
उत्तर भारत में मौसम का मिजाज बदल रहा है, चिलचिलाती गर्मी और उमस भरे दिनों की आहट के साथ ही घरों में एयर कंडीशनर (AC) का इस्तेमाल बढ़ने वाला है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि गर्मी के पीक सीजन का इंतजार किए बिना, ‘ऑफ-सीजन’ में AC की सर्विस कराना आपके लिए कितना फायदेमंद हो सकता है? विशेषज्ञों का मानना है कि फरवरी के अंत से मार्च के मध्य तक का समय AC मेंटेनेंस के लिए सबसे सटीक है।
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बिजली बिल में होगी भारी बचत
धूल और गंदगी जमा होने के कारण AC के फिल्टर और कॉइल्स चोक हो जाते हैं, जिससे कंप्रेसर को कमरा ठंडा करने के लिए दोगुना जोर लगाना पड़ता है, समय पर सर्विसिंग से एयरफ्लो बेहतर होता है, जिससे AC कम समय में कूलिंग करता है और आपकी बिजली की खपत 20 से 30 प्रतिशत तक कम हो जाती है।
मेंटेनेंस का खर्च होगा ‘जीरो’
पीक सीजन यानी मई-जून में AC खराब होने पर मैकेनिक मिलना न सिर्फ मुश्किल होता है, बल्कि वे मुंह मांगी कीमत भी वसूलते हैं ऑफ-सीजन में कंपनियां और लोकल मैकेनिक डिस्काउंटेड रेट्स पर सर्विस देते हैं, समय पर छोटी खराबी पकड़ में आने से भविष्य में होने वाला भारी मरम्मत का खर्चा ‘जीरो’ हो जाता है।
मैकेनिक की मिलेगी ‘VIP’ अटेंशन
गर्मियों के दौरान तकनीशियन पर काम का काफी दबाव रहता है, जिससे वे जल्दबाजी में सर्विस करते हैं इसके विपरीत, ऑफ-सीजन में वे आपके यूनिट की गहराई से जांच (Deep Cleaning) कर पाते हैं और हर छोटे-बड़े पार्ट को बारीकी से चेक करते हैं।
गैस लीकेज और पार्ट्स की समस्या से बचाव
ऑफ-सीजन में सर्विस कराने का एक फायदा यह भी है कि अगर AC में गैस कम है या कोई पार्ट खराब है, तो उसे आसानी से और सस्ती दरों पर बदला जा सकता है। सीजन के दौरान अक्सर पार्ट्स की कमी (Shortage) हो जाती है, जिससे आपको हफ्तों गर्मी में गुजारने पड़ सकते हैं।
बढ़ जाएगी AC की लाइफ
जैसे गाड़ी को सर्विस की जरूरत होती है, वैसे ही AC को भी। नियमित सफाई और लुब्रिकेशन से कंप्रेसर की उम्र बढ़ती है। अगर आप सालों-साल अपने AC को नया जैसा बनाए रखना चाहते हैं, तो ‘ऑफ-सीजन’ सर्विसिंग को अपनी आदत बना लें।
कोशिश करें कि 20 फरवरी से 20 मार्च के बीच अपनी सर्विस बुकिंग पूरी कर लें इससे आप न केवल भीड़ से बचेंगे, बल्कि तपती गर्मी की पहली लहर के लिए आपका AC पूरी तरह तैयार रहेगा।
















