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माता-पिता ध्यान दें! 1 अप्रैल से पहली कक्षा में दाखिले का ‘नया नियम’ लागू; अब 6 साल से छोटे बच्चों को नहीं मिलेगा प्रवेश

यदि आप अपने नौनिहाल का दाखिला इस सत्र में पहली कक्षा (Class 1) में कराने की तैयारी कर रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है, केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्रालय के निर्देशों के बाद, अब देशभर के स्कूलों में पहली कक्षा में प्रवेश के लिए न्यूनतम आयु सीमा 6 वर्ष अनिवार्य कर दी गई है, 1 अप्रैल से शुरू हो रहे नए शैक्षणिक सत्र से यह 'नया नियम' कड़ाई से लागू होने जा रहा है

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माता-पिता ध्यान दें! 1 अप्रैल से पहली कक्षा में दाखिले का 'नया नियम' लागू; अब 6 साल से छोटे बच्चों को नहीं मिलेगा प्रवेश
माता-पिता ध्यान दें! 1 अप्रैल से पहली कक्षा में दाखिले का ‘नया नियम’ लागू; अब 6 साल से छोटे बच्चों को नहीं मिलेगा प्रवेश

यदि आप अपने नौनिहाल का दाखिला इस सत्र में पहली कक्षा (Class 1) में कराने की तैयारी कर रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है, केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्रालय के निर्देशों के बाद, अब देशभर के स्कूलों में पहली कक्षा में प्रवेश के लिए न्यूनतम आयु सीमा 6 वर्ष अनिवार्य कर दी गई है, 1 अप्रैल से शुरू हो रहे नए शैक्षणिक सत्र से यह ‘नया नियम’ कड़ाई से लागू होने जा रहा है।

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NEP 2020 के तहत बड़ा बदलाव

राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के ‘5+3+3+4’ ढांचे को प्रभावी बनाने के लिए केंद्र ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिए हैं कि पहली कक्षा में दाखिले के समय बच्चे की उम्र 6 साल पूरी होनी चाहिए। नीति का उद्देश्य बच्चों के मानसिक विकास के अनुरूप उन्हें स्कूली शिक्षा के औपचारिक ढांचे में शामिल करना है।

कट-ऑफ डेट का रखें ध्यान

नियमों के मुताबिक, सत्र शुरु होने वाली निर्धारित तिथि (अमूमन 31 मार्च) तक बच्चे की आयु 6 वर्ष पूर्ण होनी आवश्यक है, यदि बच्चा इस निर्धारित तिथि तक 6 साल से एक दिन भी छोटा पाया जाता है, तो उसे पहली कक्षा में प्रवेश के योग्य नहीं माना जाएगा, ऐसे बच्चों को एक और साल प्री-स्कूल या ‘बालवाटिका’ में बिताना होगा।

राज्यों की स्थिति और तैयारी

  • दिल्ली और हरियाणा: इन राज्यों ने स्पष्ट किया है कि आगामी सत्रों से 6 साल की आयु का नियम पूरी तरह अनिवार्य होगा।
  • उत्तर प्रदेश: यहाँ भी दाखिले के लिए 6 वर्ष की समय सीमा को लेकर सख्ती बरती जा रही है।
  • केन्द्रीय विद्यालय (KVS): केवीएस ने पहले ही इस आयु सीमा को अनिवार्य रुप से लागू कर दिया है।

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विशेषज्ञों की राय

शिक्षाविदों का मानना है कि 6 वर्ष से कम आयु में पहली कक्षा का बोझ बच्चों के सीखने की क्षमता और मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है, नया नियम बच्चों को सीखने के लिए पर्याप्त समय और परिपक्वता प्रदान करेगा।

दाखिले की प्रक्रिया शुरु करने से पहले अपने बच्चे के जन्म प्रमाण पत्र की जांच कर लें और स्कूल द्वारा निर्धारित कट-ऑफ तारीख से उसकी आयु का मिलान अवश्य करें, ताकि अंतिम समय में किसी परेशानी से बचा जा सके।

Admission Rules Children Below the Age of Six Will no Longer be Admitted to Class 1
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info@nitap.in

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