क्रेडिट कार्ड आजकल हर जेब का हिस्सा बन चुका है। लेकिन ऊंची सर्विस शुल्क या अनचाहे खर्चों से तंग आकर कई लोग इसे बंद करने की सोचते हैं। यह फैसला जल्दबाजी में न लें। कार्ड सरेंडर करने से आपका CIBIL स्कोर बुरी तरह प्रभावित हो सकता है। मुख्य कारण हैं क्रेडिट उपयोग अनुपात का बिगड़ना, क्रेडिट इतिहास का छोटा होना और क्रेडिट प्रकारों का असंतुलन। इनसे स्कोर में 50 से 100 अंकों की गिरावट आ सकती है, जो भविष्य के लोन या क्रेडिट सुविधाओं के लिए मुश्किल खड़ी कर देगी।

Table of Contents
क्रेडिट उपयोग अनुपात पर सबसे ज्यादा असर
क्रेडिट कार्ड बंद करने का सबसे तीखा जख्म क्रेडिट यूटिलाइजेशन रेशियो (CUR) को लगता है। यह CIBIL स्कोर का करीब 30 प्रतिशत हिस्सा तय करता है। अगर आपके पास दो कार्ड हैं जिनकी कुल लिमिट 2 लाख रुपये है और आप 40 हजार रुपये खर्च करते हैं, तो CUR मात्र 20 प्रतिशत रहता है। यह स्तर बैंकों को पसंद आता है। लेकिन एक कार्ड बंद करने पर लिमिट घटकर 1 लाख रह जाती है। अब वही खर्च CUR को 40 प्रतिशत तक पहुंचा देता है। इतना ऊंचा अनुपात बैंकों को संकेत देता है कि आप कर्ज चुकाने में जोखिम भरे हैं। नतीजा स्कोर में तत्काल तेज गिरावट। विशेष रूप से हाई लिमिट वाले कार्ड को बंद करना ज्यादा खतरनाक साबित होता है।
क्रेडिट इतिहास की उम्र घटने का खतरा
CIBIL स्कोर का 15 प्रतिशत क्रेडिट इतिहास की औसत लंबाई पर निर्भर करता है। पुराना कार्ड बंद करने से यह औसत आयु कम हो जाती है। उदाहरण के तौर पर दो कार्डों की औसत उम्र 4 साल है एक 2 साल पुराना और दूसरा 6 साल पुराना। अगर लंबे समय वाला कार्ड आप सरेंडर कर देते हैं तो औसत घटकर सिर्फ 2 साल रह जाता है। बैंकों को लंबा ट्रैक रिकॉर्ड भरोसेमंद लगता है। छोटा इतिहास नौसिखियों जैसा संदेह पैदा करता है। फलस्वरूप लोन अप्रूवल में देरी या रिजेक्शन का सामना करना पड़ सकता है। कई बार यह प्रभाव 6 महीने तक रहता है।
यह भी पढ़ें- Credit Card होल्डर की मौत के बाद कौन भरेगा बकाया बिल? बैंक के इन कड़े नियमों को जानना है जरूरी
क्रेडिट मिक्स बिगड़ने की समस्या
स्कोर गणना में क्रेडिट मिक्स का 10 प्रतिशत योगदान होता है। यह रिवॉल्विंग क्रेडिट जैसे कार्ड और इंस्टॉलमेंट लोन जैसे होम लोन के संतुलन को देखता है। सिर्फ कार्ड बंद करने से आपका मिक्स रिवॉल्विंग पक्ष पर भारी हो जाता है। अगर आपके पास पहले से लोन कम हैं तो यह असंतुलन और गहरा जाता है। बैंकों को विविध क्रेडिट प्रोफाइल ज्यादा सुरक्षित लगती है। एकतरफा मिक्स जोखिम बढ़ाता है जिससे स्कोर नीचे आता है।
कैसे बचें इन नुकसानों से?
कार्ड बंदी से पहले पूरी तैयारी करें। सबसे पहले सभी बकाया राशि चुकta कर दें। CUR को 30 प्रतिशत से कम रखने की कोशिश करें। कम इस्तेमाल होने वाले कार्ड को बंद न करें बल्कि उसे सोते हुए रखें। छोटे-मोटे खर्च उस पर करें और तुरंत भुगतान कर दें। जरूरत पड़ने पर पहले नया कार्ड ले लें या मौजूदा लिमिट बढ़वाएं। समय पर हर बिल भरें और अनावश्यक हार्ड इंक्वायरी से बचें। 3 से 6 महीनों में स्कोर खुद सुधरने लगेगा।
स्मार्ट फैसला ही समाधान
2026 के इस डिजिटल युग में क्रेडिट कार्ड जरूरी साधन है। लेकिन अंधेरे में बंद न करें। सही रणनीति से नुकसान टल सकता है। खासकर देहरादून जैसे शहरों में जहां लोग होम लोन या कार लोन पर निर्भर हैं वहां CIBIL स्कोर की रक्षा अनिवार्य है। सोच-समझकर कदम उठाएं ताकि वित्तीय भविष्य सुरक्षित रहे।
















