त्योहारों की धूम में डूबे बाजारों में सोना चमक बिखेर रहा है, लेकिन इस बार इसकी चमक जेबें जलाने वाली साबित हो रही है। होली के रंगों से पहले ही 24 कैरेट सोने के दामों ने सात दिनों में करीब 4370 रुपये प्रति 10 ग्राम की रफ्तार पकड़ ली है। दिल्ली से कोलकाता तक सर्राफा बाजारों में हलचल मची हुई है, जहां खरीदार सोच में पड़े हैं कि क्या अभी निवेश करें या इंतजार। यह तेजी न केवल घरेलू मांग से उपजी है, बल्कि दुनिया भर के घटनाक्रम भी इसमें योगदान दे रहे हैं। ज्वेलर्स का कहना है कि शादी-विवाह के सीजन ने मांग को आसमान पर पहुंचा दिया है।

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बाजार में ताजा रेट्स का नजरिया
रविवार के अपडेट्स बताते हैं कि प्रमुख शहरों में सोने के भावों में स्थिरता के साथ तेजी बनी हुई है। नीचे दी गई तालिका में 10 ग्राम के हिसाब से 24 और 22 कैरेट सोने के दामों का पूरा ब्योरा है। ये आंकड़े स्थानीय बाजारों के औसत पर आधारित हैं, जहां मेकिंग चार्ज और टैक्स अलग से जुड़ते हैं।
| शहर | 24 कैरेट (10 ग्राम) | 22 कैरेट (10 ग्राम) | दैनिक बदलाव |
|---|---|---|---|
| दिल्ली | 1,68,860 | 1,54,800 | +1,800 |
| लखनऊ | 1,62,080 | 1,48,600 | +430 |
| कोलकाता | 1,68,710 | 1,54,650 | स्थिर |
दिल्ली के सर्राफा बाजार में यह उछाल सबसे ज्यादा दिख रहा है, जबकि लखनऊ में मामूली तेजी दर्ज की गई। कोलकाता में भावों में कोई बड़ा बदलाव नहीं आया, लेकिन कुल मिलाकर माहौल गर्म है। एमसीएक्स पर स्पॉट प्राइस भी 68,500 रुपये के ऊपर टिका हुआ है।
हालिया ट्रेंड, सात दिन की रेस
पिछले हफ्ते की शुरुआत में जहां 10 ग्राम सोना 1,60,000 रुपये के आसपास घूम रहा था, वहां अब यह 1,68,000 के पार पहुंच गया। कुल मिलाकर 9,430 रुपये की बढ़ोतरी ने निवेशकों को चौंकाया है। फरवरी के अंत से चली यह रैली होली की खरीदारी से जुड़ी लगती है। उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में लखनऊ का सेंट्रल मार्केट स्टॉक जमा करने में जुटा है, लेकिन सप्लाई चेन पर दबाव साफ दिख रहा। चांदी के दाम भी मजबूत हैं, मगर सोने की चमक सबको भारी पड़ रही। ज्वेलर्स बताते हैं कि ग्राहक अब डिजाइनर जेवर की बजाय प्लेन गोल्ड पर नजर रखे हैं।
तेजी के पीछे छिपे कारण
इस उछाल की जड़ें वैश्विक और स्थानीय दोनों स्तरों पर हैं। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव ने निवेशकों को सुरक्षित निवेश की तलाश में सोने की ओर मोड़ा है। अमेरिका और ईरान के बीच तनातनी ने बाजारों में अनिश्चितता पैदा कर दी। घरेलू स्तर पर होली, शादियां और आगामी त्योहारों ने मांग को दोगुना कर दिया। रुपये की कमजोरी ने आयात लागत बढ़ाई, जबकि डॉलर की मजबूती ने बोझ डाला। वित्त मंत्री ने हाल ही में महंगाई पर कड़ी नजर का ऐलान किया, जो दामों को काबू करने का संकेत देता है। जानकारों का मानना है कि अगर वैश्विक तनाव बना रहा, तो भाव 70,000 रुपये तक जा सकते हैं।
खरीदारों के लिए सलाह
होली का मौका लुभाने वाला है, लेकिन जल्दबाजी से बचें। सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड या ईटीएफ जैसे विकल्प चुनें, जहां मेकिंग चार्ज की मार नहीं पड़ती। छोटे अमाउंट से शुरुआत करें, क्योंकि बाजार की चाल अनिश्चित है। लखनऊ के व्यापारी डिजिटल गोल्ड ऐप्स की सिफारिश कर रहे हैं। अगर गिरावट की भनक लगे, तो इंतजार करें। सरकार की निगरानी से स्थिरता आ सकती है।
यह तेजी अर्थव्यवस्था के लिए चुनौती है। उपभोक्ता महंगे जेवरों से परेशान, निवेशक लाभ के सपने देख रहे। सोमवार का सत्र बताएगा कि यह आग कब ठंडी होगी। बाजार की नजरें अब आगे के संकेतों पर।
















