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गाड़ियां खरीदने का सपना होगा महंगा! CAFE-3 नियम लागू होते ही ₹65,000 तक बढ़ जाएंगे कारों के दाम; जानें क्या है सरकार का नया फरमान

अगर आप आने वाले समय में नई कार खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो अपनी जेब थोड़ी और ढीली करने के लिए तैयार हो जाइए भारत सरकार द्वारा ऑटो सेक्टर के लिए लाए जा रहे नए CAFE-3 (Corporate Average Fuel Efficiency) नियमों के कारण कारों की कीमतों में भारी उछाल आने वाला है, अनुमान है कि इन नियमों के लागू होते ही कारों के दाम 25,000 रुपये से लेकर 65,000 रुपये तक बढ़ सकते हैं

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गाड़ियां खरीदने का सपना होगा महंगा! CAFE-3 नियम लागू होते ही ₹65,000 तक बढ़ जाएंगे कारों के दाम; जानें क्या है सरकार का नया फरमान
गाड़ियां खरीदने का सपना होगा महंगा! CAFE-3 नियम लागू होते ही ₹65,000 तक बढ़ जाएंगे कारों के दाम; जानें क्या है सरकार का नया फरमान

अगर आप आने वाले समय में नई कार खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो अपनी जेब थोड़ी और ढीली करने के लिए तैयार हो जाइए भारत सरकार द्वारा ऑटो सेक्टर के लिए लाए जा रहे नए CAFE-3 (Corporate Average Fuel Efficiency) नियमों के कारण कारों की कीमतों में भारी उछाल आने वाला है, अनुमान है कि इन नियमों के लागू होते ही कारों के दाम 25,000 रुपये से लेकर 65,000 रुपये तक बढ़ सकते हैं।

क्या है सरकार का नया फरमान?

पर्यावरण को स्वच्छ रखने और वाहनों से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए सरकार CAFE मानकों का तीसरा चरण (Phase 3) लागू करने जा रही है, इसका मुख्य उद्देश्य वाहन निर्माताओं को ऐसी कारें बनाने के लिए प्रेरित करना है जो कम ईंधन की खपत करें और कम कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जित करें नियमों के मुताबिक, 1 अप्रैल 2027 से वाहन कंपनियों को अपने बेचे गए कुल वाहनों का औसत उत्सर्जन घटाकर 91.7 ग्राम प्रति किलोमीटर तक लाना होगा, फिलहाल यह सीमा 113 ग्राम प्रति किलोमीटर है।

आम आदमी की जेब पर क्यों पड़ेगा बोझ?

  • बजट कारों पर सबसे ज्यादा असर: रिपोर्टों के अनुसार, छोटी और किफायती कारों पर इस नियम का सबसे गहरा असर पड़ेगा एंट्री-लेवल सेगमेंट में कारों की कीमतें 10% से 17% तक बढ़ सकती हैं।
  • महंगी तकनीक का इस्तेमाल: कड़े मानकों को पूरा करने के लिए कंपनियों को अपनी गाड़ियों के इंजन को अपग्रेड करना होगा माइलेज बढ़ाने और उत्सर्जन कम करने के लिए हाइब्रिड तकनीक या बेहतर फ्यूल सिस्टम का इस्तेमाल करना होगा, जिससे निर्माण लागत बढ़ जाएगी।
  • छूट का खत्म होना: पहले माना जा रहा था कि 1200cc से कम इंजन वाली छोटी कारों को कुछ राहत मिलेगी, लेकिन नए प्रस्तावों में इस छूट को हटाने की बात कही जा रही है।

जुर्माने का भी है कड़ा प्रावधान

सरकार ने साफ कर दिया है कि जो कंपनियां इन मानकों को पूरा करने में विफल रहेंगी, उन पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा, इस आर्थिक दंड से बचने के लिए कंपनियां अपनी कारों की कीमतों में इजाफा कर इसका भार ग्राहकों पर ही डालेंगी।

EV और हाइब्रिड की बढ़ेगी मांग

ऑटो विशेषज्ञों का मानना है कि CAFE-3 नियम लागू होने के बाद पेट्रोल-डीजल कारों की तुलना में इलेक्ट्रिक (EV) और हाइब्रिड गाड़ियों की मांग बढ़ सकती है, क्योंकि कंपनियां अपने औसत उत्सर्जन को संतुलित करने के लिए इन क्लीन-एनर्जी वाहनों की बिक्री पर ज्यादा जोर देंगी।

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info@nitap.in

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