
भारत के डाकघर ने बचत योजनाओं के मामले में बड़े-बड़े बैंकों को मात दे दी है। रिजर्व बैंक द्वारा रेपो रेट घटाए जाने के बाद जहां निजी और सरकारी बैंकों ने अपनी फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) दरें 0.25-0.50 प्रतिशत तक कम कर दीं, वहीं पोस्ट ऑफिस की टाइम डिपॉजिट (TD) स्कीम पर ब्याज दरें अपरिवर्तित रहीं। यह सरकारी गारंटी वाला निवेश विकल्प मध्यम वर्ग के लिए ‘गोल्डन चांस’ बन गया है। खासकर 5 साल की TD स्कीम में सिर्फ ₹1 लाख जमा करने पर मैच्योरिटी पर ₹44,995 का फिक्स ब्याज मिलता है, जो कुल राशि को ₹1,44,995 तक पहुंचा देता है।
Post Office की यह स्कीम निवेशकों को आकर्षित कर रही है क्योंकि यहां चक्रवृद्धि ब्याज (कंपाउंडिंग) तिमाही आधार पर होता है, जो रिटर्न को और बढ़ाता है। केंद्र सरकार के अधीन होने से पूंजी और ब्याज दोनों पर 100% सुरक्षा की गारंटी है। न्यूनतम जमा ₹1,000 से शुरू होता है, जो छोटे निवेशकों के लिए आदर्श है। आवेदन प्रक्रिया भी सरल है – नजदीकी डाकघर, इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) ऐप या ऑनलाइन पोर्टल के जरिए। दस्तावेजों में आधार, पैन और पासपोर्ट साइज फोटो काफी हैं।
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ब्याज दरें: बैंकों से बेहतर रिटर्न
डाकघर की TD स्कीम चार अवधियों में उपलब्ध है:
- 1 साल: 6.9% ब्याज
- 2 साल: 7.0% ब्याज
- 3 साल: 7.1% ब्याज
- 5 साल: 7.5% ब्याज (सबसे आकर्षक)
₹1 लाख के उदाहरण से समझें तो 5 साल बाद शुद्ध ब्याज ₹44,995 होता है। यह आंकड़ा चक्रवृद्धि प्रभाव से आता है, जहां हर तिमाही ब्याज मूलधन में जुड़ जाता है। उदाहरणस्वरूप, पहले साल के अंत में लगभग ₹7,500 ब्याज बनेगा, जो अगले साल के लिए आधार बढ़ाएगा। वर्तमान में SBI जैसा बड़ा बैंक 5 साल FD पर महज 6.5-7.0% दे रहा है, जबकि HDFC या ICICI जैसे निजी बैंक 7.25% तक सीमित हैं।
| अवधि | ब्याज दर | ₹1 लाख पर कुल ब्याज (लगभग) | मैच्योरिटी राशि |
|---|---|---|---|
| 1 वर्ष | 6.9% | ₹6,900 | ₹1,06,900 |
| 2 वर्ष | 7.0% | ₹14,560 | ₹1,14,560 |
| 3 वर्ष | 7.1% | ₹22,627 | ₹1,22,627 |
| 5 वर्ष | 7.5% | ₹44,995 | ₹1,44,995 |
विशेषताएं और सीमाएं
यह स्कीम सभी उम्र के निवेशकों के लिए समान ब्याज देती है- वरिष्ठ नागरिकों को बैंकों जैसा 0.5% अतिरिक्त लाभ नहीं। हालांकि, 60 साल से ऊपर के लिए पोस्ट ऑफिस की अन्य स्कीम जैसे सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS) बेहतर विकल्प हैं। समय से पहले निकासी संभव है, लेकिन 6 महीने बाद ही और पेनल्टी (1-2% ब्याज कटौती) के साथ। टैक्स के लिहाज से ब्याज आयकर स्लैब के अनुसार कर योग्य है, लेकिन 5 साल बाद पूंजीगत लाभ पर इंडेक्सेशन लाभ मिल सकता है।
वित्तीय विशेषज्ञों का कहना है कि गिरते ब्याज दरों के दौर में यह स्कीम सुरक्षित पार्किंग का बेहतरीन माध्यम है। रिटायरमेंट प्लानिंग या बच्चों की शिक्षा के लिए आइडियल। लेकिन लिक्विडिटी कम होने से इमरजेंसी फंड न रखें।
निवेशक क्या करें?
अभी निवेश करें क्योंकि दरें Q1 2026 तक स्थिर हैं। लाखों लोग पहले ही लाभ उठा चुके हैं। डाकघर नेटवर्क (1.55 लाख शाखाएं) पहुंच से बाहर नहीं। ऑनलाइन ट्रैकिंग से पारदर्शिता बनी रहती है। RBI की नीतियों से प्रभावित बैंकों के मुकाबले यह ‘सुरक्षित धमाका’ है।













