उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार ने बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगों के लिए एक ऐसी पेंशन व्यवस्था शुरू की है, जो बिना किसी योगदान के मासिक आर्थिक मदद मुहैया कराती है। यह योजना गरीब परिवारों के लिए वरदान साबित हो रही है, खासकर उन लोगों के लिए जो वृद्धावस्था में आय के बिना संघर्ष कर रहे हैं। हाल के बजट में पेंशन राशि बढ़ाने का फैसला लिया गया, जिससे लाखों लाभार्थियों को फायदा होगा।

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क्या है योजना?
यह पेंशन समाज कल्याण विभाग के तहत चलाई जा रही है। इसमें वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, दिव्यांग पेंशन और निराश्रित महिलाओं के लिए अलग श्रेणियां हैं। अभी मासिक राशि 1000 रुपये है, लेकिन नई घोषणा के बाद बुजुर्गों और निराश्रित महिलाओं को 1500 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे। यह बढ़ोतरी अप्रैल से लागू हो सकती है। जनवरी से मार्च तक की तीन महीने की राशि कुल 3000 रुपये होली से पहले खातों में आ जाएगी। प्रदेश में करोड़ों लोग इससे जुड़े हैं, जो उनकी दैनिक जरूरतों को पूरा करने में मदद कर रही है।
पात्रता के नियम
योजना में शामिल होने के लिए कुछ बुनियादी शर्तें पूरी करनी पड़ती हैं। वृद्धावस्था पेंशन के हकदार वे हैं, जिनकी उम्र 60 साल से ज्यादा हो। ग्रामीण इलाकों में परिवार की सालाना कमाई 46000 रुपये से कम और शहरों में 56000 रुपये तक होनी चाहिए। विधवाओं या निराश्रित महिलाओं के लिए 18 साल की उम्र और कोई अलग आय न होना जरूरी है। दिव्यांग व्यक्तियों को 18 साल से ऊपर उम्र और कम से कम 40 प्रतिशत विकलांगता का प्रमाण चाहिए। सिर्फ उत्तर प्रदेश के निवासी ही आवेदन कर सकते हैं, जिससे सही लोगों तक मदद पहुंचे।
आवेदन कैसे करें?
सरकार ने आवेदन प्रक्रिया को बेहद सरल बना दिया है। सबसे आसान तरीका ऑनलाइन पोर्टल के जरिए है। आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपनी श्रेणी चुनें, व्यक्तिगत जानकारी जैसे नाम, आधार नंबर, बैंक विवरण भरें। अच्छी बात यह है कि 60 साल पूरे होते ही परिवार की आईडी से आवेदन अपने आप हो जाता है। अगर इंटरनेट न हो, तो नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर, तहसील या ब्लॉक कार्यालय में जमा करें। आधार आधारित ई-केवाईसी से सारा काम तुरंत पूरा हो जाता है। स्वीकृति के बाद पैसे सीधे बैंक खाते में आते रहते हैं।
भुगतान और स्टेटस जांच
पेंशन डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर से दी जाती है, इसलिए बैंक खाता लिंक करना जरूरी है। आगामी किस्तें जल्द ही जारी होने वाली हैं। आवेदन का स्टेटस वेबसाइट पर लॉगिन करके देखा जा सकता है। कुछ मामलों में केवाईसी या लिंकिंग में थोड़ी देरी हो सकती है, लेकिन ज्यादातर लाभार्थी समय पर राशि पा लेते हैं।
आवश्यक दस्तावेज
आवेदन के समय आधार कार्ड, बैंक पासबुक, आय या उम्र का प्रमाण पत्र जमा करना पड़ता है। दिव्यांगों को अपना सर्टिफिकेट भी देना होता है। ये दस्तावेज आसानी से उपलब्ध होते हैं और सत्यापन प्रक्रिया पारदर्शी है।
सरकार का संकल्प
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा है कि बुजुर्गों का सम्मान और उनकी आर्थिक सुरक्षा पहली प्राथमिकता है। महंगाई के इस दौर में यह योजना परिवारों को मजबूत बनाएगी। योजना का लक्ष्य सभी पात्र लोगों को शामिल करना है। अगर आप योग्य हैं, तो देर न करें। स्थानीय सेंटर या वेबसाइट से तुरंत संपर्क करें। यह न केवल पैसे की मदद है, बल्कि सम्मानजनक जीवन का आधार भी।
















