
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने देश के आम नागरिकों और डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है, RBI ने बेसिक सेविंग बैंक डिपॉजिट (BSBD) यानी ‘जीरो बैलेंस’ खातों के नियमों में क्रांतिकारी बदलाव किए हैं, जिससे अब गरीबों और मध्यम वर्ग के लिए बैंकिंग पहले से कहीं अधिक सुलभ और सस्ती हो जाएगी।
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क्या है RBI का नया फरमान?
नए नियमों के अनुसार, अब जीरो बैलेंस खाताधारकों को वे तमाम सुविधाएं मुफ्त मिलेंगी जो पहले केवल प्रीमियम ग्राहकों को दी जाती थीं ये बदलाव मुख्य रूप से 1 अप्रैल 2026 से देशभर में अनिवार्य रूप से लागू हो जाएंगे।
खाताधारकों को मिलने वाले 5 बड़े फायदे
- अब तक जीरो बैलेंस खातों में महीने में केवल 4 बार ही लेनदेन की अनुमति थी, लेकिन अब UPI, NEFT, IMPS और RTGS जैसे डिजिटल ट्रांजेक्शन अनलिमिटेड और बिल्कुल मुफ्त होंगे। ये 4 बार की फ्री निकासी की सीमा में नहीं गिने जाएंगे।
- ग्राहकों को अब डेबिट कार्ड (ATM) के लिए कोई सालाना मेंटेनेंस चार्ज नहीं देना होगा, साथ ही, बैंक हर साल 25 चेक की चेकबुक पूरी तरह मुफ्त मुहैया कराएंगे।
- खाते में न्यूनतम बैलेंस (Minimum Balance) रखने की कोई बाध्यता नहीं होगी, बैलेंस जीरो होने पर भी बैंक कोई पेनल्टी या जुर्माना नहीं वसूल सकेंगे।
- बैंक शाखा, ATM या बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट के जरिए कैश जमा करने पर कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।
- अब सभी बैंकों के लिए इन खातों पर मोबाइल बैंकिंग और इंटरनेट बैंकिंग की सुविधा देना अनिवार्य कर दिया गया है।
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कैसे खुलवाएं यह खाता?
RBI के अनुसार, बैंक किसी भी व्यक्ति को आय या सामाजिक पृष्ठभूमि के आधार पर यह खाता खोलने से मना नहीं कर सकते, यदि आपका पहले से ही किसी बैंक में सामान्य बचत खाता है, तो आप उसे मात्र 7 दिनों के भीतर जीरो बैलेंस खाते (BSBD) में बदलवा सकते हैं।
नियम के मुताबिक, एक व्यक्ति पूरे बैंकिंग सिस्टम में केवल एक ही BSBD खाता रख सकता है, यदि आपके पास पहले से सामान्य खाता है, तो नया जीरो बैलेंस खाता खोलने के 30 दिनों के भीतर पुराना खाता बंद करना अनिवार्य होगा।
















