
दिल्ली में महिलाओं और ट्रांसजेंडर यात्रियों के लिए मुफ्त बस यात्रा को डिजिटल और पारदर्शी बनाने हेतु ‘पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड’ योजना 2 मार्च 2026 को आधिकारिक रूप से लॉन्च कर दी गई है, अब पुरानी गुलाबी कागजी टिकटों की जगह यह स्मार्ट कार्ड धीरे-धीरे अनिवार्य हो जाएगा।
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पिंक सहेली कार्ड कहाँ से मिलेगा? (Distribution Centers)
दिल्ली सरकार ने पूरे शहर में लगभग 50 अधिकृत वितरण केंद्र स्थापित किए हैं, जहाँ से आप यह कार्ड प्राप्त कर सकते हैं:
- DM और SDM कार्यालय: दिल्ली के सभी जिलों के जिला मजिस्ट्रेट और उप-मंडल मजिस्ट्रेट कार्यालयों में विशेष काउंटर खोले गए हैं।
- प्रमुख DTC डिपो: कश्मीरी गेट, नेहरू प्लेस, द्वारका, रोहिणी, बांदा बहादुर मार्ग (BBM), और उत्तम नगर जैसे प्रमुख डिपो और पास सेक्शन पर कार्ड उपलब्ध हैं।
- विश्वविद्यालय परिसर: दिल्ली विश्वविद्यालय (उत्तरी परिसर) और JNU जैसे संस्थानों में भी केंद्र बनाए गए हैं।
- ऑनलाइन आवेदन: आप DTC के आधिकारिक पोर्टल या दिल्ली परिवहन की वेबसाइट के माध्यम से भी आवेदन कर सकते हैं, जिसके बाद कार्ड आपके पते पर भेज दिया जाएगा।
समय सीमा और अनिवार्यता (Deadline & Validity)
- वितरण शुरू: कार्ड का वितरण 3 मार्च 2026 से शुरू हो चुका है।
- समय: वितरण केंद्र प्रतिदिन सुबह 9:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक खुले रहते हैं।
- अनिवार्यता: वर्तमान में कागजी गुलाबी टिकट और स्मार्ट कार्ड दोनों मान्य हैं, लेकिन सरकार ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में केवल स्मार्ट कार्ड के आधार पर ही मुफ्त यात्रा की अनुमति होगी। अभी तक कागजी टिकटों को पूरी तरह बंद करने की कोई अंतिम तिथि घोषित नहीं की गई है।
आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज (Documents Required)
कार्ड बनवाने के लिए निम्नलिखित जानकारी और दस्तावेज साथ ले जाएं:
- आधार कार्ड: दिल्ली के पते वाला आधार कार्ड अनिवार्य है (केवल दिल्ली निवासी ही पात्र हैं)।
- आयु: आवेदक की आयु 12 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए।
- अन्य: एक चालू मोबाइल नंबर (OTP वेरिफिकेशन के लिए) और पासपोर्ट साइज फोटो।
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कार्ड की मुख्य विशेषताएं
- मुफ्त यात्रा: DTC और क्लस्टर बसों में असीमित मुफ्त सफर।
- मल्टी-यूटिलिटी (NCMC): यह कार्ड नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड तकनीक पर आधारित है इसे दिल्ली मेट्रो और RRTS में भी इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन इसके लिए आपको कार्ड को अलग से रिचार्ज (Top-up) करना होगा।
- पारदर्शिता: कार्ड टैप करने से यात्रा का डिजिटल रिकॉर्ड बनेगा, जिससे फर्जीवाड़ा रुकेगा और सब्सिडी का सही लाभ पात्र लोगों तक पहुंचेगा।
















