
सड़क हादसों में होने वाली मौतों के आंकड़ों को कम करने के लिए सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है, अब अगर आप सड़क पर किसी घायल व्यक्ति की मदद करते हैं और उसे समय पर अस्पताल पहुँचाते हैं, तो सरकार आपको ₹25,000 की नकद राशि और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित करेगी केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के विजन के तहत शुरू की गई इस ‘राह-वीर’ योजना को अब दिल्ली और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में भी प्रमुखता से लागू किया जा रहा है।
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क्या है ‘राह-वीर’ योजना?
यह योजना ‘गुड सैमेरिटन’ (नेक मददगार) कानून पर आधारित है। अक्सर लोग पुलिस पूछताछ और अदालती चक्करों के डर से घायलों की मदद करने से कतराते हैं। ‘राह-वीर’ योजना न केवल ऐसे मददगारों को कानूनी सुरक्षा देती है, बल्कि उन्हें आर्थिक रूप से प्रोत्साहित भी करती है।
योजना की मुख्य विशेषताएं और लाभ
- इनाम राशि: गंभीर रूप से घायल को अस्पताल पहुँचाने पर ₹25,000 का नकद इनाम।
- गोल्डन ऑवर का महत्व: यह लाभ तभी मिलेगा जब घायल को हादसे के 60 मिनट (1 घंटे) के भीतर चिकित्सा सहायता मिल जाए।
- कैशलेस इलाज: घायल व्यक्ति के इलाज के लिए सरकार अस्पताल को पहले 7 दिनों तक ₹1.5 लाख तक का भुगतान करेगी।
- राष्ट्रीय पुरस्कार: साल भर में देश के 10 सबसे साहसी ‘राहवीरों’ को चुनकर उन्हें ₹1 लाख का विशेष राष्ट्रीय पुरस्कार दिया जाएगा।
पात्रता और नियम
- वार्षिक सीमा: एक व्यक्ति एक साल में अधिकतम 5 बार इस पुरस्कार के लिए पात्र हो सकता है।
- सामूहिक मदद: यदि कई लोग मिलकर किसी की जान बचाते हैं, तो पुरस्कार राशि उन सभी के बीच समान रुप से बाँट दी जाएगी।
- कैपिंग: एक ही हादसे में कई लोगों की जान बचाने पर भी मददगार को अधिकतम ₹25,000 ही मिलेंगे।
राज्यों में स्थिति
- दिल्ली: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने हाल ही में राजधानी में इस योजना को लागू करने की घोषणा की है।
- उत्तर प्रदेश: योगी सरकार ने इसे पूरे राज्य में लागू कर दिया है ताकि राज्य के एक्सप्रेसवे और सड़कों पर होने वाली मौतों को रोका जा सके।
सरकार की इस पहल से उम्मीद है कि लोग अब बिना किसी झिझक के घायलों की मदद के लिए आगे आएंगे अब सड़क पर इंसानियत दिखाना सिर्फ जिम्मेदारी नहीं, बल्कि गर्व और सम्मान की बात भी है।
















