
प्राइवेट सेक्टर में नौकरी करने वाले करोड़ों कर्मचारी हर महीने सैलरी स्लिप में पीएफ कटौती तो चेक करते हैं, लेकिन पेंशन (EPS) का हिस्सा अक्सर रहस्य बना रहता है। पासबुक में पीएफ ब्याज और मूलधन साफ दिखता है, मगर ईपीएस कॉलम उलझा हुआ लगता है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) की यह योजना महज बचत नहीं, बल्कि रिटायरमेंट का मजबूत सहारा है।
हालिया 2025-26 नियम बदलावों ने वेतन सीमा, योगदान त्रुटियों और क्लेम रिजेक्शन पर फोकस किया है। एक छोटी सी गलती- जैसे ईपीएस योगदान मिसिंग या फॉर्म 11 न भरना- पूरी पेंशन रोक सकती है। अगर आप प्राइवेट जॉब में हैं, तो जान लीजिए कैसे बचाएं अपना हक।
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पेंशन की दो सख्त शर्तें
ईपीएफओ ने पेंशन हकदार बनाने के लिए दो कठोर शर्तें रखी हैं। पहली, न्यूनतम 10 साल ‘पेंशन योग्य सेवा’ पूरी करनी होगी। नौकरी बदलने पर पीएफ ट्रांसफर न करने से पुराना समय गिना ही नहीं जाता, जिससे सर्विस गैप हो जाता है। दूसरी, पूर्ण पेंशन के लिए 58 वर्ष उम्र जरूरी। 50 साल बाद अर्ली पेंशन लेने पर स्थायी कटौती लगती है- हर साल 4% तक कम। 60 तक इंतजार करें तो बढ़ोतरी मिल सकती है। 2026 अपडेट में सर्विस रिकॉर्ड सटीक रखने पर जोर दिया गया, वरना 15 साल सर्विस वाले भी नुकसान झेलेंगे।
सैलरी का 8.33% ईपीएस पूल में
नियोक्ता का पीएफ योगदान (12%) में 8.33% सीधे ईपीएस में जाता है, लेकिन ₹15,000 मासिक वेज सीलिंग पर। लाखों कमाने वाले को भी यही फायदा। यह पूल फंड रिटायरमेंट पर मासिक पेंशन देता है। फॉर्मूला: (औसत सैलरी x 35 x सर्विस ईयर)/एज फैक्टर। गलत डेटा से रकम घट जाती है। नए नियमों में गिग वर्कर्स को कवरेज बढ़ा, लेकिन एम्प्लॉयर की गलती- जैसे फॉर्म 3A न भरना- क्लेम रिजेक्ट करवा देती है।
ईपीएस योगदान मिसिंग, क्लेम रुक गया!
टॉप गलती एम्प्लॉयर का 8.33% ईपीएस न जमा करना। इससे पासबुक में गैप दिखता है, क्लेम रिजेक्ट। अन्य: गलत जॉइनिंग/एक्जिट डेट, केवाईसी मिसमैच, फॉर्म 11/10C अधूरा। 10 साल से कम सर्विस पर मासिक पेंशन नहीं, लेकिन एकमुश्त विथड्रॉल मिलता है- सर्विस टेबल से कैलकुलेट। 2026 में सेंट्रलाइज्ड पेमेंट सिस्टम (CPPS) से किसी बैंक में पेंशन, मल्टी नॉमिनी। हायर पेंशन ऑप्शन के लिए ऑडिट सख्त।
10 साल पहले नौकरी छूटी?
डर खत्म- 10 साल से कम सर्विस पर मंथली पेंशन न सही, ईपीएस फंड सुरक्षित। फॉर्म 10C से विथड्रॉल बेनिफिट: सर्विस ईयर x वेज x फैक्टर। नॉन-कंट्रीब्यूटरी पीरियड अब क्लेम न रिजेक्ट करे। गलत एक्जिट डेट सुधारने के लिए जॉइंट डिक्लेरेशन।
नए नियम से सुधार आसान
ईपीएफओ ने 2025-26 में यूनिफॉर्म प्रोसेस शुरू किया- गलत ईपीएस को पीएफ में ट्रांसफर। UMANG ऐप से ट्रैक, ग्रिवांस के लिए EPFiGMS। बचाव: हर जॉब चेंज पर फॉर्म 11 भरें, UAN मर्ज रखें, पासबुक चेक। हायर सैलरी पर हायर पेंशन चुनें। फ्री ऑडिट करवाएं। प्राइवेट कर्मचारियों, जागें! एक गलती रिटायरमेंट बर्बाद कर सकती है। यूनिफाइड पोर्टल चेक करें, एम्प्लॉयर से फॉर्म लें। ईपीएफओ का नया दौर पारदर्शिता लाया, लेकिन जिम्मेदारी आपकी।
















