ईरान की नेशनल यूनिवर्सिटी एंट्रेंस परीक्षा यानी कोंकूर (Konkur) की हालिया युद्ध के हालातों के बीच, इस परीक्षा में फेल होने का सीधा मतलब है अनिवार्य सैन्य सेवा (Compulsory Military Service) के लिए बुलावा आना। 

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परीक्षा नहीं, ‘बॉर्डर’ से बचने का सुरक्षा कवच

ईरान के कड़े कानूनों के मुताबिक, 18 साल की उम्र पूरी करने वाले हर पुरुष के लिए 18 से 24 महीने तक सेना में सेवा देना अनिवार्य है, इससे बचने का एकमात्र रास्ता उच्च शिक्षा (यूनिवर्सिटी) में दाखिला लेना है, यदि छात्र ‘कोंकूर’ पास कर लेता है, तो उसकी सैन्य सेवा पढ़ाई पूरी होने तक टाल दी जाती है। इसी कारण छात्र इसे महज एक एग्जाम नहीं, बल्कि ‘बॉर्डर से बचने का टिकट’ मानते हैं।

बंकरों में बैठकर तैयारी, आसमान से बरसती मिसाइलें

वर्तमान में ईरान और इजरायल के बीच जारी तनाव के कारण देश के कई हिस्सों में स्कूल-कॉलेज बंद हैं, रिपोर्ट्स के मुताबिक, छात्र हवाई हमलों के सायरन और मिसाइलों के साये में बंकरों और बेसमेंट में बैठकर इस कठिन परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, उनके मन में डर है कि अगर इस बार चूके, तो ग्रेजुएशन की डिग्री के बजाय हाथ में बंदूक और बदन पर फौजी वर्दी होगी। 

दुनिया की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक

  • लंबी अवधि: भारत में जहां प्रवेश परीक्षाएं आमतौर पर 3 घंटे की होती हैं, वहीं कोंकूर लगातार साढ़े 4 घंटे तक चलती है।
  • कठिन सिलेबस: इसमें विज्ञान और गणित के साथ-साथ फारसी साहित्य, अरबी और धार्मिक (मजहबी) विषयों का गहरा ज्ञान अनिवार्य है।
  • सीमित विकल्प: ईरान में प्राइवेट कॉलेजों के विकल्प सीमित होने के कारण अच्छी रैंक न आने का मतलब है अपने करियर को हमेशा के लिए खो देना और सेना में भर्ती होना।

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फेल होने पर छिन जाते हैं कई अधिकार 

ईरान में जो पुरुष सैन्य सेवा पूरी नहीं करते या परीक्षा में फेल होकर सेना में नहीं जाते, उन्हें कई नागरिक अधिकारों से वंचित कर दिया जाता है, वे न तो सरकारी नौकरी पा सकते हैं, न ही उनका हेल्थ इंश्योरेंस होता है और न ही वे विदेश यात्रा के लिए पासपोर्ट बनवा सकते हैं। 

मौजूदा वैश्विक हालातों को देखते हुए, इस साल की ‘कोंकूर’ परीक्षा ईरानी युवाओं के लिए उनके जीवन की सबसे बड़ी और निर्णायक लड़ाई बन गई है।

Iran Konkur Exam
Author
info@nitap.in

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