
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने बच्चों के आधार कार्ड (बाल आधार) बनवाने की प्रक्रिया को लेकर एक बड़ा स्पष्टीकरण जारी किया है, सोशल मीडिया पर चल रही उन खबरों के बीच, जिनमें दावा किया जा रहा था कि अब आधार के लिए जन्म प्रमाण पत्र की जरूरत पूरी तरह खत्म हो गई है, UIDAI ने वास्तविक नियमों और दी गई बड़ी राहतों की जानकारी साझा की है।
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क्या जन्म प्रमाण पत्र अब जरूरी नहीं है?
UIDAI के नवीनतम दिशा-निर्देशों के अनुसार, यह कहना कि जन्म प्रमाण पत्र की “मजबूरी” खत्म हो गई है, केवल आंशिक रूप से सही है। नियम जन्म की तारीख के आधार पर तय किए गए हैं:
- 1 अक्टूबर, 2023 के बाद जन्मे बच्चे: इन बच्चों के लिए आधार नामांकन के समय जन्म प्रमाण पत्र अनिवार्य (Mandatory) रहेगा।
- दस्तावेज न होने पर राहत: जिन बच्चों के पास कोई वैध दस्तावेज नहीं है, उनका नामांकन UIDAI द्वारा अधिकृत ‘परिचयकर्ता’ (Introducer) या परिवार के मुखिया (HoF) के आधार पर किया जा सकता है।
अभिभावकों के लिए सबसे बड़ी राहत: फ्री बायोमेट्रिक अपडेट
UIDAI ने बच्चों के लिए अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट (MBU) को लेकर ऐतिहासिक फैसला लिया है। अब 5 से 17 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए बायोमेट्रिक अपडेट पूरी तरह निशुल्क कर दिया गया है।
- 7 से 15 वर्ष के बच्चे: 1 अक्टूबर, 2025 से एक वर्ष के लिए (30 सितंबर, 2026 तक) इस आयु वर्ग के बच्चों का बायोमेट्रिक अपडेट मुफ्त रहेगा।
- 5-7 और 15-17 वर्ष: इन बच्चों के लिए अनिवार्य अपडेट पहले से ही मुफ्त हैं।
- क्यों है जरूरी? 5 और 15 साल की उम्र में बायोमेट्रिक अपडेट न कराने पर आधार निष्क्रिय (Deactivate) हो सकता है, जिससे स्कूल एडमिशन और सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने में दिक्कत आ सकती है।
अब कौन से डॉक्यूमेंट्स होंगे मान्य?
यदि आपके पास बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र नहीं है, तो पहचान और उम्र के प्रमाण (PoI/PoR) के रूप में इन दस्तावेजों का उपयोग किया जा सकता है:
- माता-पिता का आधार: बच्चे के आधार को लिंक करने और पते के प्रमाण के लिए।
- भारतीय पासपोर्ट: बच्चे का अपना पासपोर्ट पहचान के वैध प्रमाण के रूप में स्वीकार्य है।
- स्कूल रिकॉर्ड: स्कूल के मुखिया द्वारा हस्ताक्षरित फोटो युक्त ट्रांसफर सर्टिफिकेट (TC) या मार्कशीट।
- राजपत्रित अधिकारी (Gazetted Officer): उनके द्वारा निर्धारित प्रारूप पर जारी पहचान प्रमाण पत्र।
उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र जैसी राज्य सरकारों ने स्पष्ट किया है कि आधार कार्ड को अब आधिकारिक जन्म तिथि के प्रमाण (DoB Proof) के रूप में स्वीकार नहीं किया जाएगा। सरकारी सेवाओं और पेंशन के लिए केवल जन्म प्रमाण पत्र या अन्य अधिकृत दस्तावेज ही मान्य होंगे
















