देश में भ्रष्टाचार और कन्या भ्रूण हत्या जैसी सामाजिक बुराइयों पर लगाम कसने के लिए सरकार ने मुखबिरों को प्रोत्साहित करने का बड़ा कदम उठाया है। इस योजना के तहत आम नागरिक अपनी गोपनीय सूचना देकर 2 लाख रुपये तक का नकद पुरस्कार जीत सकते हैं। यह पहल न केवल अपराधियों को सबक सिखा रही है, बल्कि समाज को सजग और सक्रिय बना रही है।

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योजना का मुख्य लक्ष्य
यह पहल मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश से शुरू होकर अन्य राज्यों तक फैल रही है। इसका प्राथमिक उद्देश्य अवैध लिंग जांच केंद्रों और भ्रूण हत्या के नेटवर्क को ध्वस्त करना है। इसके साथ ही भ्रष्ट सरकारी अधिकारियों पर नजर रखना भी लक्ष्य है। पिछले एक साल में सैकड़ों छापेमारियां हुईं, जिनमें कई बड़े रैकेट पकड़े गए। सरकार का मानना है कि मुखबिरों की मदद से जमीनी स्तर पर अपराधों का पता लगाना आसान हो गया है।
इनाम की संरचना
पुरस्कार राशि चरणबद्ध तरीके से मिलती है, जो कार्रवाई की सफलता पर निर्भर करती है। पहले चरण में सूचना देने वाले को 20,000 रुपये, डिकॉय गर्भवती महिला को 30,000 और सहायक को 10,000 रुपये दिए जाते हैं। अगर पूरा ऑपरेशन सफल होता है, तो कुल राशि 2 लाख तक पहुंच जाती है। यह राशि सीधे बैंक खाते में हस्तांतरित होती है, ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
भ्रष्टाचार पर सख्ती
2026 में निगरानी एजेंसियों ने भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ विशेष अभियान तेज कर दिया है। घूसखोरी के सैकड़ों मामले दर्ज हो चुके हैं, खासकर स्वास्थ्य और शिक्षा विभागों में। अब तेज ट्रायल की व्यवस्था से दोषियों को जल्द सजा मिलेगी। मुखबिर यहां भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, क्योंकि उनकी सूचना से ट्रैप ऑपरेशन आसानी से संभव होते हैं।
आवेदन प्रक्रिया क्या है?
मुखबिर बनने की प्रक्रिया बेहद सरल है। निम्नलिखित बिंदुओं का पालन करें:
- जिला स्वास्थ्य विभाग या नजदीकी पुलिस स्टेशन पर गुमनाम कॉल या संदेश भेजें।
- निगरानी ब्यूरो की हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें।
- लोकायुक्त पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें।
- अपनी पहचान कभी न बताएं, पूर्ण गोपनीयता की गारंटी है।
- सूचना सत्यापित होने पर टीम छापेमारी करेगी और इनाम घोषित होगा।
सफलता की कहानियां
ग्रामीण इलाकों में कई मामलों ने सुर्खियां बटोरीं। एक मुखबिर की सूचना पर लखनऊ के नजदीक एक क्लीनिक से डॉक्टर समेत पांच लोग गिरफ्तार हुए। इसी तरह भ्रष्टाचार के केस में अधिकारियों को रंगे हाथों पकड़ा गया। ये उदाहरण साबित करते हैं कि एक साधारण नागरिक की हिम्मत से बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।
चुनौतियां और भविष्य
हालांकि योजना सफल है, लेकिन मुखबिरों को मिलने वाली धमकियों और इनाम वितरण में देरी जैसी समस्याएं बनी हुई हैं। सरकार डिजिटल प्लेटफॉर्म और मोबाइल ऐप लाने की योजना बना रही है, जिससे रिपोर्टिंग और तेज होगी। विशेषज्ञ कहते हैं कि जागरूकता अभियान से भागीदारी बढ़ेगी।
यह योजना समाज सुधार की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रही है। कन्या भ्रूण हत्या पर अंकुश लगाने से लिंगानुपात में सुधार की उम्मीद है। भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन से विकास तेज होगा। हर नागरिक से अपील है- गलत देखा तो चुप न रहें। एक सूचना से लाखों का भला हो सकता है।
















