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गैस सब्सिडी का पैसा खाते में नहीं आया? मोबाइल से यहाँ करें सीधी शिकायत, रुका हुआ पैसा भी मिलने लगेगा वापस

मोबाइल से 2 मिनट में शिकायत करो, रुका पैसा तुरंत वापस आ जाएगा! सरकारी हेल्पलाइन से घर बैठे समस्या सुलझाओ।

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देशभर की लाखों महिलाओं के लिए प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना एक बड़ा सहारा बनी हुई है। इस योजना के तहत रसोई गैस सिलेंडर पर मिलने वाली सब्सिडी सीधे बैंक खाते में आने वाली है, लेकिन कई बार यह पैसा समय पर नहीं पहुंचता। महीनों इंतजार के बाद भी खाते में कुछ न दिखे तो परिवार का बजट बिगड़ जाता है। अच्छी बात यह है कि अब मोबाइल फोन से ही शिकायत दर्ज कर आप रुका हुआ पैसा वापस पा सकते हैं। सरकारी डिजिटल तंत्र इतना मजबूत हो चुका है कि ज्यादातर मामले 48 घंटों में सुलझ जाते हैं।

गैस सब्सिडी का पैसा खाते में नहीं आया? मोबाइल से यहाँ करें सीधी शिकायत, रुका हुआ पैसा भी मिलने लगेगा वापस

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की शुरुआत 2016 में हुई थी। इसका मकसद गरीब परिवारों को साफ रसोई गैस उपलब्ध कराना था। योजना के पहले चरण में करोड़ों मुफ्त कनेक्शन बांटे गए। बाद में उज्ज्वला 2.0 लॉन्च हुई, जिसमें और ज्यादा परिवार शामिल किए गए। हर सिलेंडर रिफिल पर करीब 200 से 300 रुपये की सब्सिडी मिलती है। यह राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर यानी डीबीटी के जरिए खाते में आती है। लेकिन अगर आपकी सालाना कमाई 10 लाख रुपये से ज्यादा है, तो यह सुविधा बंद हो सकती है। पंजाब जैसे राज्यों में ग्रामीण इलाकों की महिलाएं इस योजना से सबसे ज्यादा लाभान्वित हो रही हैं।

सब्सिडी न आने की मुख्य वजहें क्या हैं?

कई बार तकनीकी गड़बड़ी या छोटी सी चूक से सब्सिडी अटक जाती है। सबसे आम समस्या आधार कार्ड का बैंक खाते से लिंक न होना है। अगर ई-के वाईसी पूरा नहीं हुआ, तो पैसा नहीं आता। गलत आईएफएससी कोड, निष्क्रिय बैंक खाता या गैस कनेक्शन का डीबीटी से लिंक न होना भी बड़ी परेशानी पैदा करता है। मोबाइल नंबर अपडेट न होने पर भी मैसेज और अपडेट रुक जाते हैं। कई बार डिस्ट्रीब्यूटर की गलती से रिफिल का बिल सही दर्ज नहीं होता। इनमें से ज्यादातर मुद्दे आसानी से ठीक हो जाते हैं, बशर्ते आप सही तरीके से शिकायत करें।

मोबाइल से शिकायत दर्ज करने का आसान तरीका

सबसे पहले एमएलपीजी ऐप डाउनलोड करें या डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डॉट मायएलपीजी डॉट आईएन पर जाएं। अपना गैस प्रदाता चुनें, जैसे एचपी, इंडेन या भारत गैस। लॉगिन करने के लिए रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर या कंज्यूमर आईडी इस्तेमाल करें। वहां एलपीजी सब्सिडी नॉट रिसीव्ड या ऑनलाइन फीडबैक का विकल्प मिलेगा। समस्या का विवरण भरें और सबमिट करें। कुछ ही घंटों में एसएमएस से अपडेट शुरू हो जाएगा। अगर ऐप से न हो पाए, तो टोल फ्री नंबर 1800-2333-555 पर कॉल करें। चार दिन इंतजार करें, फिर कॉल करें ताकि सिस्टम पहले चेक हो सके। ग्राहक सेवा अधिकारी तुरंत कार्रवाई करेंगे।

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स्टेटस चेक करें और सावधानियां बरतें

शिकायत के बाद वेबसाइट या ऐप पर स्टेटस जरूर देखें। कंप्लेंट नंबर सेव रखें। हमेशा आधार को बैंक से लिंक रखें और ई-के वाईसी अपडेट करते रहें। बैंक डिटेल्स सही होने पर ही सब्सिडी सुचारू रूप से आती है। अगर डिस्ट्रीब्यूटर ज्यादा पैसे ले रहा हो, तो अलग से शिकायत पोर्टल पर दर्ज करें। सरकार ने डिजिटल शिकायतों को तेजी से निपटाने का लक्ष्य रखा है। पंजाब की एक महिला रीता देवी ने बताया कि तीन महीने से अटकी सब्सिडी दो दिनों में उनके खाते में आ गई। ऐसे हजारों उदाहरण हैं जो साबित करते हैं कि जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार है।

योजना का भविष्य और उपभोक्ता जागरूकता

सरकार लगातार योजना को मजबूत कर रही है। 2026 तक सभी शिकायतें 24 घंटे में सुलझाने का वादा है। उज्ज्वला ने न सिर्फ धुएं से मुक्ति दी, बल्कि महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण भी प्रदान किया। अगर आपका पैसा रुका है, तो आज ही कदम उठाएं। सही जानकारी और सतर्कता से हर समस्या का हल संभव है। यह न केवल पैसे की बचत है, बल्कि परिवार की सेहत का भी ध्यान रखना है।

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info@nitap.in

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