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Post Office की इस स्कीम में पैसा डालना हुआ और भी फायदेमंद! टैक्स छूट के साथ मिलेगा तगड़ा रिटर्न, देखें मैच्योरिटी कैलकुलेटर

क्या आप जानते हैं पोस्ट ऑफिस की ये स्कीम अब और फायदेमंद हो गई? टैक्स छूट के साथ हाई रिटर्न मिलेगा। कैलकुलेटर से मैच्योरिटी चेक करें।

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भारत सरकार की पोस्ट ऑफिस बचत योजनाओं में नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट यानी NSC निवेशकों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है। यह पांच साल की सुरक्षित स्कीम वर्तमान में सालाना 7.7 प्रतिशत ब्याज देती है, जो चक्रवृद्धि तरीके से बढ़ता है। आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत 1.5 लाख रुपये तक की कटौती मिलने से यह छोटे और मध्यम निवेशकों के लिए बेहद आकर्षक बन गई है। बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट से बेहतर रिटर्न और शून्य जोखिम के कारण लोग इसे वेल्थ बनाने का मजबूत माध्यम मान रहे हैं।

Post Office की इस स्कीम में पैसा डालना हुआ और भी फायदेमंद! टैक्स छूट के साथ मिलेगा तगड़ा रिटर्न, देखें मैच्योरिटी कैलकुलेटर

NSC की खासियत यह है कि न्यूनतम 1000 रुपये से निवेश शुरू कर सकते हैं और कोई ऊपरी सीमा नहीं है। प्रमाणपत्र 100 रुपये के गुणकों में उपलब्ध होते हैं। कोई भी भारतीय नागरिक इसमें पैसा लगा सकता है, जिसमें नाबालिगों के लिए अभिभावक नामांकन करा सकते हैं। HUF या ट्रस्ट को छोड़कर सभी योग्य हैं। पोस्ट ऑफिस काउंटर पर नकद या चेक से खरीदें या इंडिया पोस्ट की वेबसाइट पर ऑनलाइन प्रक्रिया अपनाएं। प्रमाणपत्र भौतिक रूप में या डिजिटल स्वरूप में मिलता है और इसे ट्रांसफर भी किया जा सकता है।

रिटर्न की गणना आसान, लाभ शानदार

निवेश का फायदा समझने के लिए मैच्योरिटी कैलकुलेटर का इस्तेमाल करें। मुख्य राशि को 7.7 प्रतिशत ब्याज दर से पांच साल के लिए चक्रवृद्धि करें। उदाहरण के तौर पर, एक लाख रुपये निवेश करने पर पांच साल बाद करीब 1.45 लाख रुपये मिलेंगे, यानी 45 हजार का लाभ। पांच लाख के निवेश पर 7.24 लाख और दस लाख पर 14.49 लाख तक पहुंच सकता है। इसी तरह, पंद्रह लाख निवेश करने वाले को 21.73 लाख रुपये हाथ लगेंगे, जिसमें 6.73 लाख शुद्ध लाभ होगा। हर साल ब्याज मुख्य राशि में जुड़ जाता है, जिससे अंतिम राशि काफी बढ़ जाती है। ऑनलाइन उपलब्ध मुफ्त कैलकुलेटर से अपनी राशि डालकर तुरंत पता करें।

टैक्स लाभ से और फायदेमंद

इस स्कीम का सबसे बड़ा प्लस पॉइंट टैक्स छूट है। सालाना 1.5 लाख तक निवेश पर आयकर में राहत मिलती है। पहले चार साल का ब्याज दोबारा निवेश माना जाता है, इसलिए उस पर कोई टैक्स नहीं। केवल मैच्योरिटी के समय अंतिम ब्याज पर कर लगता है। सैलरीड कर्मचारी, रिटायर्ड लोग और महिलाएं इसे टैक्स प्लानिंग के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। वित्तीय सलाहकार कहते हैं कि PPF या NSC जैसे सरकारी विकल्प लंबे समय के लिए सबसे सुरक्षित हैं। हालांकि, समय से पहले निकासी पर दो प्रतिशत तक की कटौती हो सकती है, इसलिए पूर्ण अवधि पूरी करें।

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क्यों है NSC बेहतर विकल्प?

बैंक FD की तुलना में ऊंची ब्याज दर और सरकारी गारंटी इसे बेजोड़ बनाती है। महंगाई को ध्यान में रखें तो वास्तविक रिटर्न करीब 2.7 प्रतिशत रहता है। छोटे शहरों जैसे लुधियाना में किसान, व्यापारी और नौकरीपेशा इसे बच्चों की पढ़ाई या कृषि खर्चों के लिए चुन रहे हैं। म्यूचुअल फंड या शेयर बाजार के जोखिम से बचना चाहें तो NSC सही है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि मासिक SIP के साथ इसे मिलाकर पोर्टफोलियो मजबूत बनाएं।

निवेश प्रक्रिया सरल

नजदीकी पोस्ट ऑफिस में आधार, पैन जैसे KYC दस्तावेज ले जाएं। IPPB खाता लिंक करके ऑनलाइन भी शुरू करें। ब्याज दरें हर तिमाही में बदल सकती हैं, इसलिए अपडेट रहें। यह योजना न केवल पैसा बढ़ाती है, बल्कि वित्तीय अनुशासन भी सिखाती है। आज ही NSC में निवेश करें और भविष्य को सुरक्षित बनाएं।

Author
info@nitap.in

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