हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण ने शहर को एक नए दौर में ले जाने के लिए बड़ा प्लान तैयार किया है। लगभग 17,000 एकड़ जमीन पर 51 नए सेक्टर बसाने की यह योजना गुरुग्राम के मौजूदा नक्शे को हमेशा के लिए बदल देगी। पहले चरण में ही हजारों एकड़ भूमि पर काम शुरू हो जाएगा, जिससे आवास और व्यापार के नए अवसर पैदा होंगे। यह कदम शहर की बढ़ती आबादी को समायोजित करने और बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने की दिशा में उठाया गया है।

योजना तीन चरणों में लागू होगी। पहले चरण में शहर के विभिन्न हिस्सों जैसे सेक्टर 26, 36ए, 37डी, 59 से 61 और 63 से 113 तक फैले इलाकों पर फोकस रहेगा। यह चरण मार्च से अप्रैल तक चलेगा। दूसरे चरण में सोहना, पटौदी और ग्वाल पहाड़ी जैसे क्षेत्रों को शामिल किया जाएगा, जो मई से जून तक चलेगा। तीसरा चरण फर्रुखनगर के आसपास के सेक्टरों पर केंद्रित होगा, जो जुलाई से अगस्त तक पूरा होगा। इन इलाकों में ज्यादातर ग्रामीण और अर्ध-शहरी भूमि का इस्तेमाल होगा, जहां मालिकों को मुआवजा और विकसित प्लॉट मिलेंगे।
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नए सेक्टरों से शहर का विस्तार
इन नए सेक्टरों से गुरुग्राम का दायरा काफी फैलेगा। द्वारका एक्सप्रेसवे और KMP एक्सप्रेसवे से जुड़े होने से कनेक्टिविटी बेहतर हो जाएगी। किसानों को उनकी जमीन के बदले 20 से 25 प्रतिशत विकसित प्लॉट और नकद राशि मिलेगी, जिससे वे भी विकास का हिस्सा बन सकेंगे। ई-पोर्टल के जरिए आवेदन प्रक्रिया आसान बनेगी, और पारदर्शिता बनी रहेगी। इससे अवैध बस्तियों पर लगाम लगेगी तथा नियोजित विकास को बढ़ावा मिलेगा।
रियल एस्टेट में नई हलचल
यह योजना संपत्ति बाजार को नई गति देगी। मध्यम वर्ग के लोगों को सस्ते प्लॉट मिलने से घर खरीदने का सपना पूरा होगा। नए इलाकों में स्कूल, अस्पताल, बाजार और मेट्रो जैसी सुविधाएं होंगी। सड़कें चौड़ी होंगी, बिजली-पानी की सप्लाई मजबूत होगी। विशेषज्ञों का अनुमान है कि संपत्ति के दाम 20 से 30 प्रतिशत तक उछाल सकते हैं। दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के असर से पहले ही बाजार गर्म था, अब यह और तेज रफ्तार पकड़ेगा। हजारों नौकरियां पैदा होंगी, और निवेशकों का रुझान बढ़ेगा।
पर्यावरण और चुनौतियां
हालांकि योजना भव्य है, लेकिन पर्यावरण की चिंता भी है। बड़े पैमाने पर निर्माण से हरियाली पर असर पड़ सकता है। अधिकारियों ने हरी पट्टियां, जल संरक्षण और स्मार्ट सिटी मॉडल पर जोर दिया है। स्थानीय लोग चाहते हैं कि किसानों के हित सुरक्षित रहें और ट्रैफिक जाम जैसी पुरानी समस्याएं न दोहराएं। IoT आधारित ट्रैफिक प्रबंधन और स्मार्ट ग्रिड जैसी तकनीकें इन मुद्दों का समाधान करेंगी।
भविष्य की झलक
2031 तक गुरुग्राम 50 लाख आबादी वाला आधुनिक शहर बन सकता है। HSVPC जल्द ही प्लॉटों की ई-नीलामी शुरू करेगा, जिससे निवेशकों में उत्साह है। राज्य सरकार का लक्ष्य आर्थिक विकास को गति देना है। यह परियोजना न केवल गुरुग्राम बल्कि पूरे हरियाणा के लिए मील का पत्थर साबित होगी। सफलता तभी मिलेगी जब समय पर काम हो, हितधारकों की बात सुनी जाए और संतुलित विकास हो। शहरवासी बेसब्री से नए गुरुग्राम का इंतजार कर रहे हैं।
















