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CBSE बोर्ड परीक्षा टली! मिडिल ईस्ट के हजारों छात्रों को बड़ा झटका, अब इस दिन होगा एग्जाम; देखें रिवाइज्ड डेटशीट

मिडिल ईस्ट में तनाव के कारण CBSE ने 10वीं-12वीं परीक्षाएं स्थगित कीं। 2, 5-6 मार्च के पेपर टले; यूएई, सऊदी आदि 7 देश प्रभावित। हजारों छात्र चिंतित, नई तारीखें जल्द। सुरक्षा पहली, 5 मार्च को समीक्षा।

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मिडिल ईस्ट क्षेत्र में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के चलते केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने 10वीं और 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं को स्थगित करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। पहले 2 मार्च को निर्धारित परीक्षाएं टलने के बाद अब 5 और 6 मार्च की परीक्षाओं को भी आगे की सूचना तक रोक दिया गया है। यूएई, सऊदी अरब, कतर, बहरीन, कुवैत, ओमान और ईरान जैसे सात देशों में पढ़ने वाले हजारों भारतीय छात्र इस बदलाव से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। बोर्ड ने छात्रों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह कदम उठाया है, और नई तारीखों की घोषणा का भरोसा दिलाया है।

CBSE बोर्ड परीक्षा टली! मिडिल ईस्ट के हजारों छात्रों को बड़ा झटका, अब इस दिन होगा एग्जाम; देखें रिवाइज्ड डेटशीट

स्थगन का क्रम और कारण

यह स्थगन अचानक नहीं हुआ। 1 मार्च को जारी बोर्ड के नोटिस के बाद 2 मार्च की परीक्षाएं स्थगित कर दी गईं। इसके तुरंत बाद 5-6 मार्च की परीक्षाओं पर भी रोक लगा दी गई। क्षेत्र में अमेरिका-इजराइल-ईरान के बीच तनाव चरम पर है, जिसके कारण हवाई यात्राएं सीमित हो गई हैं और परीक्षा केंद्रों तक पहुंचना मुश्किल हो गया है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि 5 मार्च को स्थिति की गहन समीक्षा के बाद 7 मार्च से आगे की परीक्षाओं पर अंतिम फैसला लिया जाएगा। इन देशों में सीबीएसई से संबद्ध सैकड़ों स्कूल हैं, जहां 50,000 से अधिक छात्र परीक्षा की तैयारी में जुटे थे।

प्रभावित छात्रों की संख्या और चुनौतियां

मिडिल ईस्ट में रहने वाले भारतीय प्रवासी परिवारों के लिए यह खबर गहरी चिंता का विषय बनी हुई है। दुबई, अबू धाबी, रियाद और दोहा जैसे शहरों के स्कूलों में छात्रों की संख्या सबसे ज्यादा है। एक छात्र ने बताया कि पूरी तैयारी के बावजूद अब पढ़ाई का मन नहीं लग रहा। अभिभावक परेशान हैं क्योंकि अनिश्चितता से बच्चों का भविष्य खतरे में नजर आ रहा है। यात्रा प्रतिबंधों के कारण कई छात्र अपने मूल परीक्षा केंद्रों तक नहीं पहुंच पा रहे, जबकि कुछ ने वैकल्पिक व्यवस्था की उम्मीद लगाए हैं।

बोर्ड की ओर से निर्देश और अपील

सीबीएसई ने छात्रों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक वेबसाइट और स्कूलों के माध्यम से अपडेट लें। सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों और फर्जी नोटिसों से बचने की सलाह दी गई है। बोर्ड का कहना है कि वैकल्पिक तारीखें जल्द तय की जाएंगी, और सभी प्रभावित स्कूलों को अलग से सूचित किया जाएगा। छात्रों का मनोबल ऊंचा रखने पर जोर देते हुए बोर्ड ने कहा है कि यह बदलाव उनकी भलाई के लिए ही किया गया है। भारत और अन्य क्षेत्रों में परीक्षाएं सामान्य रूप से चल रही हैं, जो इस फैसले को क्षेत्र-विशेष तक सीमित रखता है।

शिक्षा विशेषज्ञों की राय

शिक्षाविदों का मानना है कि यह निर्णय पूरी तरह उचित है। अस्थिर स्थिति में परीक्षा आयोजित करना छात्रों के लिए जोखिम भरा साबित होता। एक वरिष्ठ प्रोफेसर ने कहा कि इस दौरान छात्र अतिरिक्त तैयारी कर सकते हैं, जो उनके प्रदर्शन को बेहतर बनाएगा। अभिभावक संगठनों ने केंद्र सरकार से त्वरित हस्तक्षेप की मांग की है ताकि छात्रों का मानसिक तनाव कम हो। पिछले वर्षों में भी बोर्ड ने आपात स्थिति में डेटशीट बदली है, लेकिन इतने बड़े पैमाने पर स्थगन दुर्लभ है।

आगे की राह और उम्मीद

अब सभी की नजरें बोर्ड की अगली घोषणा पर हैं। क्या 7 मार्च से परीक्षाएं पटरी पर लौटेंगी, या और विस्तार होगा? छात्र इस सवालों से जूझ रहे हैं। फिलहाल शांति बनाए रखें, आधिकारिक सूत्रों पर भरोसा करें। यह चुनौतीपूर्ण समय है, लेकिन बोर्ड का सहयोग छात्रों को सफलता दिलाएगा। परीक्षा जीवन का अंत नहीं, बल्कि नई शुरुआत का द्वार है।

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info@nitap.in

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