
फरवरी 2026 के मध्य में चांदी की कीमतों में जोरदार तेजी देखी जा रही है। बाजार खुलते ही एमसीएक्स पर चांदी ₹2,500 से अधिक उछलकर ₹2.43 लाख प्रति किलो पर ट्रेड कर रही है। हालांकि, यह अभी भी 29 जनवरी 2026 को बने अपने ऐतिहासिक उच्चतम स्तर ₹4,20,048 प्रति किलो से लगभग ₹1.75 लाख अधिक सस्ती बनी हुई है। हालिया गिरावट के बाद कीमतें ₹2.30 लाख से ₹2.55 लाख के दायरे में अस्थिर हैं, जो निवेशकों के लिए आकर्षक अवसर पैदा कर रही हैं।
Table of Contents
ऐतिहासिक तेजी और गिरावट का सफर
जनवरी 2026 में चांदी ने रिकॉर्ड तोड़े। महीने की शुरुआत ₹2.38 लाख से हुई और 29 जनवरी को ₹4.10 लाख से ₹4.20 लाख तक पहुंच गई, यानी 47% की जबरदस्त तेजी। यह उछाल औद्योगिक मांग, चीन की एक्सपोर्ट पाबंदियों और ग्लोबल शॉर्टेज से प्रेरित था। लेकिन फरवरी में भू-राजनीतिक तनाव कम होने, प्रॉफिट बुकिंग और MCX के एक्स्ट्रा मार्जिन हटाने से कीमतें लुढ़क गईं। 1 फरवरी को ₹3.50 लाख से गिरकर 18 फरवरी को ₹2.55 लाख छू लिया, लेकिन अब रिकवरी हो रही है।
दिल्ली सहित प्रमुख शहरों में 20 फरवरी को प्रति 10 ग्राम चांदी ₹2,700 (₹2.70 लाख/किलो) पर पहुंची, जो कल से ₹150 ऊपर है। फरवरी में कुल -22.86% गिरावट आई, लेकिन आज 1% से अधिक की तेजी ने बाजार को हिला दिया।
सोने की स्थिति: समान उतार-चढ़ाव
चांदी के साथ सोना भी गिरावट से उबर रहा है। 24-कैरेट सोना अपने पीक ₹1.93 लाख/10 ग्राम से ₹37,000-₹40,000 सस्ता होकर ₹1.55-₹1.56 लाख पर ट्रेड कर रहा। दिल्ली में आज ₹1,56,650/10 ग्राम का भाव है। एमसीएक्स पर सोना ₹500 महंगा हुआ। दोनों धातुओं में सेफ-हेवन डिमांड बनी हुई है।
| धातु | ऑल-टाइम हाई | आज का भाव (20 फरवरी) | अंतर |
|---|---|---|---|
| चांदी (किलो) | ₹4,20,048 (29 जनवरी) | ₹2,70,000 | ₹1.50 लाख+ |
| सोना (10g) | ₹1.93 लाख | ₹1.56 लाख | ₹37,000+ |
बाजार के पीछे के कारण
विशेषज्ञों का कहना है कि तेजी सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक वाहन और इलेक्ट्रॉनिक्स में चांदी की बढ़ती खपत से है। ग्लोबल स्तर पर सप्लाई चेन डिसरप्शन और अमेरिकी टैरिफ ने दबाव बढ़ाया। गिरावट प्रॉफिट टेकिंग और डॉलर की मजबूती से आई। दिल्ली के सर्राफा व्यापारी एस.के. गुप्ता कहते हैं, “निचले स्तर खरीदारी का मौका हैं, लॉन्ग-टर्म बुलिश ट्रेंड बरकरार।”
निवेशकों के लिए सलाह
एंजल वन जैसे ब्रोकरों के अनुसार, चांदी ₹2.65 लाख पर स्थिर हो सकती है। मोटिलाल ओसवाल ने 2026 के लिए ₹2.4-₹3.2 लाख का टारगेट दिया। निवेशक MCX फ्यूचर्स या ETF चुनें, लेकिन वोलेटिलिटी का ध्यान रखें। जियोपॉलिटिकल टेंशन बढ़ने पर नई तेजी संभव।
















