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FD पर बुजुर्गों की चांदी! बैंकों द्वारा ज्यादा ब्याज देने के पीछे का ‘मैथमेटिक्स’ समझें; क्या आपको मिल रहा है पूरा फायदा?

 फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) के बाजार में इन दिनों सीनियर सिटीजन्स की बल्ले-बल्ले है, अधिकतर बैंक आम नागरिकों के मुकाबले बुजुर्गों (60 वर्ष से अधिक) को 0.50% से लेकर 0.75% तक अतिरिक्त ब्याज ऑफर कर रहे हैं, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि बैंक बुजुर्गों पर इतने मेहरबान क्यों हैं? इसके पीछे कोई समाज सेवा नहीं, बल्कि बैंकों का एक सोची-समझी 'फाइनेंशियल मैथमेटिक्स' और बिजनेस स्ट्रैटेजी काम करती है

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FD पर बुजुर्गों की चांदी! बैंकों द्वारा ज्यादा ब्याज देने के पीछे का 'मैथमेटिक्स' समझें; क्या आपको मिल रहा है पूरा फायदा?
FD पर बुजुर्गों की चांदी! बैंकों द्वारा ज्यादा ब्याज देने के पीछे का ‘मैथमेटिक्स’ समझें; क्या आपको मिल रहा है पूरा फायदा?

 फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) के बाजार में इन दिनों सीनियर सिटीजन्स की बल्ले-बल्ले है, अधिकतर बैंक आम नागरिकों के मुकाबले बुजुर्गों (60 वर्ष से अधिक) को 0.50% से लेकर 0.75% तक अतिरिक्त ब्याज ऑफर कर रहे हैं, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि बैंक बुजुर्गों पर इतने मेहरबान क्यों हैं? इसके पीछे कोई समाज सेवा नहीं, बल्कि बैंकों का एक सोची-समझी ‘फाइनेंशियल मैथमेटिक्स’ और बिजनेस स्ट्रैटेजी काम करती है।

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क्यों ज्यादा ब्याज देते हैं बैंक? समझिए गणित

बैंकिंग जानकारों के मुताबिक, सीनियर सिटीजन्स को अधिक ब्याज देने के पीछे तीन मुख्य कारण हैं:

  • ‘स्टिकी मनी’ का लाभ: युवाओं की तुलना में बुजुर्गों का निवेश अधिक स्थिर होता है। वे बार-बार पैसे निकालने (Premature Withdrawal) के बजाय उसे लंबे समय तक बैंक में रखते हैं। इसे बैंकिंग की भाषा में ‘Sticky Money’ कहा जाता है। इस स्थिरता के कारण बैंकों को अपने लेंडिंग ऑपरेशंस (लोन देना) को प्लान करने में आसानी होती है।
  • कम एक्विजिशन कॉस्ट: नए ग्राहकों को लुभाने के लिए बैंकों को मार्केटिंग और विज्ञापनों पर भारी खर्च करना पड़ता है। इसके मुकाबले, पुराने और भरोसेमंद बुजुर्ग ग्राहकों को थोड़ा ज्यादा ब्याज देकर उनके बड़े ‘कॉर्पस’ (पूंजी) को बैंक में रोके रखना कहीं ज्यादा किफायती होता है।
  • लिक्विडिटी मैनेजमेंट: जब बाजार में लोन की मांग बढ़ती है, तो बैंकों को नकदी (Liquidity) की जरूरत होती है भारत में घरेलू बचत का एक बड़ा हिस्सा वरिष्ठ नागरिकों के पास है उन्हें आकर्षित करके बैंक अपनी नकदी की जरूरतों को आसानी से पूरा कर लेते हैं।

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क्या आप उठा पा रहे हैं पूरा लाभ?

सिर्फ FD करा लेना ही काफी नहीं है, निवेशकों को यह भी देखना चाहिए कि क्या वे अधिकतम रिटर्न ले पा रहे हैं:

  • स्पेशल टेन्योर (Special Tenure): बैंक अक्सर 444 दिन, 666 दिन या 800 दिन जैसी विशेष अवधियों पर सामान्य से अधिक ब्याज देते हैं। निवेश करने से पहले इन ‘स्पेशल बास्केट’ की जांच जरूर करें।
  • टैक्स का खेल (Form 15H): कई बुजुर्ग ब्याज तो ज्यादा कमा लेते हैं, लेकिन TDS के रूप में पैसा कट जाता है। यदि आपकी कुल आय कर योग्य सीमा से कम है, तो बैंक में Form 15H जमा करना न भूलें ताकि पूरा ब्याज आपके हाथ में आए।
  • स्मॉल फाइनेंस बैंक: बड़े सरकारी और निजी बैंकों की तुलना में ‘स्मॉल फाइनेंस बैंक’ वर्तमान में वरिष्ठ नागरिकों को 9% तक का ब्याज ऑफर कर रहे हैं। रिस्क और रिटर्न का संतुलन देखकर यहां भी विचार किया जा सकता है। 

निवेश से पहले बैंक की रेटिंग और अपनी लिक्विडिटी जरूरतों का आकलन जरूर करें।

Senior Citizen FD Why Banks Offer Higher Fixed Deposits Interest Rate Reason
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info@nitap.in

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