
अगर आपके पास खाली जमीन या घर की छत पर पर्याप्त जगह है, तो आपके लिए अच्छी खबर है, केंद्र सरकार ने देश में 5G नेटवर्क के विस्तार को गति देने के लिए ‘राइट ऑफ वे’ (RoW) नियमों में बड़े बदलाव किए हैं, इन संशोधनों के बाद अब मोबाइल टावर लगवाने के लिए NOC (अनापत्ति प्रमाण पत्र) हासिल करना पहले के मुकाबले कहीं अधिक आसान और पारदर्शी हो गया है।
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नियमों में क्या हुआ बदलाव?
दूरसंचार विभाग (DoT) के नए दिशानिर्देशों के अनुसार, अब टावर लगाने की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और समयबद्ध बना दिया गया है।
- 67 दिन का ‘डेडलाइन’ नियम: नए नियमों के तहत, यदि स्थानीय प्राधिकरण (नगर निगम या पंचायत) आवेदन मिलने के 67 दिनों के भीतर अनुमति नहीं देते हैं, तो उसे ‘स्वचालित स्वीकृति’ (Deemed Approval) मान लिया जाएगा, यानी अब फाइलों के अटकने का डर खत्म हो गया है।
- प्रॉपर्टी टैक्स में राहत: सरकार ने स्पष्ट किया है कि मोबाइल टावर को संपत्ति का हिस्सा नहीं माना जाएगा, जिससे मकान मालिकों पर अतिरिक्त प्रॉपर्टी टैक्स का बोझ नहीं पड़ेगा।
- सिंगल विंडो क्लीयरेंस: अब जमीन मालिकों और कंपनियों को अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने होंगे सभी आवेदन डिजिटल पोर्टल के जरिए प्रोसेस किए जाएंगे।
कमाई का सुनहरा मौका
मोबाइल टावर लगवाना आज के समय में ‘पैसिव इनकम’ का एक बड़ा जरिया बन गया है, लोकेशन के आधार पर कंपनियां 5,000 रुपये से लेकर 50,000 रुपये प्रति माह तक का किराया देती हैं, बड़े शहरों और प्राइम लोकेशंस पर यह राशि और भी अधिक हो सकती है।
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आवेदन के लिए जरूरी शर्तें
- छत पर टावर के लिए कम से कम 1200 वर्ग फुट और खाली जमीन के लिए 2000-2500 वर्ग फुट जगह होनी चाहिए।
- आपके पास जमीन के मालिकाना हक के कागज (Registry), स्ट्रक्चरल सेफ्टी सर्टिफिकेट और पड़ोसियों की सहमति (NOC) होनी चाहिए।
- यदि टावर छत पर लगना है, तो प्रमाणित इंजीनियर द्वारा बिल्डिंग की मजबूती का प्रमाण पत्र अनिवार्य है।
















