
शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) को लेकर पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया और विभिन्न हलकों में चल रही अफवाहों पर विराम लग गया है संसद में सरकार के ताजा रुख और सुप्रीम कोर्ट के हालिया निर्देशों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि TET परीक्षा खत्म नहीं हो रही है, बल्कि अब यह सभी श्रेणी के शिक्षकों के लिए पहले से कहीं अधिक अनिवार्य हो गई है।
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संसद में उठा मुद्दा: क्या है सरकार का स्टैंड?
हाल ही में लोकसभा में विपक्षी सांसदों द्वारा वरिष्ठ शिक्षकों को TET से छूट देने का मुद्दा उठाया गया। इसके जवाब में शिक्षा मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) के मानकों और सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले के तहत गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए TET एक अनिवार्य योग्यता है।
सरकार ने सदन को सूचित किया कि
- नौकरी बचाने के लिए परीक्षा अनिवार्य: 2011 से पहले नियुक्त शिक्षक, जिनकी सेवा के 5 वर्ष से अधिक शेष हैं, उन्हें अगले 2 साल के भीतर (सितंबर 2027 तक) TET उत्तीर्ण करना ही होगा।
- प्रमोशन के लिए भी जरूरी: अब न केवल नई नियुक्तियों के लिए, बल्कि सेवा में मौजूद शिक्षकों की पदोन्नति (Promotion) के लिए भी TET पास होना अनिवार्य कर दिया गया है।
किसे मिली है ‘बड़ी राहत’?
सरकार ने उन शिक्षकों को आंशिक राहत दी है जो अपनी सेवानिवृत्ति के करीब हैं, जिन शिक्षकों की रिटायरमेंट में 5 साल से कम का समय बचा है, उन्हें परीक्षा देने से छूट दी गई है। हालांकि, ये शिक्षक बिना TET के प्रमोशन पाने के हकदार नहीं होंगे।
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शिक्षकों में बढ़ता असंतोष और प्रदर्शन
इस फैसले के बाद देशभर के शिक्षक संघों ने विरोध तेज कर दिया है 26 फरवरी और मार्च 2026 के शुरुआती हफ्तों में दिल्ली के जंतर-मंतर सहित विभिन्न राज्यों में धरना प्रदर्शन किए गए, शिक्षकों का तर्क है कि 20-25 साल से पढ़ा रहे अनुभवी शिक्षकों पर अब परीक्षा थोपना उनके साथ अन्याय है। कई संगठनों ने National Education Policy (NEP) के तहत नियमों में ढील देने की मांग की है।
अंतिम समय सीमा और परिणाम
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार, जो शिक्षक निर्धारित 2 साल की अवधि में TET पास करने में विफल रहते हैं, उन्हें अनिवार्य सेवानिवृत्ति (Compulsory Retirement) दी जा सकती है, वर्तमान में विभिन्न राज्य सरकारें कोर्ट के इस आदेश को लागू करने की प्रक्रिया में हैं, जबकि कुछ राज्यों ने इसके खिलाफ पुनर्विचार याचिका दायर करने की भी बात कही है।
















