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खेती पर मंडराया संकट? ईरान तनाव के बीच यूरिया स्टॉक पर आई बड़ी खबर; किसान भाई जरूर पढ़ें ये जरूरी अपडेट

पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और ईरान-इजरायल संघर्ष के बीच भारतीय किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में पैदा हुए व्यवधानों के बावजूद, भारत सरकार ने आगामी खरीफ सीजन के लिए उर्वरकों की उपलब्धता को लेकर स्थिति स्पष्ट की है

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खेती पर मंडराया संकट? ईरान तनाव के बीच यूरिया स्टॉक पर आई बड़ी खबर; किसान भाई जरूर पढ़ें ये जरूरी अपडेट
खेती पर मंडराया संकट? ईरान तनाव के बीच यूरिया स्टॉक पर आई बड़ी खबर; किसान भाई जरूर पढ़ें ये जरूरी अपडेट

पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और ईरान-इजरायल संघर्ष के बीच भारतीय किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में पैदा हुए व्यवधानों के बावजूद, भारत सरकार ने आगामी खरीफ सीजन के लिए उर्वरकों की उपलब्धता को लेकर स्थिति स्पष्ट की है। 

सरकार का बड़ा दावा: खाद का रिकॉर्ड स्टॉक मौजूद 

उर्वरक विभाग द्वारा 6 मार्च 2026 को जारी आंकड़ों के अनुसार, देश के पास खाद का पर्याप्त बफर स्टॉक उपलब्ध है। सरकार ने किसानों को आश्वासन दिया है कि उन्हें घबराने (Panic) की आवश्यकता नहीं है। 

  • कुल स्टॉक: देश में कुल उर्वरक भंडार 177.31 लाख मीट्रिक टन (LMT) तक पहुंच गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 36.5% अधिक है।
  • यूरिया की स्थिति: सबसे अधिक खपत वाले उर्वरक, यूरिया का स्टॉक वर्तमान में 59.30 LMT है।
  • अन्य पोषक तत्व: DAP का भंडार 25.13 LMT और NPK उर्वरकों का स्टॉक 55.87 LMT दर्ज किया गया है।

तनाव का असर: उत्पादन में कटौती की आहट 

भले ही वर्तमान स्टॉक मजबूत है, लेकिन कतर से होने वाली लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) की आपूर्ति बाधित होने से घरेलू उत्पादन पर दबाव बढ़ गया है। 

  • इफ्को (IFFCO) और अन्य: गैस की कमी के कारण इफ्को सहित कम से कम तीन बड़ी कंपनियों ने अपने कुछ संयंत्रों में उत्पादन कम करना शुरू कर दिया है।
  • GNFC का अलर्ट: गुजरात नर्मदा वैली फर्टिलाइजर्स (GNFC) ने सूचित किया है कि गैस आपूर्ति में 40% की कटौती के कारण नीम कोटेड यूरिया के उत्पादन पर असर पड़ सकता है।
  • वैश्विक कीमतों में उछाल: युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में यूरिया की कीमतों में लगभग 80 डॉलर प्रति टन तक की वृद्धि देखी गई है। 

किसानों के लिए आगे की राह

सरकार ने खाद क्षेत्र को ‘राष्ट्रीय प्राथमिकता’ सूची में रखा है ताकि गैस की कमी का असर फसलों पर न पड़े, किसानों को सलाह दी गई है कि वे खरीफ सीजन (जून से शुरू) की तैयारियां बिना किसी डर के जारी रखें सरकार अन्य देशों जैसे रूस और मोरक्को से भी आयात के विकल्प तलाश रही है ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके

Amid the Iran Crisis Does the Country Have Enough Urea for the Kharif Season
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info@nitap.in

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