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शादी के बाद मैरिज सर्टिफिकेट क्यों है जरूरी? जान लें इसके 5 बड़े कानूनी फायदे, वरना बाद में हो सकती है बड़ी मुश्किल

भारत में शादी के बाद अक्सर लोग रीति-रिवाजों में इतने खो जाते हैं कि कानूनी औपचारिकताओं को नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि बिना 'मैरिज सर्टिफिकेट' के आपकी शादी को कानूनी तौर पर अधूरा माना जा सकता है? सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार अब विवाह का पंजीकरण (Marriage Registration) अनिवार्य है, यदि आपने अब तक यह प्रमाणपत्र नहीं बनवाया है, तो आपको भविष्य में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है

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शादी के बाद मैरिज सर्टिफिकेट क्यों है जरूरी? जान लें इसके 5 बड़े कानूनी फायदे, वरना बाद में हो सकती है बड़ी मुश्किल
शादी के बाद मैरिज सर्टिफिकेट क्यों है जरूरी? जान लें इसके 5 बड़े कानूनी फायदे, वरना बाद में हो सकती है बड़ी मुश्किल

भारत में शादी के बाद अक्सर लोग रीति-रिवाजों में इतने खो जाते हैं कि कानूनी औपचारिकताओं को नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि बिना ‘मैरिज सर्टिफिकेट’ के आपकी शादी को कानूनी तौर पर अधूरा माना जा सकता है? सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार अब विवाह का पंजीकरण (Marriage Registration) अनिवार्य है, यदि आपने अब तक यह प्रमाणपत्र नहीं बनवाया है, तो आपको भविष्य में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। 

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विदेशी वीजा और पासपोर्ट के लिए ‘गोल्डन टिकट’

अगर आप शादी के बाद विदेश जाने का सपना देख रहे हैं, तो मैरिज सर्टिफिकेट सबसे जरुरी दस्तावेज है, दूतावास (Embassy) स्पाउस वीजा देने के लिए शादी के आधिकारिक प्रमाण की मांग करता है, यहाँ तक कि पासपोर्ट में जीवनसाथी का नाम जुड़वाने के लिए भी यह अनिवार्य है। 

संपत्ति और उत्तराधिकार पर मजबूत दावा

किसी अनहोनी की स्थिति में, पति या पत्नी की चल-अचल संपत्ति पर हक जताने के लिए मैरिज सर्टिफिकेट कानूनी ढाल बनता है, इंश्योरेंस क्लेम, बैंक नॉमिनी लाभ या विरासत से जुड़े विवादों को सुलझाने के लिए कोर्ट सबसे पहले विवाह पंजीकरण की मांग करता है। 

धोखाधड़ी और बहुविवाह पर लगाम

यह प्रमाणपत्र इस बात का पुख्ता सबूत है कि व्यक्ति कानूनी रूप से विवाहित है। यह सामाजिक बुराइयों जैसे धोखाधड़ी से की गई शादी या पहली पत्नी/पति के रहते दूसरी शादी (बहुविवाह) को रोकने में मदद करता है, यह महिलाओं को विशेष रुप से कानूनी सुरक्षा प्रदान करता है। 

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बैंक लोन और दस्तावेजों में बदलाव

शादी के बाद नाम या सरनेम बदलने की प्रक्रिया को मैरिज सर्टिफिकेट काफी आसान बना देता है। इसके आधार पर आप पैन कार्ड, आधार कार्ड और राशन कार्ड में आसानी से सुधार करवा सकते हैं। साथ ही, जॉइंट बैंक अकाउंट खुलवाने या होम लोन के आवेदन में यह मुख्य दस्तावेज की भूमिका निभाता है। 

कानूनी विवादों और कस्टडी में सहायक

तलाक, गुजारा भत्ता (Alimony) या बच्चों की कस्टडी जैसे संवेदनशील मामलों में मैरिज सर्टिफिकेट शादी की वैधता को साबित करने का प्राथमिक जरिया है, इसके बिना कानूनी लड़ाई कमजोर पड़ सकती है। 

विवाह पंजीकरण की प्रक्रिया अब बेहद सरल है, कई राज्यों में इसे ऑनलाइन पोर्टल के जरिए भी पूरा किया जा सकता है, कानूनी पेचीदगियों से बचने के लिए समय रहते अपनी शादी का रजिस्ट्रेशन जरूर करवा लें। 

Marriage Registration
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info@nitap.in

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