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शेयर बाजार में हाहाकार! 3 साल की सबसे बड़ी गिरावट; निवेशकों के डूबे लाखों करोड़

भारतीय शेयर बाजार के लिए मार्च 2026 का महीना किसी बुरे सपने से कम साबित नहीं हो रहा है भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक अस्थिरता के बीच दलाल स्ट्रीट पर मचे हाहाकार ने निवेशकों को पूरी तरह हिला कर रख दिया है, पिछले कुछ सत्रों में बाजार ने पिछले 3 साल की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की, जिससे निवेशकों की गाढ़ी कमाई के लाखों करोड़ रुपये पलक झपकते ही साफ हो गए

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शेयर बाजार में हाहाकार! 3 साल की सबसे बड़ी गिरावट; निवेशकों के डूबे लाखों करोड़
शेयर बाजार में हाहाकार! 3 साल की सबसे बड़ी गिरावट; निवेशकों के डूबे लाखों करोड़

भारतीय शेयर बाजार के लिए मार्च 2026 का महीना किसी बुरे सपने से कम साबित नहीं हो रहा है भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक अस्थिरता के बीच दलाल स्ट्रीट पर मचे हाहाकार ने निवेशकों को पूरी तरह हिला कर रख दिया है, पिछले कुछ सत्रों में बाजार ने पिछले 3 साल की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की, जिससे निवेशकों की गाढ़ी कमाई के लाखों करोड़ रुपये पलक झपकते ही साफ हो गए।

सेंसेक्स और निफ्टी में ऐतिहासिक गोता

बीते सप्ताह 19 मार्च को भारतीय बाजारों ने ब्लैक मंडे जैसी स्थिति का सामना किया। सेंसेक्स 2,497 अंक (3.26%) की भारी गिरावट के साथ 74,207 के स्तर पर बंद हुआ यह जून 2024 के बाद की एक दिन की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई वहीं, निफ्टी भी 22,500 के मनोवैज्ञानिक स्तर के काफी नीचे फिसल गया ताजा आंकड़ों के अनुसार, इस बिकवाली के तूफान में निवेशकों की करीब 48 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति डूब गई है।

गिरावट के 5 प्रमुख कारण

बाजार विश्लेषकों ने इस भारी गिरावट के पीछे निम्नलिखित मुख्य वजहें बताई हैं:

  • मिडिल ईस्ट में युद्ध की आहट: अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने वैश्विक बाजारों में डर का माहौल पैदा कर दिया है।
  • कच्चे तेल की कीमतों में आग: युद्ध की आशंका के चलते ब्रेंट क्रूड की कीमतों में भारी उछाल आया है, जो भारत जैसी तेल आयातक अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा झटका है।
  • FIIs की भारी बिकवाली: विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने भारतीय बाजार से रिकॉर्ड स्तर पर पैसा निकाला है।
  • बैंकिंग सेक्टर में संकट: बैंकिंग इंडेक्स में भारी गिरावट देखी गई, विशेषकर HDFC Bank के नेतृत्व में बड़े बदलावों और चिंताओं के कारण सेक्टर धराशायी हो गया।
  • रुपये का रिकॉर्ड निचला स्तर: अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया कमजोर होकर 94/$ के करीब पहुंच गया, जिससे विदेशी निवेशकों का भरोसा डगमगाया।

राहत की उम्मीद: क्या अब बाजार संभलेगा?

लगातार गिरावट के बाद 24 और 25 मार्च को बाजार में सुधार के संकेत दिखे हैं, अमेरिकी प्रशासन द्वारा कूटनीतिक समाधान की कोशिशों के बाद सेंसेक्स में 1,000 अंकों से अधिक की रिकवरी देखी गई है हालांकि, एक्सपर्ट्स का मानना है कि जब तक वैश्विक तनाव पूरी तरह खत्म नहीं होता, बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा।

NSE Data New Investors Entry Decline by 30 Percent in FY26
Author
info@nitap.in

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