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FD का जमाना गया! अब ‘कॉरपोरेट बॉन्ड्स’ से होगी 52% ज्यादा कमाई; जानें निवेश का वो गणित जो बैंक से ज्यादा देगा रिटर्न

बैंक FD का दौर खत्म! कॉरपोरेट बॉन्ड्स से 52% ज्यादा रिटर्न (8-14%) पाएं। एफडी के 6-7.5% से कहीं आगे, लेकिन क्रेडिट रिस्क जांचें। ₹1 लाख पर सालाना ₹8,000 ब्याज। स्मार्ट निवेश का नया गणित समझें।

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बैंक की फिक्स्ड डिपॉजिट अब पुरानी हो चुकी है। पहले जहां 6 से 7.5 प्रतिशत का रिटर्न मिलता था, अब निवेशक कॉरपोरेट बॉन्ड्स की ओर रुख कर रहे हैं। ये बॉन्ड्स 8 से 14 प्रतिशत तक की कमाई का वादा करते हैं, जो एफडी से 52 प्रतिशत ज्यादा है। लेकिन यह मौका हर किसी के लिए आसान नहीं। आइए जानें इस नए निवेश के पीछे का पूरा गणित।

FD का जमाना गया! अब 'कॉरपोरेट बॉन्ड्स' से होगी 52% ज्यादा कमाई; जानें निवेश का वो गणित जो बैंक से ज्यादा देगा रिटर्न

कॉरपोरेट बॉन्ड्स कंपनियों के उधार पत्र होते हैं। निवेशक कंपनी को पैसा देते हैं और बदले में हर साल ब्याज व मैच्योरिटी पर मूल राशि पाते हैं। न्यूनतम निवेश अब घटकर 10 हजार रुपये रह गया है। बाजार तेजी से बढ़ा है और छोटे निवेशकों के लिए द्वार खुल गए हैं।

एफडी के मुकाबले कॉरपोरेट बॉन्ड्स

दोनों के बीच फर्क साफ है। एफडी सुरक्षित है, लेकिन रिटर्न कम। कॉरपोरेट बॉन्ड्स ज्यादा कमाई देते हैं, मगर सावधानी जरूरी।

पैरामीटरएफडीकॉरपोरेट बॉन्ड्स
रिटर्न6-7.5 प्रतिशत8-14 प्रतिशत
जोखिमबहुत कममध्यम
लिक्विडिटीआसानबाजार पर निर्भर
टैक्सब्याज परब्याज और लाभ पर

मान लीजिए एफडी 7 प्रतिशत देती है। बॉन्ड्स 10.64 प्रतिशत तक पहुंचा सकते हैं। 1 लाख रुपये का उदाहरण लें। 8 प्रतिशत ब्याज वाले 5 साल के बॉन्ड पर सालाना 8 हजार रुपये मिलेंगे। अगर कुल उपज 10 प्रतिशत हो, तो एफडी से 43 प्रतिशत ज्यादा फायदा। लंबे समय के लिए 5 लाख को 1 से 5 साल के बॉन्ड्स में बांटें। इससे उतार चढ़ाव से बचाव होता है। ब्याज को दोबारा लगाएं तो कमाई और बढ़ेगी।

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बड़े फायदे जो आकर्षित कर रहे

उच्च रिटर्न मुद्रास्फीति को आसानी से मात देता है। विविधीकरण आसान है। कुछ मामलों में टैक्स लाभ भी मिलता है। बड़ी कंपनियों के बॉन्ड सबसे भरोसेमंद होते हैं। निचले स्तर के 12-14 प्रतिशत तक देते हैं, लेकिन सतर्क रहें।

संभावित नुकसान और बचाव

कंपनी भुगतान न करे तो नुकसान। ब्याज दरें बदलें तो मूल्य प्रभावित होता है। निकासी मुश्किल हो सकती है। रेटिंग हमेशा जांचें। नौसिखियों को सलाहकार से बात करनी चाहिए।

शुरू कैसे करें निवेश?

डिमैट खाता खोलें। स्टॉक एक्सचेंज पर बॉन्ड चुनें। मैच्योरिटी और उपज देखें। फंड्स के जरिए भी लगाएं। पोर्टफोलियो का 20-30 प्रतिशत हिस्सा रखें।

विशेषज्ञों का मानना है कि 2026 में यह एफडी से बेहतर विकल्प है। देहरादून जैसे शहरों में जागरूकता बढ़ रही है। स्मार्ट निवेशक अब गणित समझकर कदम उठा रहे हैं। ज्यादा कमाई का रास्ता खुला है, बस तैयारी जरूरी।

Author
info@nitap.in

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