भारत के किसान अब खेती से कहीं आगे बढ़कर उद्यमी बनने को तैयार हैं। केंद्र सरकार ने कृषि आधारित स्टार्टअप्स के लिए विशेष लोन योजनाएं शुरू की हैं, जिनमें बिना किसी गारंटी के 25 लाख तक की अनुदान राशि और 5 लाख तक के कम ब्याज वाले ऋण शामिल हैं। ये पहल 2025-26 के बजट में और मजबूत हुई हैं, जिससे लाखों युवा किसान अपना व्यवसाय खड़ी कर सकेंगे। पंजाब जैसे कृषि प्रधान राज्य में यह कदम ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा देगा। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे न केवल आय में वृद्धि होगी, बल्कि कृषि क्षेत्र में नवाचार भी आएगा।

Table of Contents
प्रमुख योजनाओं का खुलासा
सरकार की उद्यम पूंजी सहायता योजना एग्रीप्रेन्योर्स के लिए सबसे आकर्षक है। इसके तहत छोटे और सीमांत किसान, स्वयं सहायता समूह, महिलाएं तथा अनुसूचित जाति-जनजाति के सदस्यों को 25 लाख तक का अनुदान मिल सकता है। यह राशि ग्रीनफील्ड कृषि उद्यम स्थापित करने, कार्यशील पूंजी जुटाने या आधुनिक यंत्र खरीदने के काम आएगी। राष्ट्रीय कृषि विकास बैंक और अन्य संस्थाएं इसे लागू कर रही हैं। इसी तरह किसान क्रेडिट कार्ड योजना में अब बड़े बदलाव हुए हैं।
इसमें 5 लाख तक का ऋण 4 प्रतिशत ब्याज पर उपलब्ध है, जिसमें समय पर भुगतान करने पर 3 प्रतिशत अतिरिक्त छूट भी दी जाती है। इसकी वैधता 6 वर्ष की है, जो बीज, खाद, उपकरण खरीद या छोटे स्टार्टअप के लिए उपयोगी साबित होगी। हाल ही में 2 लाख तक के कर्ज माफी का प्रावधान भी जोड़ा गया है।
कौन बन सकता है पात्र?
इन योजनाओं के लिए योग्यता सरल रखी गई है। छोटे किसान, युवा उद्यमी, महिलाएं और वंचित वर्गों को प्राथमिकता मिलेगी। जरूरी है कि प्रस्तावित व्यवसाय कृषि से जुड़ा हो, जैसे फसल प्रसंस्करण इकाई, ड्रोन स्प्रेइंग सेवा या जैविक उत्पाद निर्माण। न्यूनतम दस्तावेजों में आधार कार्ड, बैंक खाता विवरण और एक बुनियादी व्यवसाय योजना शामिल है। राज्य स्तर पर भी पहल चल रही हैं, जहां उत्तर प्रदेश जैसी सरकारें 5 से 10 लाख तक बिना ब्याज का ऋण दे रही हैं। बड़े स्तर पर 1 करोड़ तक का ऋण 1.5 से 7 प्रतिशत सब्सिडी के साथ उपलब्ध है।
आवेदन कैसे करें?
आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल और आसान है।
- सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट जैसे pmmy.gov.in या NABARD पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करें।
- अपना बिजनेस प्लान तैयार रखें, जिसमें व्यवसाय का मॉडल, अपेक्षित आय और बाजार की संभावनाएं स्पष्ट हों।
- आधार, बैंक पासबुक और अन्य प्रमाण-पत्र अपलोड करें।
- आवेदन जमा करने के बाद स्थानीय बैंक शाखा या कृषि विभाग से संपर्क करें।
पूरी प्रक्रिया 15 से 30 दिनों में पूर्ण हो जाती है। बैंक जल्द स्वीकृति देते हैं, खासकर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक।
लाभ और चुनौतियां
ये योजनाएं किसानों को आत्मनिर्भर बनाने का माध्यम हैं। पंजाब के लुधियाना जिले में पहले ही कई युवा ड्रोन आधारित सेवाएं और ऑर्गेनिक प्रोसेसिंग यूनिट चला रहे हैं। हालांकि जागरूकता की कमी और कागजी कार्रवाई में देरी चुनौतियां बनी हुई हैं। कृषि मंत्री ने कहा कि एग्री-स्टार्टअप से ग्रामीण भारत को नई दिशा मिलेगी। किसान भाइयों, यह मौका हाथ से न जाने दें। स्थानीय कृषि कार्यालय या बैंक से तुरंत संपर्क करें। सरकार की यह भारी रकम न केवल व्यवसाय शुरू कराएगी, बल्कि पूरे परिवार की किस्मत बदल देगी।
















