
मिडिल ईस्ट के सबसे शक्तिशाली देशों में से एक, ईरान इस वक्त अपने इतिहास के सबसे बड़े नेतृत्व संकट से गुजर रहा है, 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजराइल के भीषण हवाई हमलों (ऑपरेशन एपिक फ्यूरी) में सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की पुष्टि के बाद, देश की सत्ता को लेकर खींचतान तेज हो गई है, एक तरफ जहाँ वर्तमान शासन ने ‘अंतरिम परिषद’ का गठन किया है, वहीं दूसरी ओर निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी ने खुद को ‘अंतरिम सरकार’ का मुखिया घोषित कर दिया है।
यह भी देखें: इंसानों का काम खत्म? OpenAI ने लॉन्च किया GPT-5.4, अब आपका पूरा कंप्यूटर खुद चलाएगा यह ‘सुपर AI’!
Table of Contents
तेहरान में ‘अस्थाई’ व्यवस्था
ईरान की सरकारी न्यूज एजेंसी ISNA के अनुसार, खामेनेई के उत्तराधिकारी के चयन तक देश की कमान एक अस्थाई नेतृत्व परिषद को सौंपी गई है।
- अली रेजा अराफी: इन्हें ‘अंतरिम सुप्रीम लीडर’ के तौर पर नियुक्त किया गया है।
- संवैधानिक ढांचा: इस परिषद में राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन और मुख्य न्यायाधीश शामिल हैं, जो नए स्थायी नेता के चुने जाने तक शासन चलाएंगे।
रजा पहलवी का बड़ा दावा और ‘अंतरिम सरकार’
वाशिंगटन में निर्वासित जीवन बिता रहे ईरान के पूर्व शाह के बेटे, रजा पहलवी ने इस शून्य को भरने के लिए अपनी ‘प्रॉविजनल गवर्नमेंट’ (Provisional Government) की घोषणा की है।
- मुख्य उद्देश्य: पहलवी का दावा है कि उनकी सरकार का लक्ष्य ईरान में धर्मनिरपेक्ष लोकतंत्र की स्थापना करना और निष्पक्ष चुनाव आयोजित कराना है।
- बड़े वादे: उन्होंने सत्ता संभालने के तुरंत बाद अमेरिका और इजराइल के साथ कूटनीतिक संबंध बहाल करने और विवादित परमाणु कार्यक्रमों को अंतरराष्ट्रीय निगरानी में बंद करने का वादा किया है।
यह भी देखें: यूट्यूब का नया फीचर: अब वीडियो देखते हुए करें ‘चैटिंग’! WhatsApp को टक्कर देने के लिए आया इन-बिल्ट मैसेजिंग सिस्टम
क्या होती है ‘अंतरिम सरकार’?
राजनीतिक शब्दावली में अंतरिम या अस्थाई सरकार (Interim Government) वह व्यवस्था है जो किसी क्रांति, तख्तापलट या सत्ता के अचानक गिरने के बाद संक्रमण काल (Transition Period) के लिए बनाई जाती है।
- कार्यकाल: यह स्थायी नहीं होती। इसका मुख्य काम नए संविधान का निर्माण और चुनाव कराना होता है।
- कानून-व्यवस्था: अराजकता की स्थिति में देश की सुरक्षा सुनिश्चित करना इसकी प्राथमिकता होती है।
- वैधता: अक्सर ऐसी सरकारों को अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त करने के लिए संघर्ष करना पड़ता है।
ईरान का भविष्य: लोकतंत्र या और अधिक तनाव?
वर्तमान में ईरान दो फाड़ नजर आ रहा है, जहाँ तेहरान का मौजूदा तंत्र अराफी के नेतृत्व में नियंत्रण बनाए रखने की कोशिश कर रहा है, वहीं सड़कों पर प्रदर्शनकारी और निर्वासित नेता रजा पहलवी शासन परिवर्तन (Regime Change) की मांग कर रहे हैं, आने वाले कुछ दिन यह तय करेंगे कि क्या ईरान एक नई लोकतांत्रिक राह पर चलेगा या वहां दशकों पुराना धार्मिक शासन ही नए चेहरे के साथ जारी रहेगा।
















