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LPG Cylinder Price Today: 15 मार्च को क्या फिर बढ़े रसोई गैस के भाव? दिल्ली से मुंबई तक देखें आपके शहर की नई कीमत

रसोई गैस सिलेंडर महंगा! 15 मार्च से दिल्ली में 913, मुंबई 912.50 रुपये। एक साल बाद 60 रुपये की बढ़ोतरी। परिवारों पर बोझ, कमर्शियल गैस भी महंगी। तेल कीमतों का असर।

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रसोई गैस यानी एलपीजी सिलेंडर के दामों में आज से भारी बढ़ोतरी हो गई है। 14.2 किलो का घरेलू सिलेंडर अब हर प्रमुख शहर में करीब 60 रुपये महंगा हो गया। यह बदलाव पिछले एक साल बाद पहली बड़ी वृद्धि है, जो आम परिवारों के बजट को झकझोर रहा है। खासकर मध्यम वर्ग की महिलाओं के लिए यह मुश्किल भरा साबित हो रहा, क्योंकि रसोई का रोजमर्रा का खर्च चढ़ गया।

LPG Cylinder Price Today: 15 मार्च को क्या फिर बढ़े रसोई गैस के भाव? दिल्ली से मुंबई तक देखें आपके शहर की नई कीमत

शहरवार घरेलू सिलेंडर की नई कीमतें

दिल्ली में अब 14.2 किलो सिलेंडर की कीमत 913 रुपये है, जबकि पहले यह 853 रुपये थी। मुंबई में 912 रुपये 50 पैसे, कोलकाता में 939 रुपये और चेन्नई में 928 रुपये 50 पैसे तक पहुंच गई। नोएडा और देहरादून जैसे उत्तर भारत के शहरों में भी दिल्ली के बराबर यानी 913 रुपये की दर लागू हो गई। जयपुर में यह 916 रुपये 50 पैसे पर पहुंची। ये गैर-सब्सिडी वाली दरें हैं। उज्ज्वला योजना के तहत गरीब परिवार अभी भी सब्सिडी का लाभ ले सकते हैं, लेकिन बाकी लोगों को पूरा बोझ उठाना पड़ रहा।

कमर्शियल सिलेंडर पर और ज्यादा मार

व्यवसायिक उपयोग के 19 किलो के सिलेंडर पर बढ़ोतरी 100 से 144 रुपये तक रही। दिल्ली में इसकी कीमत करीब 1958 रुपये, मुंबई में 1720 रुपये, कोलकाता में 2133 रुपये 50 पैसे और चेन्नई में 1929 रुपये हो गई। जयपुर में यह 1883 रुपये पर आ गया। रेस्तरां, ढाबे और छोटे होटलों के मालिक परेशान हैं, क्योंकि इससे उनके परिचालन खर्च में इजाफा हो गया। कई व्यापारी ग्राहकों को ऊंची कीमतें वसूलने या व्यवसाय कम करने का सोच रहे।

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बढ़ोतरी के पीछे वैश्विक दबाव

यह कदम अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों के उछाल से उपजा है। डॉलर के मुकाबले रुपये की गिरती मजबूती और आयात महंगा होने से तेल कंपनियों को नुकसान हो रहा था। वैश्विक तनावों ने सप्लाई चेन बाधित कर दी, जिसका सीधा असर घरेलू बाजार पर पड़ा। पिछले साल अप्रैल में दिल्ली में 853 रुपये की दर अगस्त तक घटकर 803 रुपये रह गई थी। फरवरी तक फिर स्थिर हुई, लेकिन मार्च में यह अचानक चढ़ गई। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर तेल बाजार शांत न हुआ तो आने वाले महीनों में और बदलाव देखने को मिल सकते।

उपभोक्ताओं की बढ़ी चिंता

गृहिणियां सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। दिल्ली की एक महिला ने बताया कि पहले महीने का बिल कट रहा था, अब गैस पर अतिरिक्त 60 रुपये का खर्च। उपभोक्ता संगठन सरकार से सब्सिडी सीमा बढ़ाने की मांग कर रहे। तेल कंपनियां कालाबाजारी रोकने के लिए डिजिटल ट्रैकिंग मजबूत करने का भरोसा दिला रही। IOC, BPCL या HPCL की वेबसाइट पर जाकर शहर की ताजा दरें चेक की जा सकती। कई लोग अब इंडक्शन चूल्हा या सस्ते विकल्प तलाश रहे। यह बढ़ोतरी न सिर्फ रसोई का खर्च बढ़ाएगी, बल्कि समग्र महंगाई को भी भड़काएगी।

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info@nitap.in

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