
लगातार बढ़ती महंगाई के दौर में रसोई का बजट बिगड़ना आम बात है, खासकर एलपीजी (LPG) सिलेंडर की कीमतों और उसके जल्दी खत्म होने की चिंता हर गृहिणी को सताती है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी रसोई में मौजूद कुछ छोटी-छोटी आदतें गैस की भारी बचत कर सकती हैं?
यह भी देखें: PPF में पैसे डालकर भी नहीं मिल रहा फायदा? कहीं आप भी तो नहीं कर रहे ये 5 बड़ी गलतियां
Table of Contents
बर्नर की सफाई है जरूरी
अगर आपके गैस चूल्हे की लौ पीली या नारंगी निकल रही है, तो समझ लीजिए कि गैस बर्बाद हो रही है, बर्नर के छेद बंद होने से ईंधन की खपत बढ़ जाती है, इसे नियमित रूप से साफ रखें ताकि नीली लौ (Blue Flame) मिले, जो सबसे अधिक गर्मी देती है।
ढककर पकाएं खाना
खुले बर्तन में खाना पकाने से भाप के साथ गर्मी बाहर निकल जाती है, हमेशा पैन या कड़ाही को ढक्कन से ढककर पकाएं, इससे खाना जल्दी बनता है और गैस कम खर्च होती है।
प्रेशर कुकर का अधिकतम उपयोग
दाल, चावल या सख्त सब्जियां बनाने के लिए प्रेशर कुकर का ही इस्तेमाल करें। यह सामान्य बर्तनों की तुलना में 70% तक गैस की बचत कर सकता है।
सामग्री पहले से तैयार रखें
अक्सर लोग गैस जलाकर सब्जियां काटना या मसाले ढूंढना शुरू करते हैं, कुकिंग शुरू करने से पहले सारी तैयारी (सब्जी काटना, मसाला पीसना) कर लें, ताकि चूल्हा बेवजह न जलता रहे।
यह भी देखें: इनकम टैक्स का नोटिस आएगा ही नहीं! सेविंग अकाउंट के लिए अभी से अपना लें ये ‘गोल्डन रूल्स’
गीले बर्तनों को पोंछ लें
चूल्हे पर बर्तन रखने से पहले उसे सूखे कपड़े से पोंछ लें अगर आप गीला बर्तन रखते हैं, तो गैस की ऊर्जा पहले बर्तन का पानी सुखाने में बर्बाद होती है।
फ्रिज से निकाली चीजों को तुरंत न पकाएं
ठंडी सब्जियों या दूध को सीधे आंच पर न रखें। उन्हें पहले कमरे के तापमान (Room Temperature) पर आने दें, वरना उन्हें गर्म करने में दोगुनी गैस खर्च होगी।
पानी की सही मात्रा
सब्जी या दाल में जरूरत से ज्यादा पानी न डालें। अतिरिक्त पानी को सुखाने के लिए आपको देर तक गैस जलानी पड़ती है, जिससे ईंधन की बर्बादी होती है, छोटे बर्तनों के लिए हमेशा छोटे बर्नर का उपयोग करें। बड़े बर्नर पर छोटा बर्तन रखने से आंच किनारों से बाहर निकल जाती है और ऊर्जा व्यर्थ जाती है।
दालों को भिगोकर रखें
चावल या दाल बनाने से 15-20 मिनट पहले उन्हें पानी में भिगो दें, इससे वे जल्दी गल जाते हैं और कुकिंग टाइम काफी कम हो जाता है, एक बार बर्तन गर्म हो जाए और उबाल आ जाए, तो आंच धीमी कर दें तेज आंच पर खाना जल्दी नहीं पकता, बल्कि पानी जल्दी सूखता है और गैस ज्यादा जलती है।
सही बर्तनों का चुनाव
मिट्टी के बर्तन या बहुत भारी तले वाले बर्तन गर्म होने में समय लेते हैं, स्टेनलेस स्टील या तांबे के तले वाले बर्तनों का उपयोग करें, जो तेजी से गर्म होते हैं, रेगुलेटर, पाइप और बर्नर की नियमित जांच करें, मामूली सा लीकेज न केवल गैस बर्बाद करता है, बल्कि सुरक्षा के लिहाज से भी खतरनाक है।
इन छोटे लेकिन कारगर बदलावों को अपनाकर आप न केवल अपना रसोई बजट संतुलित कर सकते हैं, बल्कि ऊर्जा संरक्षण में भी योगदान दे सकते हैं, आज ही अपनी आदतों में ये सुधार लाएं और सिलेंडर खत्म होने की टेंशन को कहें अलविदा।
















