
घरेलू सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों में ऐतिहासिक उथल-पुथल देखने को मिल रही है, पिछले कुछ सत्रों में सोने के भाव में आई भारी गिरावट ने निवेशकों और आम ग्राहकों को चौंका दिया है, 24 कैरेट सोने का भाव, जो हाल ही में ₹1,54,879 प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था, अब लुढ़ककर ₹1,49,000 के करीब आ गया है बाजार जानकारों के मुताबिक, साप्ताहिक आधार पर यह पिछले 42 वर्षों की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई है।
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क्यों आई सोने की कीमतों में इतनी बड़ी गिरावट?
बाजार विशेषज्ञों ने इस बड़ी गिरावट के पीछे तीन मुख्य कारणों को जिम्मेदार ठहराया है:
- भारी मुनाफावसूली (Profit Booking): रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद निवेशकों ने बड़े स्तर पर अपना मुनाफा वसूलना शुरू किया, जिससे बाजार में बिकवाली का दबाव बढ़ा और कीमतें नीचे आ गईं।
- मजबूत अमेरिकी डॉलर: वैश्विक बाजार में अमेरिकी डॉलर की मजबूती और फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की संभावनाओं में बदलाव ने सोने की चमक को कम किया है।
- भू-राजनीतिक स्थितियां: मध्य पूर्व में तनाव के बीच वैश्विक अर्थव्यवस्था में आए बदलावों का असर सुरक्षित निवेश (Safe-haven) माने जाने वाले सोने पर साफ दिख रहा है।
प्रमुख शहरों में आज का हाल (21 मार्च 2026)
आज देश के बड़े शहरों में सोने के भाव कुछ इस प्रकार दर्ज किए गए:
- दिल्ली: 24K सोना ₹1,49,070 और 22K सोना ₹1,36,550 प्रति 10 ग्राम।
- मुंबई: 24K सोना ₹1,51,637 और 22K सोना ₹1,38,899 प्रति 10 ग्राम।
- बेंगलुरु: 24K सोना ₹1,48,837 और 22K सोना ₹1,36,434 प्रति 10 ग्राम।
एक्सपर्ट की राय: क्या अब खरीदारी करना सही है?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि सोने की कीमतों में आई यह गिरावट उन लोगों के लिए एक ‘गोल्डन चांस’ हो सकती है जो निवेश या आने वाले शादी-ब्याह के सीजन के लिए खरीदारी करना चाहते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, हालांकि अल्पकालिक (Short-term) बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है, लेकिन दीर्घकालिक (Long-term) नजरिए से सोना अभी भी मजबूत है, अनुमान लगाया जा रहा है कि 2026 के अंत तक भाव ₹1.75 लाख के स्तर को छू सकते हैं, सलाह दी जा रही है कि निवेशक एक साथ बड़ी राशि लगाने के बजाय किश्तों में खरीदारी (Staggered Buying) करें ताकि जोखिम कम रहे।
















