
देश के पांच राज्यों में चुनावी शंखनाद हो चुका है, भारत निर्वाचन आयोग ने रविवार को एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस में असम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी के लिए विधानसभा चुनाव कार्यक्रमों की घोषणा कर दी है, इन राज्यों में कुल 824 विधानसभा सीटों के लिए लगभग 17.4 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।
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असम: एक ही चरण में होगा फैसला
असम में सियासी पारा पहले से ही चढ़ा हुआ था, जहां केंद्रीय नेताओं के दौरों और पोस्टरों ने माहौल गरमा दिया था, अब तारीखों के ऐलान के साथ ही चुनावी जंग की तस्वीर साफ हो गई है। असम की सभी 126 सीटों पर एक साथ वोट डाले जाएंगे।
असम चुनाव का विस्तृत शेड्यूल:
- अधिसूचना जारी होने की तिथि: 16 मार्च, 2026
- नामांकन की अंतिम तिथि: 23 मार्च, 2026
- नामांकन पत्रों की जांच: 24 मार्च, 2026
- नाम वापसी की अंतिम तिथि: 26 मार्च, 2026
- मतदान की तारीख: 09 अप्रैल, 2026
- मतगणना और परिणाम: 04 मई, 2026
अन्य राज्यों का चुनावी गणित
निर्वाचन आयोग के अनुसार, पश्चिम बंगाल को छोड़कर अन्य सभी राज्यों में मतदान एक ही चरण में पूरा होगा।
- केरल और पुडुचेरी: यहां भी असम की तरह 9 अप्रैल को ही वोट डाले जाएंगे।
- तमिलनाडु: राज्य की सभी 234 सीटों पर 23 अप्रैल को मतदान होगा।
- पश्चिम बंगाल: बंगाल में चुनावी मुकाबला दो चरणों में होगा। पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल और दूसरे चरण का 29 अप्रैल को निर्धारित किया गया है।
सुरक्षा और तैयारियां
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बताया कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए लगभग 25 लाख चुनाव अधिकारी और 8.5 लाख सुरक्षाकर्मी तैनात किए जाएंगे। असम में करीब 31,000 पोलिंग बूथ बनाए गए हैं, ताकि मतदाताओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
इस घोषणा के साथ ही इन सभी राज्यों में आदर्श आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है, अब सभी राजनीतिक दलों की निगाहें 4 मई की तारीख पर टिकी हैं, जब यह साफ होगा कि जनता ने अगले पांच वर्षों के लिए सत्ता की बागडोर किसे सौंपी है।
















