
खगोलीय घटनाओं में रुचि रखने वालों के लिए साल 2026 बेहद खास रहने वाला है 3 मार्च 2026 को हुए साल के पहले पूर्ण चंद्र ग्रहण के बाद, अब दुनिया साल के दूसरे चंद्र ग्रहण की गवाह बनेगी 28 अगस्त 2026 को लगने वाला यह ग्रहण एक आंशिक चंद्र ग्रहण (Partial Lunar Eclipse) होगा, हालांकि, भारतीय स्काईवॉचर्स के लिए एक महत्वपूर्ण जानकारी यह है कि यह ग्रहण भारत में दृश्यमान नहीं होगा।
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भारत में दृश्यता और समय (Visibility in India)
वैज्ञानिक गणनाओं के अनुसार, 28 अगस्त 2026 का चंद्र ग्रहण मुख्य रूप से उत्तरी और दक्षिणी अमेरिका, यूरोप और अफ्रीका के कुछ हिस्सों में दिखाई देगा।
- भारत में स्थिति: चूँकि यह ग्रहण भारतीय क्षितिज पर चंद्रमा के उदय होने से पहले ही समाप्त हो जाएगा, इसलिए इसे भारत के किसी भी शहर (दिल्ली, मुंबई, कोलकाता या बेंगलुरु) से नहीं देखा जा सकेगा।
- अगला अवसर: भारत में अब अगला चंद्र ग्रहण 6 जुलाई 2028 को देखा जा सकेगा, जो कि एक आंशिक ग्रहण होगा।
क्या लगेगा सूतक काल? (Sutak Kaal Details)
धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, सूतक काल केवल वहीं प्रभावी माना जाता है जहाँ ग्रहण भौतिक रुप से दिखाई देता है।
- सूतक का प्रभाव: चूंकि 28 अगस्त का ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए देश में इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा।
- मंदिरों के कपाट बंद नहीं होंगे और न ही शुभ कार्यों पर कोई पाबंदी रहेगी।
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वैश्विक समय सारणी (Global Timings – IST के अनुसार)
भले ही भारत में यह अदृश्य रहे, लेकिन वैश्विक स्तर पर इसकी टाइमिंग इस प्रकार रहेगी:
- आंशिक ग्रहण की शुरुआत: 28 अगस्त, दोपहर लगभग 02:33 बजे (UTC समय के अनुसार)।
- अधिकतम ग्रहण (Maximum Eclipse): शाम 04:12 बजे, जब चंद्रमा का लगभग 96% हिस्सा पृथ्वी की छाया में होगा।
- ग्रहण की समाप्ति: शाम 05:51 बजे।
क्या होता है ‘ब्लड मून’?
पूर्ण चंद्र ग्रहण के दौरान जब पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है, तो सूर्य की रोशनी पृथ्वी के वायुमंडल से छनकर चंद्रमा तक पहुँचती है इस प्रक्रिया में केवल लाल रंग का प्रकाश ही चंद्रमा तक पहुँच पाता है, जिससे वह गहरा लाल दिखाई देता है इसे ही ‘ब्लड मून’ कहा जाता है 3 मार्च 2026 को लगा ग्रहण एक पूर्ण चंद्र ग्रहण था, जिसे भारत के कुछ हिस्सों में ‘ब्लड मून’ के रुप में देखा गया था।
















