गर्मी ने दस्तक दे दी है और हर कार मालिक अब एसी की ठंडक की तलाश में है। लेकिन सावधान! आपकी कार का एयर कंडीशनर न सिर्फ इंजन को लोड दे रहा है, बल्कि आपकी जेब को भी चुपचाप खाली कर रहा है। विशेषज्ञों के विश्लेषण से पता चलता है कि एक घंटे लगातार एसी चलाने पर छोटी कारों में 0.2 से 0.4 लीटर और बड़ी एसयूवी में 0.5 से 0.7 लीटर तक पेट्रोल खर्च हो जाता है।
आज जब पेट्रोल की कीमत 100 रुपये प्रति लीटर के पार पहुंच चुकी है, तो यह खर्च 20 से 70 रुपये तक बन जाता है। इतना ही नहीं, घर के एयर कंडीशनर की तुलना में कार का एसी 3 से 5 गुना महंगा साबित हो रहा है। ऐसे में कई ड्राइवर अब खिड़कियां खोलकर गाड़ी चलाने का रास्ता अपना रहे हैं।

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क्यों इतना ज्यादा खर्च क्यों?
कार का एसी इंजन से सीधे पावर लेता है। कंप्रेसर चलाने के लिए इंजन को अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ती है, जिससे माइलेज में 10 से 30 प्रतिशत तक की कमी आ जाती है। मान लीजिए आपकी हैचबैक कार सामान्य रूप से 15 किलोमीटर प्रति लीटर चलती है, एसी ऑन करने पर यह 10-12 किलोमीटर प्रति लीटर रह जाती है। खासकर तब जब गाड़ी खड़ी होकर आइडलिंग पर हो, क्योंकि तब पूरा लोड इंजन पर पड़ता है। चलती कार में थोड़ी राहत मिलती है, लेकिन फिर भी फर्क साफ नजर आता है। बड़ी गाड़ियों में यह प्रभाव और गहरा होता है, क्योंकि उनका इंजन पहले से ही ज्यादा ईंधन पीता है।
घर के एसी से तुलना
घर का 1.5 टन इन्वर्टर एसी एक घंटे में लगभग 1.2 से 1.3 यूनिट बिजली खपत करता है। अगर बिजली का दर 7 रुपये प्रति यूनिट मानें, तो कुल खर्च महज 8 से 10 रुपये बैठता है। दूसरी तरफ कार का एसी पेट्रोल की ऊंची कीमतों की मार झेलता है। नतीजा यह कि वही ठंडक घर पर सस्ती पड़ती है और कार में महंगी। पंजाब जैसे राज्य में जहां पेट्रोल 102 रुपये लीटर तक बिक रहा है, यहां तो यह फर्क और चौंका देने वाला है। एक सर्वे में पाया गया कि ज्यादातर लोग लंबी ड्राइव पर एसी चालू रखते हैं, लेकिन छोटी दूरी पर खिड़कियां या फैन को तरजीह देते हैं।
लागत का आसान हिसाब
छोटी हैचबैक कार में 1 घंटे का खर्च 20 से 40 रुपये। मध्यम सेडान में 30 से 50 रुपये। वहीं एसयूवी मालिकों को 50 से 70 रुपये तक चुकाने पड़ते हैं। घर का एसी हर मामले में सबसे किफायती विकल्प साबित होता है। तेज रफ्तार पर खिड़कियां खोलना भी फायदेमंद नहीं, क्योंकि 80 किलोमीटर प्रति घंटा से ऊपर हवा का प्रतिरोध बढ़ जाता है और माइलेज फिर गिरने लगता है।
पैसे बचाने की प्रक्रिया
- सबसे पहले एसी का तापमान 24-25 डिग्री सेल्सियस पर सेट करें। इससे कंप्रेसर कम चलेगा।
- रीसर्कुलेशन मोड चालू रखें, ताकि बाहर की गर्म हवा अंदर न आए।
- 50-60 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड पर खिड़कियां खोलें, लेकिन तेज गति पर एसी बेहतर।
- छोटी दूरी पर फैन का इस्तेमाल करें, एसी से बचें।
- नियमित इंजन सर्विस रखें और 2000-2500 आरपीएम पर ड्राइव करें।
- हाइब्रिड कार चुनें, जहां एसी की खपत आधी रह जाती है।
पर्यावरण पर असर
अनावश्यक एसी चलाने से न सिर्फ ईंधन बर्बाद हो रहा, बल्कि कार्बन उत्सर्जन भी बढ़ रहा है। सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दे रही है, जहां एसी बिजली से चलता है। फिलहाल जागरूक ड्राइवर स्मार्ट तरीके अपनाकर पैसे और पर्यावरण दोनों की रक्षा कर रहे हैं। गर्मी से लड़ना जरूरी है, लेकिन बुद्धिमानी से। अगली बार एसी ऑन करने से पहले हिसाब लगाएं!
















