सरकारी नौकरी पाने की होड़ में लाखों युवा रेलवे और बैंकिंग क्षेत्र की ओर रुख करते हैं। हर साल परीक्षाओं की तैयारी में जुटे अभ्यर्थी यही सवाल पूछते हैं कि आखिर इन दोनों में से कौन सा विभाग सबसे ज्यादा अवसर देता है। ताजा आंकड़ों से साफ होता है कि भारतीय रेलवे बैंकिंग को मीलों पीछे छोड़ते हुए शीर्ष पर काबिज है। देश भर में फैले इसके विशाल नेटवर्क में करोड़ों यात्रियों की सेवा के साथ ही लाखों कर्मचारियों को स्थायी रोजगार मिला हुआ है।

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रेलवे का दबदबा क्यों?
भारतीय रेलवे दुनिया के सबसे बड़े नियोक्ताओं में शुमार है। इसमें करीब 12.5 लाख नियमित कर्मचारी कार्यरत हैं। पिछले दस सालों में यहां 5 लाख से ज्यादा नौकरियां दी गईं। हाल ही के वर्षों में ग्रुप डी, एनटीपीसी और अपरेंटिस जैसी भर्तियों ने युवाओं को खूब आकर्षित किया। अभी भी लाखों पद खाली हैं, जिनकी प्रक्रिया चल रही है। आने वाले समय में 70 हजार से अधिक नई वैकेंसी की उम्मीद है। रेलवे की खासियत यह है कि ग्रामीण इलाकों में भी भर्तियां होती हैं, जिससे दूरदराज के युवाओं को मौका मिलता है। कर्मचारियों को पेंशन, मेडिकल सुविधाएं और आवास भत्ता जैसी गारंटीड लाभ मिलते हैं।
बैंकिंग क्षेत्र की हकीकत
दूसरी ओर पब्लिक सेक्टर बैंकों में कुल स्टाफ की संख्या 7.5 लाख के आसपास है। बड़े बैंकों जैसे एसबीआई में ढाई लाख और अन्य में लाख भर कर्मचारी हैं। वर्तमान वित्तीय वर्ष में करीब 50 हजार भर्तियां लक्ष्य रखी गई हैं। पीओ, क्लर्क और विशेषज्ञ पदों पर नियुक्तियां होती हैं। हालांकि कई बैंकों में अभी भी हजारों पद रिक्त हैं। बैंकिंग जॉब्स आकर्षक सैलरी देती हैं, खासकर अधिकारी स्तर पर जहां मासिक आय 70 से 80 हजार रुपये तक हो सकती है। लेकिन यहां काम का दबाव ज्यादा रहता है, टारगेट पूरा करने पड़ते हैं और ट्रांसफर की चिंता बनी रहती है।
कौन सी नौकरी ज्यादा बेहतर?
रोजगार के मौकों की बात करें तो रेलवे साफ तौर पर आगे है। इसकी कुल क्षमता बैंकिंग से दोगुनी से भी ज्यादा है। रेलवे में वर्कलाइफ बैलेंस बेहतर होता है, जबकि बैंकिंग में प्रमोशन की रफ्तार तेज है। ग्रामीण बैंक पीओ जैसी नौकरियां स्थानीय स्तर पर रहने का मौका देती हैं, लेकिन शहरी पोस्टिंग में चुनौतियां ज्यादा। रेलवे में गणित, तर्कशक्ति और सामान्य ज्ञान पर फोकस रहता है, वहीं बैंकिंग परीक्षाओं में अंग्रेजी और कंप्यूटर ज्ञान जरूरी होता है। दोनों ही क्षेत्रों में ग्रेजुएशन पर्याप्त योग्यता है, लेकिन आयु सीमा और आरक्षण नियमों का ध्यान रखना पड़ता है।
भविष्य की संभावनाएं
आगामी बजट में रेलवे को भारी फंडिंग मिलने से नई परियोजनाएं शुरू होंगी, जिसका असर भर्तियों पर पड़ेगा। हाई स्पीड कॉरिडोर और नेटवर्क विस्तार से तकनीकी पदों पर अवसर बढ़ेंगे। बैंकिंग में डिजिटल बैंकिंग के चलते विशेषज्ञता वाले रोल्स बढ़ रहे हैं। युवाओं को सलाह है कि अपनी रुचि और क्षमता के हिसाब से तैयारी चुनें। आधिकारिक वेबसाइट्स पर नोटिफिकेशन चेक करते रहें। सरकारी नौकरी का सपना कोई दूर की कौड़ी नहीं, बस मेहनत और सही दिशा चाहिए।
















