भारतीय रेलवे की तेज रफ्तार ट्रेनों में सीट की तलाश हर यात्री के लिए चुनौती बन चुकी है। प्रस्थान से महज कुछ घंटे बाकी रह जाएं और चार्ट बन जाए, तब भी निराश न हों। एक साधारण लेकिन कारगर तरकीब से आप खाली बर्थ हथिया सकते हैं। यह तरीका उन सीटों पर काम करता है जो आखिरी वक्त में रद्दीकरण या अनुपस्थित यात्रियों की वजह से छूट जाती हैं। लाखों लोग अब इस चाल से तनावमुक्त यात्रा कर रहे हैं।

Table of Contents
चार्ट तैयार होने का मतलब क्या है?
ट्रेन छूटने से लगभग चार घंटे पहले रिजर्वेशन का अंतिम चार्ट बनता है। इसमें सभी बुकिंग्स तय हो जाती हैं। फिर भी कई यात्री जरूरी काम या प्लान बदलने के कारण टिकट वापस कर देते हैं। कुछ तो बिना सूचना के ट्रेन में चढ़ते ही नहीं। नतीजा, लंबी दूरी की ट्रेनों में पांच से दस प्रतिशत बर्थें खाली पड़ी रहती हैं। त्योहारों के दौरान यह संख्या और बढ़ जाती है। ऐसी खाली जगहें स्टेशन के बुकिंग काउंटर पर उपलब्ध कराई जाती हैं। पहले पहुंचने वाला पहले पाता है।
खाली बर्थ का पता कैसे लगाएं?
आईआरसीटीसी का आधिकारिक ऐप या वेबसाइट खोलें। वहां चलती ट्रेन की स्थिति या उपलब्धता जांचें। ट्रेन नंबर या पीएनआर भरकर देखें कि किस बोगी में निचली, ऊपरी या साइड बर्थ तैयार है। चार्ट बनने के बाद हर दस-पंद्रह मिनट में पेज ताजा करें। ट्रेन चलने से ठीक एक घंटा पहले मौके सबसे ज्यादा मिलते हैं। उदाहरण लें, दिल्ली से लुधियाना जाने वाली शताब्दी में एस7 बोगी की निचली बर्थ खाली हो तो बस स्टेशन दौड़ें। यह प्रक्रिया वास्तविक समय में अपडेट होती रहती है।
बुकिंग के सरल चरण
स्टेशन पर पहुंचकर पीआरएस या करंट बुकिंग काउंटर की ओर बढ़ें। आधार कार्ड, वोटर पहचान पत्र या पासपोर्ट जैसा वैध प्रमाण पत्र साथ रखें। खाली बर्थ का विवरण बताएं। टीटीई तुरंत जगह आवंटित कर देगा। भुगतान नकद या यूपीआई से करें। यदि ऑनलाइन पसंद हो तो आईआरसीटीसी पर वर्तमान उपलब्धता खोजें। आरएसी या वेटिंग टिकट होने पर भी कन्फर्मेशन संभव है। ध्यान रखें, यह सामान्य कोटे तक सीमित है। पंजाब के किसान भाई और छात्र इस सुविधा से खूब लाभ उठा रहे हैं।
यात्रा को और आसान बनाने वाले सुझाव
टाटकल बुकिंग का समय कभी न चूके। एसी श्रेणी के लिए सुबह दस बजे और गैर-एसी के लिए ग्यारह बजे खुलती है। वेटलिस्ट टिकट पर आरएसी से कन्फर्म अपग्रेड का इंतजार करें। केवल आधिकारिक ऐप पर भरोसा करें। बाहरी एजेंट अतिरिक्त शुल्क लेते हैं। रेलवे ने हाल में डिजिटल भुगतान को मजबूत किया है, जिससे प्रक्रिया तेज हुई। हालांकि भीड़ रोकने के लिए जांच सख्त कर दी गई। भीड़भाड़ वाली अवधि में पहले से योजना बनाएं।
भविष्य की संभावनाएं
यह तरकीब यात्रियों की चिंता घटाती है और रेलवे की आय बढ़ाती है। आने वाले समय में कृत्रिम बुद्धिमत्ता से खाली बर्थों की पहले ही भविष्यवाणी हो सकेगी। अगली यात्रा में यह फॉर्मूला अपनाएं। ट्रेन मिस होने का भय भूलें। सुरक्षित और आरामदायक सफर का आनंद लें।
















