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Cyber Fraud? अब घर बैठे वापस मिल सकता है ठगी का पैसा! तुरंत इस पोर्टल पर करें शिकायत

साइबर फ्रॉड से परेशान? अब घर बैठे www.cybercrime.gov.in पोर्टल पर शिकायत करें और 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करें। 24 घंटे में रिपोर्टिंग से पैसे फ्रीज हो सकते हैं, रिफंड चांस 80%! UPI, OTP स्कैम, बैंकिंग फ्रॉड रिपोर्ट करें। स्टेप्स: ब्लॉक करें, कॉल करें, ऑनलाइन फॉर्म भरें। समय पर ऐक्शन लें, पैसा वापस पाएं!

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how to report online fraud on national cyber crime reporting portal

डिजिटल भारत के इस दौर में ऑनलाइन लेन-देन, UPI पेमेंट्स और सोशल मीडिया ने जीवन आसान बना दिया है, लेकिन साथ ही साइबर अपराधों का ग्राफ भी रॉकेट की स्पीड से बढ़ गया है। हर दिन हजारों लोग फर्जी कॉल, OTP स्कैम, फिशिंग लिंक या स्क्रीन शेयरिंग के चक्कर में लाखों-करोड़ों रुपये गंवा रहे हैं। लेकिन अच्छी खबर यह है कि भारत सरकार ने साइबर फ्रॉड के शिकार लोगों के लिए एक मजबूत हथियार मुहैया कराया है- नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP)

यह पोर्टल गृह मंत्रालय के अधीन संचालित होता है और घर बैठे शिकायत दर्ज करने का सरल तरीका देता है। समय पर शिकायत करने से न केवल फ्रॉड अकाउंट फ्रीज हो जाता है, बल्कि ठगे पैसे वापस मिलने की संभावना भी 70-80% तक बढ़ जाती है।

पोर्टल और हेल्पलाइन

साइबर फ्रॉड का शिकार होते ही घबराएं नहीं। मुख्य हथियार हैं www.cybercrime.gov.in (हिंदी इंटरफेस उपलब्ध) और हेल्पलाइन 1930। यह सुविधा भारतीय साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) से जुड़ी है, जो राज्य पुलिस और साइबर सेल को तुरंत अलर्ट करती है। 1930 पर कॉल करें तो ऑपरेटर ट्रांजैक्शन डिटेल लेते हुए संदिग्ध खाते को रोकने की प्रक्रिया शुरू कर देता है। पोर्टल पर तीन कैटेगरी हैं – Financial FraudWomen/Children Related Crime और Other Cyber Crime। वित्तीय फ्रॉड केस में UPI, नेटबैंकिंग, कार्ड या वॉलेट स्कैम रिपोर्ट करें।

पैसे वापसी की शर्तें

पैसे रिकवर होने की कुंजी है 24 घंटे के अंदर शिकायत। अगर ट्रांजैक्शन पेंडिंग या फ्रॉड अकाउंट में अटका है, तो बैंक और पुलिस मिलकर उसे फ्रीज कर देते हैं – रिफंड चांस 90% से ज्यादा। लेकिन अगर पैसा म्यूल अकाउंट्स, क्रिप्टो या कई लेयर्स में घूम चुका, तो रिकवरी मुश्किल, हालांकि FIR से लंबी जांच चलती है। सटीक प्रूफ जैसे SMS, स्क्रीनशॉट, ट्रांजैक्शन ID, बैंक स्टेटमेंट जरूरी। NCRB डेटा के मुताबिक, 2025 में 1.6 लाख से ज्यादा साइबर केस दर्ज हुए, जिनमें से समय पर रिपोर्टिंग वाले 40% मामलों में रिफंड हुआ।​

स्टेप-बाय-स्टेप गाइड

  1. बैंक/ऐप ब्लॉक करें: डेबिट कार्ड, UPI PIN, नेटबैंकिंग तुरंत डिसेबल करें। पासवर्ड बदलें।
  2. 1930 पर कॉल: तारीख, रकम, UPI ID, ट्रांजैक्शन ID बताएं। यह सीधे साइबर पुलिस को फॉरवर्ड होता है।
  3. पोर्टल पर शिकायत: साइट खोलें, ‘File a Complaint’ क्लिक करें। OTP से लॉगिन (नया यूजर रजिस्टर करें), राज्य चुनें, कैटेगरी सिलेक्ट करें। घटना का 200+ शब्दों में विवरण, ID प्रूफ (आधार/पैन – 5MB JPG/PNG), ट्रांजैक्शन ID, स्कैमर का नंबर/URL अपलोड करें। यूनिक शिकायत नंबर मिलेगा।
  4. थाने में FIR: बड़ी रकम पर प्रिंटआउट लेकर साइबर थाने जाएं।

रिपोर्टेबल फ्रॉड्स

UPI/कार्ड फ्रॉड, शॉपिंग स्कैम (OLX, फेक साइट्स), जॉब/लोन ऐप ठगी, सोशल मीडिया ब्लैकमेल (महिलाओं के लिए स्पेशल सेक्शन), ईमेल फिशिंग, हैकिंग।

ट्रैकिंग और आगे प्रक्रिया

‘Track Complaint’ में नंबर डालें- स्टेटस दिखेगा: Under Scrutiny, Investigation, Action Taken। पुलिस बैंक से डिटेल मंगाकर अकाउंट ट्रेस करती है। फ्रीज होने पर अदालती मंजूरी से रिफंड (1-3 महीने लग सकते हैं)।

टिप्स: रिकवरी चांस 100% करने को

  • तीनों जगह (बैंक, 1930, पोर्टल) शिकायत करें।
  • स्कैमर से बात न करें, प्रूफ सेव करें।
  • अधिकारी डिटेल नोट करें।
  • छोटे फ्रॉड भी रिपोर्ट करें – नेटवर्क ब्लॉक होता है।​

बचाव के उपाय

OTP/CVV कभी शेयर न करें। स्क्रीन शेयर ऐप्स (AnyDesk) अवॉइड करें। सिर्फ ऑफिशियल ऐप्स यूज करें। फेक नंबरों से सावधान। साइबर जागरूकता अभियान में I4C ने 10 करोड़+ मैसेज भेजे हैं।

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info@nitap.in

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