
वर्तमान समय में जहाँ नौकरी का बाज़ार चुनौतियों से भरा है, वहीं स्वरोजगार (Self-employment) के नए रास्ते युवाओं के लिए उम्मीद की किरण बनकर उभरे हैं, अब आपको बड़ी डिग्री या करोड़ों के निवेश की ज़रूरत नहीं है, विशेषज्ञों के अनुसार, बाज़ार में ऐसी कई ‘स्मॉल स्केल’ मशीनें उपलब्ध हैं जिन्हें आप घर के एक छोटे से हिस्से में लगाकर अपना बिजनेस शुरू कर सकते हैं और महीने का ₹40,000 तक आसानी से कमा सकते हैं।
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पेपर प्लेट और कप मेकिंग मशीन
पर्यावरण संरक्षण और प्लास्टिक बैन के कारण डिस्पोजेबल पेपर प्लेट्स की डिमांड काफी बढ़ गई है, शादी-ब्याह से लेकर स्ट्रीट फूड तक, इनका इस्तेमाल हर जगह होता है, Indiamart जैसे प्लेटफॉर्म पर मात्र ₹30,000 से ₹60,000 की रेंज में ऑटोमैटिक मशीनें उपलब्ध हैं।
शुद्ध मसाला पिसाई यूनिट
मिलावट के डर से लोग आजकल पैक किए हुए ब्रांडेड मसालों के बजाय स्थानीय स्तर पर पिसे हुए शुद्ध मसालों को प्राथमिकता दे रहे हैं, छोटी ग्राइंडर मशीन लगाकर आप हल्दी, धनिया और मिर्च का बिजनेस शुरू कर सकते हैं। इसकी मार्केटिंग आप सीधे किराना स्टोर या ऑनलाइन भी कर सकते हैं।
अगरबत्ती बनाने की मशीन
भारत एक धार्मिक प्रधान देश है, जहाँ अगरबत्ती की खपत बारह महीने रहती है। ₹25,000 से शुरू होने वाली इस छोटी मशीन को चलाना बेहद आसान है। थोड़े से प्रशिक्षण के साथ आप घर बैठे फिनिश्ड गुड्स तैयार कर सकते हैं।
नूडल्स (चाऊमीन) मेकिंग मशीन
फास्ट फूड इंडस्ट्री भारत में सबसे तेज़ी से बढ़ने वाले सेक्टरों में से एक है। ताज़ा नूडल्स की मांग छोटे शहरों से लेकर बड़े शहरों तक है, इस मशीन के जरिए आप मैदा और आटे से नूडल्स बनाकर स्थानीय होटलों और रेहड़ी वालों को सप्लाई कर सकते हैं।
कॉटन विक (रुई की बत्ती) मशीन
पूजा के लिए इस्तेमाल होने वाली रुई की बत्तियों का बिजनेस कम निवेश और अधिक मुनाफे वाला सौदा है। इसकी सेमी-ऑटोमैटिक मशीन काफी सस्ती आती है और इसे आप टीवी देखते हुए भी ऑपरेट कर सकते हैं।
हवाई चप्पल बनाने की मशीन
फुटवियर सेक्टर कभी बंद न होने वाला बिजनेस है। स्लीपर मेकिंग मशीन की मदद से आप अलग-अलग डिज़ाइन और साइज़ की चप्पलें तैयार कर सकते है, रॉ मटेरियल के लिए आप Flipkart या थोक विक्रेताओं से संपर्क कर सकते हैं।
पशु आहार (कैटल फीड) मेकिंग मशीन
ग्रामीण इलाकों में यह बिजनेस किसी जैकपॉट से कम नहीं है। छोटी पेलेट बनाने वाली मशीन से आप पौष्टिक पशु आहार तैयार कर सकते हैं, जिसकी मांग डेयरी फार्म संचालकों के बीच हमेशा बनी रहती है।
मुनाफे का गणित और सरकार की मदद
इन बिजनेस को शुरू करने के लिए भारत सरकार की PMEGP योजना के तहत सब्सिडी और आसान लोन की सुविधा भी मिलती है, शुरुआत में कड़ी मेहनत और सही मार्केटिंग के जरिए ₹40,000 की मासिक आय का लक्ष्य आसानी से प्राप्त किया जा सकता है।
















