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हिट एंड रन के शिकार? अब मुआवजे के लिए सरकारी दफ्तर के चक्कर खत्म! घर बैठे ऑनलाइन अप्लाई करें और 15 दिन में पाएं ₹2 लाख

सड़क हादसों, विशेषकर 'हिट एंड रन' (Hit and Run) मामलों के शिकार लोगों और उनके परिजनों के लिए सरकार ने राहत की राह आसान कर दी है, अब मुआवजे के लिए सरकारी दफ्तरों की खाक छानने की जरूरत नहीं होगी, नई व्यवस्था के तहत पीड़ित पक्ष घर बैठे ऑनलाइन आवेदन कर सकता है और पात्र पाए जाने पर मात्र 15 दिनों के भीतर ₹2 लाख तक की राशि सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी

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हिट एंड रन के शिकार? अब मुआवजे के लिए सरकारी दफ्तर के चक्कर खत्म! घर बैठे ऑनलाइन अप्लाई करें और 15 दिन में पाएं ₹2 लाख
हिट एंड रन के शिकार? अब मुआवजे के लिए सरकारी दफ्तर के चक्कर खत्म! घर बैठे ऑनलाइन अप्लाई करें और 15 दिन में पाएं ₹2 लाख

सड़क हादसों, विशेषकर ‘हिट एंड रन’ (Hit and Run) मामलों के शिकार लोगों और उनके परिजनों के लिए सरकार ने राहत की राह आसान कर दी है, अब मुआवजे के लिए सरकारी दफ्तरों की खाक छानने की जरुरत नहीं होगी, नई व्यवस्था के तहत पीड़ित पक्ष घर बैठे ऑनलाइन आवेदन कर सकता है और पात्र पाए जाने पर मात्र 15 दिनों के भीतर ₹2 लाख तक की राशि सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी।

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मुआवजे की राशि में 8 गुना बढ़ोतरी

‘हिट एंड रन मोटर दुर्घटना योजना 2022’ के लागू होने के बाद मुआवजे की रकम में भारी इजाफा किया गया है।

  • मृत्यु के मामले में: पहले मिलने वाले ₹25,000 को बढ़ाकर अब ₹2 लाख कर दिया गया है।
  • गंभीर चोट के मामले में: सहायता राशि को ₹12,500 से बढ़ाकर ₹50,000 कर दिया गया है।

डिजिटल हुई प्रक्रिया: कैसे करें आवेदन?

सरकारी सिस्टम को पारदर्शी और तेज बनाने के लिए आवेदन की प्रक्रिया को ऑनलाइन कर दिया गया है।

  •  आवेदक ‘जनरल इंश्योरेंस काउंसिल’ (GIC) की वेबसाइट से आवश्यक फॉर्म (Form I और Form IV) डाउनलोड कर सकते हैं।
  •  भरे हुए दस्तावेजों को सीधे hitandrunschemeclaims@gicouncil.in पर ई-मेल किया जा सकता है।
  • आवेदन के साथ FIR की कॉपी, मेडिकल रिपोर्ट (चोट की स्थिति में) या पोस्टमार्टम रिपोर्ट (मृत्यु की स्थिति में), आधार कार्ड और बैंक पासबुक की कॉपी अटैच करना अनिवार्य है।

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15 दिन का ‘डेडलाइन’ सिस्टम

प्रशासनिक देरी को खत्म करने के लिए सरकार ने सख्त समयसीमा तय की है, जांच अधिकारी द्वारा रिपोर्ट सौंपने के बाद, ‘क्लेम सेटलमेंट कमिश्नर’ को 15 दिनों के भीतर मुआवजे की मंजूरी देनी होती है। मंजूरी मिलते ही राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेज दी जाती है।

कैशलेस इलाज की भी सुविधा

मुआवजे के अलावा, केंद्र सरकार ने सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए ₹1.5 लाख तक के नकद रहित उपचार (Cashless Treatment) की योजना भी शुरू की है, दुर्घटना के समय तत्काल मदद के लिए 112 नंबर डायल किया जा सकता है, जिससे ‘गोल्डन ऑवर’ में पीड़ित की जान बचाई जा सके।

Hit and Run Compensation Claim Rule
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info@nitap.in

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