
बढ़ती महंगाई के दौर में पेट्रोल और डीजल की कीमतें आम आदमी की जेब पर भारी पड़ रही हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि सिर्फ पेट्रोल भरवाने का समय बदलकर आप साल भर में अपने हजारों रुपये बचा सकते हैं? जी हां, ऑटो एक्सपर्ट्स और विज्ञान की मानें तो पेट्रोल भरवाने का एक ‘सही समय’ होता है, जिसे नजरअंदाज करना आपको घाटा दे सकता है।
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क्या है सुबह तेल डलवाने का ‘वैज्ञानिक राज’?
पेट्रोलियम पदार्थों का सीधा संबंध तापमान से होता है। विज्ञान के ‘थर्मल एक्सपेंशन’ नियम के अनुसार, तरल पदार्थ गर्म होने पर फैलते हैं और ठंडे होने पर उनका घनत्व (Density) बढ़ जाता है।
जब आप दोपहर की चिलचिलाती धूप में पेट्रोल भरवाते हैं, तो तापमान अधिक होने के कारण ईंधन फैला हुआ होता है, ऐसे में जब मीटर 1 लीटर दिखाता है, तो असल में आपको घनत्व कम होने के कारण पेट्रोल की कम मात्रा मिलती है, इसके विपरीत, सुबह सूरज निकलने से पहले या देर रात तापमान कम होता है, जिससे पेट्रोल गाढ़ा और सघन रहता है। इस समय पैसे चुकाने पर आपको ईंधन की पूरी मात्रा (Mass) मिलती है।
वाष्पीकरण (Evaporation) का डर
पेट्रोल एक अत्यधिक वाष्पशील पदार्थ है। दोपहर की गर्मी में टैंक का ढक्कन खुलते ही पेट्रोल का कुछ हिस्सा भाप बनकर उड़ जाता है, सुबह के ठंडे वातावरण में वाष्पीकरण की दर न्यूनतम होती है, जो आपकी लंबी बचत सुनिश्चित करती है।
इन बातों का भी रखें खास ख्याल
- पेट्रोल पंप की मशीन पर हमेशा डेंसिटी चेक करें। सरकारी मानकों के अनुसार पेट्रोल की शुद्ध डेंसिटी 730 से 770 kg/m³ के बीच होनी चाहिए। इंडियन ऑयल (Indian Oil) जैसी आधिकारिक वेबसाइट्स भी ग्राहकों को गुणवत्ता और मात्रा जांचने की सलाह देती हैं।
- एक्सपर्ट्स की सलाह है कि टैंक को कभी भी पूरा खाली न होने दें। टैंक में जितनी खाली जगह होगी, उतनी ही हवा होगी और पेट्रोल उतनी ही तेजी से वाष्पित होगा। इसलिए आधा टैंक खाली होते ही उसे भरवा लें।
- यदि पंप पर टैंकर से तेल सप्लाई हो रही हो, तो उस समय पेट्रोल न भरवाएं, उस दौरान मुख्य टैंक में हलचल होने से नीचे जमी गंदगी ऊपर आ जाती है, जो आपके इंजन को खराब कर सकती है।
हालांकि आधुनिक तकनीक वाले पंपों में ईंधन जमीन के काफी नीचे होता है, फिर भी पाइपों में मौजूद तेल पर बाहरी तापमान का असर जरुर पड़ता है, इसलिए समझदारी इसी में है कि आप अपनी गाड़ी का टैंक सुबह के समय ही फुल करवाएं।
















