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बिहार में बनेगा नेशनल हाईवे 7! 21 जिलों की बदल जाएगी किस्मत; जमीन अधिग्रहण के लिए सरकार का नया ‘प्लान’

बिहार सरकार ने 7 नेशनल हाईवे परियोजनाओं के लिए 'काला' (CALA) प्लान लॉन्च किया। जमीन अधिग्रहण तेज होगा, STF मासिक समीक्षा करेगी। पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे, NH-139W समेत रूट्स से उत्तर बिहार के मोतिहारी, बेतिया, दरभंगा सहित 21 जिले जुड़ेंगे। मुआवजा बढ़ा, किसान उत्साहित। 2026 तक पूरा, आर्थिक उछाल की उम्मीद।

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nh 7 will build in bihar for 21 districts competent authority for land acquisition will be formed

बिहार सरकार ने राज्य में सात प्रमुख नेशनल हाईवे (NH) परियोजनाओं के लिए एक क्रांतिकारी योजना की घोषणा की है, जो 21 जिलों की कनेक्टिविटी को नई ऊंचाई देगी। इन परियोजनाओं से यात्रा समय में भारी कटौती होगी, माल ढुलाई तेज होगी और आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी। जमीन अधिग्रहण की लंबी प्रक्रिया को पार करने के लिए सरकार ने ‘काला’ (कॉम्पिटेंट अथॉरिटी फॉर लैंड एक्विजिशन – CALA) नामक नया तंत्र गठित किया है, साथ ही स्पेशल टास्क फोर्स (STF) का ऐलान किया है।

जमीन अधिग्रहण का नया ‘काला’ प्लान

जमीन अधिग्रहण में देरी परियोजनाओं की सबसे बड़ी बाधा रही है। इसे दूर करने के लिए हर प्रभावित जिले में CALA का गठन होगा, जिसकी अध्यक्षता वरिष्ठ IAS अधिकारी करेंगे। यह प्राधिकारी भूमि चिह्नीकरण, नोटिफिकेशन, मुआवजा निर्धारण और आपत्ति निस्तारण का पूरा दायित्व संभालेगा। STF में पथ निर्माण, राजस्व, वन, रेलवे और NHAI के प्रतिनिधि शामिल होंगे, जो मासिक बैठकें कर बाधाओं का जायजा लेगी।

नई नीति से मुआवजा बाजार मूल्य से कई गुना बढ़ाया गया है, जिससे किसान उत्साहित हैं। गोपालगंज के एनएच-727बी बायपास जैसे प्रोजेक्ट्स में पहले ही यह मॉडल सफल रहा, जहां कागजात सत्यापन के बाद तेजी से भुगतान शुरू हुआ।

लाभान्वित 21 जिले

ये परियोजनाएं उत्तर बिहार के 14 जिलों – मोतिहारी, बेतिया, वैशाली, दरभंगा, समस्तीपुर, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया, शिवहर, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया, किशनगंज – को जोड़ेंगी। मध्य व दक्षिण के पटना, भोजपुर, रोहतास, बेगूसराय, मुंगेर, लखीसराय, बांका भी मुख्य लाभार्थी होंगे। इनसे ग्रामीण इलाके राजधानी से जुड़ेंगे, कृषि उत्पाद तेजी से बाजार पहुंचेंगे। उदाहरणस्वरूप, सीमांचल से पटना की दूरी घंटों कम हो जाएगी।

प्रमुख 7 एनएच परियोजनाएं व रूट

सात परियोजनाओं में NH-119A (पटना-आरा-सासाराम), NH-33 (मोकामा-मुंगेर), NH-139W (साहेबगंज-अरेराज-बेतिया), पटना-पूर्णिया एक्सप्रेस-वे प्रमुख हैं। अन्य में अरेराज-राजापट्टी, मानिकपुर-साहिबगंज, रजौली-बख्तियारपुर, मुजफ्फरपुर-बरौनी-मोकामा कॉरिडोर शामिल हैं। वाराणसी-मुजफ्फरपुर-सोनबरसा जैसे मार्ग भी चौड़ी होंगे। कुल 227 किमी लंबाई में 1597 करोड़ खर्च होंगे, जिसमें दो-लेन पेव्ड शोल्डर मानक होगा। 2026 तक कई पूरे हो जाएंगे।

आर्थिक व सामाजिक प्रभाव

ये हाईवे इंडस्ट्रीयल पार्क, लॉजिस्टिक्स हब और सर्विस इंडस्ट्री को बढ़ावा देंगे। पहले से स्वीकृत 7700 एकड़ जमीन का उपयोग तेज होगा। पर्यटन, स्वास्थ्य व शिक्षा सेवाएं बेहतर होंगी। किसानों को मुआवजे से पूंजी मिलेगी, जो छोटे उद्योग लगाने में मददगार साबित होगी। STF से प्रोजेक्ट समय पर पूरे होंगे, बिहार की GDP ग्रोथ में योगदान बढ़ेगा। हालांकि, पर्यावरणीय चिंताओं पर नजर रखनी होगी।

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info@nitap.in

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