
देश के करोड़ों प्रवासी मजदूरों और अस्थायी रूप से दूसरे शहरों में रहने वाले कामगारों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है केंद्र सरकार और सरकारी तेल कंपनियों (IOCL, BPCL, HPCL) ने एलपीजी सिलेंडर प्राप्त करने के नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए ‘एड्रेस प्रूफ’ (पते का प्रमाण) की अनिवार्यता को खत्म कर दिया है, अब प्रवासी नागरिक बिना किसी स्थानीय दस्तावेज के 5 किलो वाला छोटा गैस सिलेंडर तुरंत प्राप्त कर सकेंगे।
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क्या है नई सुविधा?
अक्सर दूसरे शहरों में काम की तलाश में आने वाले मजदूरों और छात्रों को सबसे बड़ी समस्या रसोई गैस कनेक्शन लेने में आती थी, क्योंकि उनके पास स्थानीय पते का कोई ठोस प्रमाण नहीं होता था। इस समस्या को देखते हुए ‘छोटू’ (IndianOil) और ‘अप्पू’ (HP Gas) जैसे 5 किलो वाले फ्री ट्रेड एलपीजी (FTL) सिलेंडरों को प्रमोट किया जा रहा है। इसके लिए अब किसी रेजिडेंशियल प्रूफ की जरूरत नहीं होगी।
कैसे करें तुरंत अप्लाई: स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस
अगर आप भी यह सिलेंडर लेना चाहते हैं, तो इन आसान स्टेप्स को फॉलो करें:
- आप अपने पास के किसी भी एलपीजी वितरक, पेट्रोल पंप, या अधिकृत किराना स्टोर/सुपरमार्केट पर जा सकते हैं।
- आपको केवल एक वैध सरकारी पहचान पत्र (जैसे आधार कार्ड, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस या पैन कार्ड) दिखाना होगा।
- पते के प्रमाण की मांग नहीं की जाएगी। आप निर्धारित शुल्क का भुगतान कर तुरंत सिलेंडर और रेगुलेटर अपने साथ ले जा सकते हैं।
- ग्राहक इंडियन ऑयल या संबंधित कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर भी पंजीकरण कर सकते हैं और होम डिलीवरी का विकल्प चुन सकते हैं।
इस योजना की मुख्य विशेषताएं
- नो सिक्योरिटी डिपॉजिट: इन छोटे सिलेंडरों के लिए भारी-भरकम सिक्योरिटी मनी जमा करने की जरूरत नहीं होती।
- आसान रिफिल: रिफिल के लिए ग्राहक किसी भी अधिकृत पॉइंट पर जा सकते हैं। बुकिंग के लिए 8454955555 पर मिस्ड कॉल की सुविधा भी उपलब्ध है।
- बायबैक का विकल्प: यदि कोई मजदूर शहर छोड़ रहा है, तो वह सिलेंडर वापस कर उसकी एक निश्चित कीमत (लगभग ₹500) वापस प्राप्त कर सकता है।
- पोर्टेबिलिटी: यह छोटा और हल्का होने के कारण एक जगह से दूसरी जगह ले जाने में बेहद सुविधाजनक है।
सरकार का उद्देश्य
इस कदम का मुख्य उद्देश्य प्रवासियों को अवैध और असुरक्षित गैस रिफिलिंग से बचाना और उन्हें स्वच्छ ईंधन तक आसान पहुंच प्रदान करना है इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि कागजी कार्रवाई के झंझट से भी मुक्ति मिलेगी।
















