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EV के साथ न करें ये खिलवाड़! बाहर से एक्सेसरी लगवाने पर जल सकती है बैटरी, मॉडिफिकेशन से पहले जान लें सच।

ईवी में आफ्टरमार्केट एक्सेसरी लगवाने से पहले सावधान! गलत मॉडिफिकेशन बैटरी जलने, आग लगने का खतरा पैदा कर सकता है और महंगी वारंटी रद्द हो सकती है। दो बैटरियों- हाई-वोल्टेज और 12V- को समझें; केवल 12V से प्रमाणित एक्सेसरी जोड़ें, अधिकृत सेंटर से इंस्टॉल करवाएं। आरटीओ नियमों का पालन करें, वरना कानूनी पचड़ा। सुरक्षित अपग्रेड से ईवी लंबे चलेगी।

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ev battery safety do aftermarket accessories harm your electric car

इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की लोकप्रियता आसमान छू रही है। दिल्ली-एनसीआर समेत देशभर में ईवी अपनाने वालों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, लेकिन इसी के साथ एक नया खतरा भी उभर रहा है। कई मालिक अपनी गाड़ी को स्टाइलिश बनाने के चक्कर में डैश कैम, अतिरिक्त एलईडी लाइटिंग, हाई-पावर ऑडियो सिस्टम या अन्य आफ्टरमार्केट एक्सेसरी लगवा रहे हैं। लेकिन विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि ईवी में ऐसी छेड़छाड़ बैटरी को नुकसान पहुंचा सकती है, आग लगने का जोखिम पैदा कर सकती है और महंगी वारंटी को रद्द कर सकती है।

ईवी लोकप्रियता और नया खतरा

ईवी पूरी तरह इलेक्ट्रिकल सिस्टम पर निर्भर होते हैं, जहां पेट्रोल-डीजल कारों जैसी लचीलापन नहीं मिलता। अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, गलत इंस्टॉलेशन से शॉर्ट सर्किट हो सकता है, जो लिथियम-आयन बैटरी को गर्म करके विस्फोटक स्थिति पैदा कर देता है। हाल के मामलों में स्कूटर चार्जिंग के दौरान आग लगने की घटनाएं सामने आई हैं, जो सस्ते एक्सेसरी से जुड़ी पाई गईं। मोटर व्हीकल एक्ट के तहत बिना आरटीओ अनुमति के मॉडिफिकेशन अवैध है, जिससे चालान या वाहन जब्ती का खतरा रहता है।

ईवी में दो बैटरियां, दो अलग भूमिकाएं

ईवी मालिकों को सबसे पहले अपनी गाड़ी की बैटरी सिस्टम समझना होगा। एक सामान्य ईवी में दो मुख्य बैटरियां होती हैं: हाई-वोल्टेज प्रोपल्शन बैटरी और 12V ऑक्जिलरी बैटरी।

हाई-वोल्टेज बैटरी: यह मुख्य लिथियम-आयन बैटरी होती है (300-800V), जो मोटर को पावर देती है और 300-500 किमी रेंज तय करती है। बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (बीएमएस) इसे नियंत्रित करता है। यहां तक कि छोटी छेड़छाड़ भी बीएमएस को गड़बड़ा सकती है, जिससे रेंज कम होना, गर्मी बढ़ना या आग लगना संभव है। निर्माता स्पष्ट चेतावनी देते हैं कि इस बैटरी से सीधे एक्सेसरी जोड़ना वारंटी रद्द कर देगा।

12V ऑक्जिलरी बैटरी: पेट्रोल कारों जैसी ही, यह लाइट्स, इंफोटेनमेंट, सेंसर और लॉक सिस्टम चलाती है। ज्यादातर आफ्टरमार्केट एक्सेसरी (डैश कैम, स्पीकर्स) इसी से कनेक्ट होती हैं। लेकिन ईवी में यह बैटरी कम क्षमता वाली होती है। ज्यादा लोड से यह जल्दी डिस्चार्ज हो जाती है, एरर मैसेज आते हैं या स्टार्ट-स्टॉप फेल हो जाता है।

जोखिम क्या-क्या हैं?

गलत मॉडिफिकेशन से खतरे कई हैं। सबसे बड़ा: ओवरलोडिंग से 12V बैटरी फेल होना, जो मुख्य सिस्टम को प्रभावित कर सकता है। हाई-पावर एक्सेसरी मुख्य बैटरी से जोड़ने पर शॉर्ट सर्किट आग का कारण बनता है। लोकल एक्सेसरी अक्सर खराब वायरिंग वाली होती हैं, जो इंसुलेशन फेल करके लीकेज पैदा करती हैं। जगरण की रिपोर्ट बताती है कि नई मोटर व्हीकल एक्ट में इलेक्ट्रिकल बदलाव सख्ती से प्रतिबंधित हैं।

वारंटी पर असर सबसे चिंताजनक है। भारी उद्योग मंत्रालय ने ईवी बैटरी के लिए न्यूनतम 3-8 साल की वारंटी अनिवार्य की है (दो-पहिया पर 3 साल/20,000 किमी)। लेकिन मॉडिफिकेशन होने पर क्लेम रिजेक्ट हो जाता है। रेडिट थ्रेड्स में यूजर्स शेयर करते हैं कि इलेक्ट्रिकल बदलाव इंजन वारंटी बचाते हैं, लेकिन ईसीयू या हाई-वोल्टेज सिस्टम छेड़ना पूरी वारंटी खत्म कर देता है।

सुरक्षित मॉडिफिकेशन के टिप्स

फिर भी, सावधानी से एक्सेसरी लगाना संभव है।- प्रमाणित ब्रांडेड प्रोडक्ट चुनें, लोकल से बचें।

  • हमेशा 12V बैटरी से कनेक्ट करें, मुख्य से नहीं।
  • अधिकृत सर्विस सेंटर से इंस्टॉल करवाएं; वे लोड कैलकुलेट करते हैं।
  • मैन्युअल चेक करें और आरटीओ एनओसी लें बड़े बदलावों के लिए।
  • बीमा अपडेट करवाएं, क्योंकि प्रीमियम बढ़ सकता है।

चार्जिंग के दौरान गर्मी या असामान्य आवाज पर तुरंत जांचें। यूट्यूब वीडियोज में ईवी आग के केस दिखाते हैं कि अधिकांश मॉडिफिकेशन से जुड़े हैं।​

ईवी क्रांति के दौर में उपभोक्ताओं को जागरूक रहना होगा। छोटी अपग्रेड के चक्कर में लाखों की बैटरी खराब न हो, इसलिए फैक्ट्री गाइडलाइंस का पालन करें। सरकार और निर्माता मिलकर ईवी को सुरक्षित बनाने पर काम कर रहे हैं, लेकिन जिम्मेदारी मालिक की है। सही जानकारी से आपकी ईवी लंबे समय चलेगी, बिना किसी खिलवाड़ के।

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info@nitap.in

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