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EPFO Update: एकमुश्त निकासी या पेंशन? नौकरीपेशा लोगों के लिए जरूरी नियम

EPFO के नए 2026 नियमों ने पेंशन-विड्रॉल को सरल किया, लेकिन 10 साल सेवा का नियम निर्णायक। 12 माह बेरोजगारी पर PF निकासी, 36 माह बाद पेंशन फंड; सैलरी लिमिट ₹25,000 तक बढ़ सकती। फॉर्मूला: (औसत वेतन × सेवा वर्ष)/70। अर्ली पेंशन 4% कट, डेफर्ड 8% बढ़ोतरी। गलत फैसला रिटायरमेंट पूंजी घटाएगा- ट्रांसफर चुनें!

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EPFO Update: एकमुश्त निकासी या पेंशन? नौकरीपेशा लोगों के लिए जरूरी नियम

नौकरीपेशा लोगों की जिंदगी में EPFO (कर्मचारी भविष्य निधि संगठन) एक सुरक्षा कवच है, लेकिन रिटायरमेंट के समय पेंशन चुनने या एकमुश्त निकासी का फैसला लेना मुश्किल हो जाता है। 2026 के नए बदलावों ने नियमों को सरल बनाया है, लेकिन 10 साल की पेंशन योग्य सेवा का नियम अब भी निर्णायक है। एक गलत कदम आपकी रिटायरमेंट पूंजी को आधा कर सकता है।

क्या है 10 साल का नियम?

EPFO के EPS-95 स्कीम के तहत पेंशन पात्रता पूरी तरह ‘पेंशन योग्य सेवा’ पर टिकी है। अगर कुल सर्विस 10 साल से कम है, तो मासिक पेंशन का हक नहीं बनता। ऐसे में फॉर्म 10C से पेंशन फंड की एकमुश्त राशि (लंपसम) निकाल सकते हैं। 10 साल पूरे होते ही पेंशन अनिवार्य हो जाती है। अब एकमुश्त निकासी संभव नहीं; 58 साल की उम्र पर मासिक पेंशन शुरू होगी। बेरोजगारी के 36 महीने बाद ही पूरा पेंशन फंड निकाल सकते हैं, पहले यह 2 महीने था। नौकरी बदलते समय स्कीम सर्टिफिकेट लें, ताकि सर्विस पीरियड जुड़ता रहे। प्रोपोर्शनल सेटलमेंट से बचें, जो जमा राशि को कम कर देता है।

2026 के बड़े बदलाव

2026 में EPFO ने विड्रॉल प्रक्रिया सरल की है। 13 श्रेणियों को घटाकर 3-5 में बांटा: जरूरी जरूरतें (मेडिकल, शिक्षा), हाउसिंग और एग्जिट सिचुएशन। वेतन सीमा (वेज सेलिंग) ₹15,000 से बढ़कर ₹21,000-₹25,000 हो सकती है, जिससे पेंशन राशि बढ़ेगी। न्यूनतम पेंशन ₹1,000 से ऊपर जाने की योजना है। UPI से विड्रॉल अप्रैल 2026 से संभव। पूर्ण PF निकासी के लिए 12 महीने बेरोजगारी जरूरी, लेकिन 25% बैलेंस रिटायरमेंट के लिए रखना अनिवार्य। इससे बचत सुरक्षित रहती है।

पेंशन कैलकुलेशन फॉर्मूला

1 सितंबर 2014 के बाद की सर्विस पर फॉर्मूला: मासिक पेंशन = (पिछले 60 महीनों का औसत वेतन × सर्विस वर्ष) / 70।
उदाहरण: औसत वेतन ₹15,000, 25 साल सर्विस- पेंशन ₹5,357/माह। सुप्रीम कोर्ट के हाई वेज पर फैसले से हायर सैलरी वालों को फायदा।
अर्ली पेंशन (50+ उम्र): हर साल 4% कटौती। डेफर्ड (58 के बाद 60 तक): 4-8% वार्षिक बढ़ोतरी। नॉर्मल 58 पर शुरू।

अर्ली vs डेफर्ड पेंशन

विकल्पफायदानुकसान
अर्ली पेंशनतुरंत आय, 50+ उम्र में शुरू 4% प्रति वर्ष कटौती
नॉर्मल पेंशनपूर्ण राशि, 58 पर इंतजार की जरूरत
डेफर्ड पेंशन4-8% बढ़ोतरी हर साल लंबा वेट, महंगाई का जोखिम

अर्ली चुनने से तात्कालिक जरूरत पूरी, लेकिन लॉन्ग-टर्म घाटा। डेफर्ड से रिटायरमेंट मजबूत।

सावधानियां और सलाह

नौकरी छोड़ने पर PF ट्रांसफर करें, ब्याज 58 तक मिलता रहेगा। UMANG ऐप/EPFO पोर्टल से पासबुक चेक करें। मृत्यु पर परिवार को पेंशन मिलती है- यह EPFO का सबसे बड़ा फायदा। 75% सदस्यों के कम बैलेंस को देखते हुए ये बदलाव लाए गए।​ विशेषज्ञ कहते हैं: शॉर्ट-टर्म जरूरत के लिए पार्शल विड्रॉल, लॉन्ग-टर्म के लिए पेंशन। गलत फैसला पूंजी घटा सकता है।

Author
info@nitap.in

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