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पेट्रोल पंप ने लगा दिया चूना? अब मोबाइल से करें सीधी शिकायत, 24 घंटे में होगी कार्रवाई, लाइसेंस हो जाएगा रद्द ये रहा कंपनियों का टोल-फ्री नंबर

अगर आप भी पेट्रोल पंप पर तेल भरवाते समय घटतौली या मिलावट के शिकार हुए हैं, तो अब आपको चुप रहने की जरूरत नहीं है, अक्सर देखा जाता है कि पेट्रोल पंप संचालक ग्राहकों को कम तेल देकर या खराब क्वालिटी का ईंधन बेचकर 'चूना' लगाते हैं, लेकिन अब सरकार और तेल कंपनियों ने नियमों को इतना सख्त कर दिया है कि आपकी एक शिकायत पर पेट्रोल पंप का लाइसेंस तक रद्द हो सकता है

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पेट्रोल पंप ने लगा दिया चूना? अब मोबाइल से करें सीधी शिकायत, 24 घंटे में होगी कार्रवाई, लाइसेंस हो जाएगा रद्द ये रहा कंपनियों का टोल-फ्री नंबर
पेट्रोल पंप ने लगा दिया चूना? अब मोबाइल से करें सीधी शिकायत, 24 घंटे में होगी कार्रवाई, लाइसेंस हो जाएगा रद्द ये रहा कंपनियों का टोल-फ्री नंबर

अगर आप भी पेट्रोल पंप पर तेल भरवाते समय घटतौली या मिलावट के शिकार हुए हैं, तो अब आपको चुप रहने की जरूरत नहीं है, अक्सर देखा जाता है कि पेट्रोल पंप संचालक ग्राहकों को कम तेल देकर या खराब क्वालिटी का ईंधन बेचकर ‘चूना’ लगाते हैं, लेकिन अब सरकार और तेल कंपनियों ने नियमों को इतना सख्त कर दिया है कि आपकी एक शिकायत पर पेट्रोल पंप का लाइसेंस तक रद्द हो सकता है।

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24 घंटे में होगी कार्रवाई, सीधे मोबाइल से दर्ज करें शिकायत

अब ग्राहकों को किसी दफ्तर के चक्कर काटने की जरूरत नहीं है, अगर आपको तेल की मात्रा या गुणवत्ता पर शक है, तो आप अपने मोबाइल से तुरंत शिकायत दर्ज करा सकते है, नियमों के मुताबिक, गंभीर शिकायतों पर 24 घंटे के भीतर संज्ञान लिया जाता है और जांच प्रक्रिया शुरू कर दी जाती है।

इन टोल-फ्री नंबरों को कर लें नोट

देश की प्रमुख तेल कंपनियों ने ग्राहकों की सुविधा के लिए विशेष हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं, जो 24×7 काम करते हैं:

  • इंडियन ऑयल (IOCL): 1800-2333-555
  • भारत पेट्रोलियम (BPCL): 1800-22-4344
  • हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL): 1800-233-3555
  • गैस रिसाव/आपात स्थिति: 1906

इसके अलावा, आप भारत सरकार के आधिकारिक पोर्टल PGPortal पर जाकर सीधे पेट्रोलियम मंत्रालय को अपनी शिकायत भेज सकते हैं। सोशल मीडिया पर एक्टिव रहने वाले लोग ट्विटर (X) पर @MoPNG_eSeva को टैग करके भी अपनी बात रख सकते हैं।

जांच में दोषी पाए गए तो खैर नहीं!

शिकायत मिलने के बाद कंपनी के फील्ड ऑफिसर पंप का औचक निरीक्षण करते हैं, यदि जांच में यह पाया जाता है कि डिस्पेंसिंग यूनिट (मशीन) के साथ छेड़छाड़ हुई है या स्टॉक में मिलावट है, तो ‘मार्केटिंग डिसिप्लिन गाइडलाइंस’ (MDG) के तहत भारी जुर्माना लगाया जाता है, बार-बार उल्लंघन होने या बड़ी धोखाधड़ी सामने आने पर संबंधित पेट्रोल पंप का सेल्स एंड सप्लाई लाइसेंस स्थायी रूप से रद्द करने का प्रावधान है।

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मौके पर ही कर सकते हैं ये टेस्ट

शिकायत दर्ज करने से पहले आप पेट्रोल पंप पर मौजूद अधिकारियों से निम्नलिखित जांच की मांग कर सकते हैं, जिसे मना करना गैरकानूनी है:

  1. क्वांटिटी टेस्ट: 5 लीटर के प्रमाणित जार से तेल की मात्रा चेक करना।
  2. फिल्टर पेपर टेस्ट: पेट्रोल की शुद्धता जांचने के लिए फिल्टर पेपर का उपयोग।
  3. घनत्व (Density) जांच: ईंधन की डेंसिटी रजिस्टर से मिलान करना।

पेट्रोल पंप पर मुफ्त हवा, स्वच्छ शौचालय और पीने के पानी की सुविधा देना अनिवार्य है। यदि इनमें से कोई भी सुविधा न मिले, तो ऊपर दिए गए नंबरों पर इसकी भी शिकायत की जा सकती है।

How to Complain Petrol Pump Rigging While Delivering Fuel Petrol Pump
Author
info@nitap.in

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