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सत्तू का सेवन करने का सही तरीका क्या है? इन 6 स्टेप्स को फॉलो करें और भूल जाएं पेट की हर समस्या; सेहत भी, स्वाद भी

सत्तू खाएं, कब्ज-गैस भूलें। 6 आसान स्टेप्स, ठंडे पानी में सत्तू घोलें, नमक-जीरा-पुदीना-नींबू मिलाकर फेंटें। सुबह खाली पेट पिएं। फाइबर से पाचन मजबूत, सेहत और स्वाद दोनों।

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आजकल भागदौड़ भरी जिंदगी में पेट संबंधी दिक्कतें आम हो गई हैं। कब्ज, गैस, ब्लोटिंग और अपच जैसी समस्याएं न सिर्फ दिनचर्या बिगाड़ती हैं, बल्कि थकान और कमजोरी भी पैदा करती हैं। लेकिन एक साधारण देसी नुस्खा इन सबका स्थायी हल दे सकता है। जी हां, हम बात कर रहे हैं सत्तू की। भुने चनों से बना यह पौष्टिक आटा न केवल पाचन को मजबूत बनाता है, बल्कि शरीर को ऊर्जा से भर देता है। गर्मी के मौसम में तो यह पेट को ठंडक देकर डिहाइड्रेशन से भी बचाता है।

सत्तू का सेवन करने का सही तरीका क्या है? इन 6 स्टेप्स को फॉलो करें और भूल जाएं पेट की हर समस्या; सेहत भी, स्वाद भी

सत्तू के चमत्कारी फायदे

सत्तू प्रोटीन, फाइबर और जरूरी खनिजों का बेहतरीन स्रोत है। इसमें मौजूद घुलनशील फाइबर आंतों को साफ रखता है और विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालता है। नियमित सेवन से कब्ज दूर होता है, एसिडिटी और गैस की शिकायत कम हो जाती है। यह मेटाबॉलिज्म को तेज करके वजन नियंत्रण में मदद करता है। गर्मियों में सत्तू पीने से शरीर हाइड्रेटेड रहता है और पेट में बनी जलन तुरंत शांत हो जाती है। ऊर्जा स्तर बढ़ाने के साथ यह त्वचा और बालों के लिए भी फायदेमंद साबित होता है।

सही तरीके से सत्तू कैसे बनाएं और पिएं

सत्तू का असर तभी होता है जब इसे सही विधि से तैयार किया जाए। सबसे पहले घर पर ताजा सत्तू बनाएं। चने हल्का भूनकर पीस लें। अब आइए जानते हैं पेट साफ करने वाले शरबत के 6 आसान स्टेप्स।

6 स्टेप्स में तैयार करें जादुई शरबत

सुबह खाली पेट 1 गिलास ठंडे पानी लें। इसमें 2 से 3 चम्मच सत्तू अच्छे से मिलाएं, कोई गांठ न रहे। आधा चम्मच काला नमक, भुना जीरा पाउडर और थोड़ा सा सादा नमक डालें। बारीक कटा प्याज, हरी मिर्च, ताजा पुदीना पत्तियां, धनिया और आधा नींबू का रस मिलाएं। मिश्रण को 2 से 3 मिनट तक फेंटें ताकि सारे स्वाद घुल जाएं। छोटे छोटे घूंट लेकर धीरे धीरे पिएं। रोजाना सिर्फ 1 गिलास ही लें और दिन भर खूब पानी पिएं।

मीठा शरबत और अन्य उपयोग

नमकीन शरबत नापसंद हो तो मीठा वर्जन ट्राई करें। गुड़ या शहद मिलाकर बनाएं, लेकिन डायबिटीज वाले बिना चीनी लें। व्यायाम के बाद या दोपहर में भी यह बूस्टर की तरह काम करता है। पराठे की परत या लड्डू बनाकर भी खाएं।

सावधानियां बरतें

ज्यादा मात्रा से गैस या अपच हो सकता है। किडनी की समस्या या एलर्जी हो तो डॉक्टर से पूछें। बच्चों और बुजुर्गों के लिए कम मात्रा से शुरू करें। ताजा सामग्री ही इस्तेमाल करें।

सत्तू जैसा सस्ता और असरदार सुपरफूड मिलना मुश्किल है। इसे डाइट में शामिल कर पेट की 90 प्रतिशत परेशानियां भूल जाएं। स्वस्थ रहें, स्वादिष्ट खाएं।

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info@nitap.in

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