
ग्रामीण भारत की तस्वीर बदलने और किसानों की आय को दोगुना करने के लक्ष्य के साथ, सरकार ने पशुपालन क्षेत्र के लिए खजाना खोल दिया है अगर आप खुद का डेयरी बिजनेस शुरू करने का सपना देख रहे हैं, तो अब निवेश की चिंता छोड़ दीजिए, सरकारी योजना के तहत डेयरी फार्म खोलने पर कुल लागत का 50 प्रतिशत हिस्सा सब्सिडी के रूप में दिया जा रहा है।
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क्या है यह मास्टर प्लान?
केंद्र सरकार की राष्ट्रीय पशुधन मिशन (National Livestock Mission) और AHIDF जैसी योजनाओं के जरिए युवाओं और किसानों को उद्यमी बनाने पर जोर दिया जा रहा है। इस स्कीम के तहत पशु प्रजनन फार्म, दूध चिलिंग यूनिट और चारे की मशीनों पर भारी वित्तीय सहायता दी जा रही है। विशेष रूप से, 50 गायों या भैंसों वाली बड़ी यूनिट के लिए 50 लाख रुपये तक की सब्सिडी का प्रावधान है।
किसे मिलेगा फायदा?
इस योजना का लाभ केवल व्यक्तिगत किसान ही नहीं, बल्कि:
- बेरोजगार युवा और उद्यमी।
- स्वयं सहायता समूह (SHG) और FPO।
- सहकारी समितियां और निजी कंपनियां।
लोन और ब्याज में भी बड़ी राहत
सब्सिडी के अलावा, सरकार बैंक लोन की राह भी आसान कर रही है। एनिमल हसबेंडरी इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड (AHIDF) के तहत लिए गए लोन पर 3% ब्याज की छूट दी जा रही है, यानी आपको बाजार से बहुत सस्ती दर पर पूंजी मिल जाएगी, जिसे चुकाने के लिए 8 साल तक का लंबा समय मिलता है।
आवेदन कैसे करें? (प्रोसेस नोट कर लें)
- सबसे पहले अपनी डेयरी का एक ‘बिजनेस प्लान’ या DPR तैयार करें।
- आवेदक को केंद्र सरकार के आधिकारिक पोर्टल nlm.udyamimitra.in या ahidf.udyamimitra.in पर जाकर रजिस्ट्रेशन करना होगा।
- आधार कार्ड, बैंक स्टेटमेंट, जमीन के कागजात और ट्रेनिंग सर्टिफिकेट (यदि हो) अपलोड करें।
- आवेदन के बाद विभाग और बैंक आपके फार्म का भौतिक सत्यापन (Physical Verification) करेंगे, जिसके बाद सब्सिडी की राशि सीधे आपके खाते में क्रेडिट कर दी जाएगी।
उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में ‘नंदिनी कृषक समृद्धि’ जैसी राज्य-विशिष्ट योजनाएं भी चल रही हैं, जहाँ सब्सिडी का लाभ और भी सुगम बनाया गया है।
















