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आधार कार्ड में जन्मतिथि बदलने की आखिरी लिमिट क्या है? गलती की तो पड़ेगा पछताना, जानें कितने बार मिलता है मौका

आधार कार्ड में जन्म तिथि सिर्फ एक बार बदली जा सकती है। 3 साल से ज्यादा फर्क हो तो नामंजूर। गलती हुई तो UIDAI में अपील करनी पड़ेगी। सावधानी बरतें, वरना जीवनभर परेशानी। नजदीकी केंद्र पर जाकर दस्तावेज सही रखें।

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भारत का सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज आधार कार्ड अब जन्म तिथि बदलने के मामले में बेहद सख्त हो चुका है। लाखों लोग रोजाना बैंकिंग, पेंशन और सरकारी योजनाओं के लिए आधार पर निर्भर हैं, लेकिन जन्म तिथि में गलती सुधारने का अवसर जीवन में केवल एक ही बार मिलता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह नियम फर्जीवाड़े को रोकने के लिए लाया गया, मगर आम नागरिकों के लिए यह एक बड़ा जोखिम बन गया है। गलत तारीख चुन ली तो सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ेंगे।

आधार कार्ड में जन्मतिथि बदलने की आखिरी लिमिट क्या है? गलती की तो पड़ेगा पछताना, जानें कितने बार मिलता है मौका

सख्त नियमों का नया दौर

यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने हाल ही में जारी दिशानिर्देशों में स्पष्ट कर दिया है कि जन्म तिथि में बदलाव सिर्फ एक बार ही संभव है। पुरानी और नई तारीख के बीच तीन साल से ज्यादा का अंतर होने पर आवेदन नामंजूर हो जाता है। नाम को दो बार बदला जा सकता है, जबकि लिंग में सुधार का मौका भी एक ही है। पता और मोबाइल नंबर जैसे विवरणों को जितनी बार चाहें अपडेट कराया जा सकता है। मार्च 2026 से नई प्रक्रिया में हर आवेदन की गहन जांच शुरू हो गई है, जिसमें शपथ पत्र भी अनिवार्य कर दिया गया। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि पहले मामलों में ढील थी, अब मैन्युअल सत्यापन से धोखाधड़ी रुकेगी।

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अपडेट कराने की प्रक्रिया

जन्म तिथि बदलवाने के लिए ऑनलाइन पोर्टल काम नहीं आता। आपको नजदीकी आधार सेवा केंद्र पहुंचना होगा, जहां बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद फॉर्म भरना पड़ता है। जरूरी कागजातों में जन्म प्रमाण पत्र, स्कूल सर्टिफिकेट, गजेट अधिसूचना या अदालती आदेश शामिल हैं। प्रक्रिया में केवल 50 रुपये लगते हैं, लेकिन अनुमोदन में 15 से 30 दिन लग सकते हैं। अगर एक बार की सीमा पार हो जाए, तो केंद्रीय प्राधिकरण को ईमेल या डाक से अपील करनी पड़ती है। इसमें पते का प्रमाण और शपथ पत्र जोड़ना आवश्यक होता है। उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में अब एकसमान जन्म प्रमाण ही मान्य होंगे।

क्यों हो रही हैं शिकायतें?

गलत जन्म तिथि से रेलवे टिकट बुकिंग से लेकर गैस कनेक्शन और निवेश योजनाओं तक पर असर पड़ता है। मेरठ के रहने वाले एक युवक ने बताया कि स्कूली रिकॉर्ड में दो साल का अंतर था। पहली कोशिश नाकाम रही, अब वे महीनों से अधिकारियों के पीछे भाग रहे हैं। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि दस्तावेज पहले ही जांच लें। हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर सही जानकारी लें। डिजिटल युग में आधार अपडेट अनिवार्य है, लेकिन जल्दबाजी महंगी पड़ सकती है।  

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info@nitap.in

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