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इन्वर्टर बैटरी का पानी कब बदलें? 90% लोग करते हैं ये गलती, बैटरी की लाइफ बढ़ाने के लिए अपनाएं ये ट्रिक

बैटरी जल्दी खराब हो जाती है? सही समय पता न होने से लाखों रुपये डूब जाते हैं! जानें आसान ट्रिक्स, पानी चेक करने का तरीका और लाइफ दोगुनी करने के टिप्स। आज अपनाएं, बिजली कटौती में कभी परेशान न हों!

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बिजली कटौती के दौर में इन्वर्टर घरों का सबसे भरोसेमंद साथी बन चुका है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि महंगी बैटरी की उम्र आधी रह जाती है सिर्फ एक छोटी सी भूल से। घरों में इस्तेमाल होने वाली लेड एसिड बैटरी में पानी का लेवल सही न रखने से प्लेट्स खराब हो जाती हैं और बैकअप टाइम घट जाता है। लाखों लोग अनजाने में गलतियां करते हैं, जिससे हर साल नई बैटरी खरीदने का खर्चा बढ़ता है।

इन्वर्टर बैटरी का पानी कब बदलें? 90% लोग करते हैं ये गलती, बैटरी की लाइफ बढ़ाने के लिए अपनाएं ये ट्रिक

गर्मी में तेजी से सूखता है पानी

भारत जैसे गर्म देश में इन्वर्टर बैटरी का इलेक्ट्रोलाइट तेजी से वाष्पित हो जाता है। खासकर पंजाब के इलाकों में जहां बिजली कटौती लंबी होती है, पानी का खर्च दोगुना हो जाता है। चार्जिंग के दौरान गैस बनती है जो पानी को उड़ा ले जाती है। अगर प्लेट्स हवा में लटक आएं तो बैटरी हमेशा के लिए खराब। ज्यादातर लोग महीनों चेक ही नहीं करते, नतीजा बैटरी का जल्दी फेल होना।

चेक करने का सही समय

नियमित जांच ही बैटरी को बचाती है। गर्मियों में हर 30 से 45 दिन एक बार लेवल देखें। अगर बिजली कटौती कम है तो दो से तीन महीने का गैप रख सकते हैं। बैटरी पर लगे फ्लोट इंडिकेटर को नोटिस करें। अगर ये लाल रंग का दिखे या पानी न्यूनतम लाइन से नीचे हो तो तुरंत भरें। नई बैटरी में ये इंडिकेटर बहुत मददगार साबित होता है। ज्यादा लोड वाले घरों में हर 20 दिन जांच जरूरी।

केवल शुद्ध डिस्टिल्ड वॉटर ही सही

सबसे बड़ी भूल नल या आरओ का पानी डालना। इसमें मौजूद अशुद्धियां प्लेट्स पर जमाव पैदा कर बैटरी को कमजोर बनाती हैं। बाजार से डिस्टिल्ड वॉटर लें, जो भाप से शुद्ध बनाया जाता है। एक लीटर की कीमत 20 से 50 रुपये। फ्रेश बोतल चुनें और एक्सपायरी डेट चेक करें। ये पानी इलेक्ट्रोलाइट को बैलेंस रखता है और रासायनिक प्रक्रिया को सही चलने देता है। गलत पानी से छह महीने में ही बैटरी खत्म।

स्टेप बाय स्टेप भरने की प्रक्रिया

सुरक्षा पहले। इन्वर्टर को पूरी तरह बंद करें और बैटरी को पांच से छह घंटे आराम दें। गैस निकलने का समय दें। रबर के ग्लव्स और चश्मा पहनें। बैटरी को बराबर सतह पर रखें। धीरे से ढक्कन खोलें। हर सेल में ट्यूब या फनल से निचली और ऊपरी लाइन के बीच पानी भरें। ज्यादा न डालें वरना ओवरफ्लो से शॉर्ट सर्किट हो सकता है। 30 मिनट रुकें ताकि बुलबुले बाहर आ जाएं। ढक्कन कसकर बंद करें। उसके बाद 10 से 12 घंटे फुल चार्ज चलाएं। वोल्टेज मीटर से 12.5 से 13 वोल्ट तक होना चाहिए।

पूरी प्रक्रिया में 15 मिनट लगते हैं। वेंटिलेशन वाला कमरा चुनें। धूप या नमी से दूर रखें। अगर पानी गिर जाए तो तुरंत साफ कपड़े से पोंछ लें।

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बैटरी लाइफ बढ़ाने के आसान उपाय

ओवरचार्जिंग से बचें। बैटरी को 50 से 80 प्रतिशत पर रखें। धूल जमने न दें और कनेक्शन टाइट रखें। ट्यूबुलर बैटरी हर तीन महीने चेक करें। ल्यूमिनस या एमारॉन जैसी ब्रांड के मैनुअल पढ़ें। साफ सुथरी जगह पर रखें ताकि वाष्पीकरण कम हो। गर्मी में पंखे की हवा या कूलर के पास न रखें।

इन छोटी आदतों से 150 एएच की बैटरी चार से पांच साल चलेगी। बिजली संकट के समय ये बचत हजारों रुपये की होती है। कंज्यूमर फोरम भी नियमित मेंटेनेंस की सलाह देता है।

अब इंतजार न करें। आज ही अपनी बैटरी चेक करें। सही देखभाल से बिजली कटौती का डर हमेशा के लिए दूर। घर का बिजली बिल भी बचेगा और बैकअप लंबा मिलेगा।

Author
info@nitap.in

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