
उत्तर प्रदेश के प्रतिभावान युवाओं ने परिवहन की दुनिया में एक बड़ा क्रांतिकारी कदम उठाया है, जहाँ एक तरफ़ पेट्रोल और डीज़ल की आसमान छूती कीमतें आम आदमी की जेब पर भारी पड़ रही हैं, वहीं यूपी के लड़कों ने ऐसी इलेक्ट्रिक बाइक्स तैयार की हैं जो न केवल प्रदूषण मुक्त हैं, बल्कि उन्हें चार्ज करने के लिए किसी प्लग या बिजली की भी ज़रूरत नहीं पड़ती।
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हवा और धूप से मिलती है रफ़्तार
सुल्तानपुर के कमला नेहरू इंस्टीट्यूट (KNIT) के बीटेक छात्रों ने एक ऐसी अनूठी इलेक्ट्रिक बाइक विकसित की है जो सौर ऊर्जा (Solar Energy) और पवन ऊर्जा (Wind Energy) के मिश्रण से चलती है।
- कैसे होती है चार्ज: बाइक के ऊपर सोलर पैनल लगे हैं जो सूरज की रोशनी से बैटरी चार्ज करते हैं। इसके साथ ही, इसमें छोटे विंड टर्बाइन भी लगाए गए हैं। जब बाइक सड़क पर दौड़ती है, तो सामने से आने वाली हवा से ये टर्बाइन घूमते हैं और बिजली पैदा करते हैं।
- चलते-चलते चार्जिंग: इस तकनीक की सबसे बड़ी खासियत यह है कि बाइक चलते समय और खड़ी होने पर, दोनों ही स्थितियों में खुद को चार्ज करती रहती है।
कबाड़ से बनाई 6-सीटर ‘फैमिली’ बाइक
आजमगढ़ के असद अब्दुल्ला ने अपनी रचनात्मकता से सबको हैरान कर दिया है, उन्होंने कबाड़ के पुर्जों का इस्तेमाल कर एक 6-सीटर इलेक्ट्रिक बाइक तैयार की है।
- लागत और क्षमता: इसे बनाने में मात्र 10 से 12 हजार रुपये का खर्च आया है। यह बाइक एक बार चार्ज होने पर लगभग 150-160 किलोमीटर तक का सफर तय कर सकती है。
- दिग्गजों ने की तारीफ: इस आविष्कार की सराहना आनंद महिंद्रा जैसे दिग्गज उद्योगपतियों ने भी की है।
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मेरठ की ‘गरुड़’ और अन्य आविष्कार
मेरठ के छात्र शिवम मौर्य ने ‘गरुड़’ नाम की एक एआई-संचालित (AI-powered) ड्राइवरलेस सुपरबाइक बनाई है, यह बाइक न केवल आधुनिक फीचर्स से लैस है, बल्कि इसमें वायरलेस चार्जिंग और सेंसर आधारित सुरक्षा तकनीक भी दी गई है।
भविष्य की राह
इन युवाओं का लक्ष्य ऐसी तकनीक को बढ़ावा देना है जिससे ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोग, जहाँ बिजली की समस्या है, बिना किसी खर्च के यात्रा कर सकें, ये आविष्कार न केवल ‘मेक इन इंडिया’ की मिसाल हैं, बल्कि टिकाऊ भविष्य की ओर एक बड़ा कदम भी हैं।
















